राहुल गांधी ने शेयर किया श्रीनगर एयरपोर्ट पर रोके जाने का वीडियो, कहा ‘हमें कठोर प्रशासन और क्रूर बल का मिला स्वाद’
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज श्रीनगर एयरपोर्ट पर उन्हें और विपक्षी दलों के प्रतिनिधिमंडल को रोके जाने का एक वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो के जरिएं उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि घाटी में हालात सामान्य नहीं हैं.
श्रीनगर: कांग्रेस (Congress) के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने आज श्रीनगर एयरपोर्ट (Srinagar Airport) पर उन्हें और विपक्षी दलों के प्रतिनिधिमंडल को रोके जाने का एक वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो के जरिएं उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि घाटी में हालात सामान्य नहीं हैं. इसमें वह अधिकारियों से कह रहे हैं कि उन्हें राज्यपाल ने आमंत्रित किया है. इसलिए उन्हें आगे जाने दिया जाएं. हालांकि राहुल के नेतृत्व वाले विपक्षी प्रतिनिधिमंडल को एअरपोर्ट से ही वापस लौटना पड़ा.
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने वीडियो के साथ लिखा, ‘जम्मू और कश्मीर के लोगों की आजादी छिने हुए और वहां नागरिक स्वतंत्रता पर अंकुश लगे पूरे 20 दिन हो चुके हैं. जब हमने श्रीनगर आने की कोशिश की तो विपक्ष के नेताओं और प्रेस के लोगों को कठोर प्रशासन और क्रूर बल का स्वाद चखने को मिला.’
यहां देखें वीडियो-
It's been 20 days since the people of Jammu & Kashmir had their freedom & civil liberties curtailed. Leaders of the Opposition & the Press got a taste of the draconian administration & brute force unleashed on the people of J&K when we tried to visit Srinagar yesterday. pic.twitter.com/PLwakJM5W5
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) August 25, 2019
शनिवार को राहुल गांधी समेत विपक्षी दलों के 12 नेताओं के प्रतिनिधिमंडल को श्रीनगर एअरपोर्ट पर उतरते ही रोक लिया गया. इसके बाद शाम 6.45 बजे दिल्ली पहुंचने पर राहुल ने संवाददाताओं को बताया "हम लोगों का हालचाल लेना चाहते थे लेकिन हमें हवाईअड्डे से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई." कांग्रेस नेता ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा, "हमारे साथ जो प्रेस के लोग थे, उनके साथ बदसलूकी की गई और उनको पीटा गया. इससे जाहिर है कि जम्मू-कश्मीर में हालात सामान्य नहीं हैं."
जम्मू और कश्मीर प्रशासन ने पहले ही विपक्ष के नेताओं को सलाह दी थी कि वे यहां दौरे पर न आएं और राज्य में धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हालात में बाधा डालने का प्रयास नहीं करें. गौरतलब है कि पांच अगस्त से धारा 370 को निष्प्रभावी किए जाने और राज्य से विशेष राज्य का दर्जा वापस लिए जाने के बाद से सुरक्षा कारणों से घाटी में लॉकडाउन है.
शनिवार को राहुल गांधी के साथ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के नेता डी राजा, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता सीताराम येचुरी, कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा और केसी वेणुगोपाल, लोकक्रांति जनता दल (लोजद) प्रमुख शरद यादव, तृणमूल कांग्रेस के नेता दिनेश त्रिवेदी, द्रमुक के त्रिचि शिवा, राकांपा के नेता मजीद मेमन, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता मनोज झा और जनता दल(सेकुलर) के डी कुपेंद्रा रेड्डी विपक्षी प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे.
इससे पहले राहुल गांधी और जम्मू एवं कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक के बीच ट्विटर वार हुई थी. तब राज्यपाल ने कहा था कि राहुल फर्जी खबरों पर प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और स्थिति का राजनीतिकरण करने का प्रयास कर रहे हैं. इसके साथ ही राज्यपाल ने 12 अगस्त को राहुल गांधी को कहा था कि वह उनके लिए एक विमान भेजेंगे, ताकि वह खुद अपनी आंखों से देखें की जमीनी हकीकत क्या है. इसके जवाब में राहुल ने कहा था कि उन्हें विमान नहीं चाहिए, बस यात्रा करने और लोगों से मिलने की अनुमति चाहिए.
(एजेंसी इनपुट के साथ)
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 25, 2019 07:18 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

