नई दिल्ली : उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग के सचिव रमेश अभिषेक (Ramesh Abhishek) ने कहा है कि आम बजट में स्टार्टअप कंपनियों के लिए घोषित उपायों से नए विचारों के साथ खोले जाने वाले इन उद्यमों में पूंजी का प्रवाह बढ़ेगा. साथ ही नए-नए उद्यमी भी आगे आएंगे. अभिषेक ने कहा कि इस बजट में ऐसे उद्यमों के लिए एंजल कर को लेकर भय एवं आशंकाओं को दूर किया गया है.
अभिषेक ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘स्टार्टअप कंपनियों के लिए कर सुधारों की घोषणा की जा चुकी है. इससे इनमें पूंजी के प्रवाह में तेजी आएगी.’’ बजट में स्टार्टअप कंपनियों के लंबित कर आकलन और कर संबंधी शिकायतों के समाधान के लिए केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) द्वारा विशेष प्रशासनिक प्रबंध किए जाने का प्रस्ताव है.
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इसके अलावा सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि लंबित मामलों में कोई कर अधिकारी (फील्ड ऑफिसर) अपने पर्यवेक्षक की अनुमति के बगैर जांच और सत्यापन की कार्रवाई शुरू नहीं करेगा.
उन्होंने कहा कि इससे स्टार्टअप उद्यमियों को अपने व्यवसाय पर अधिक ध्यान देने में मदद मिलेगी और नियामकीय अनुपालन बोझ घटेगा.
सरकार ने 16 जनवरी 2016 को ‘स्टार्टअप इंडिया’ पहल के तहत नव प्रवर्तक उद्योगों और उद्यमिता को बढ़ावा देने का अभियान शुरू किया था. विभाग ने अब तक 19,710 स्टार्टअप कंपनियों को मान्यता दी है. इनमें से 540 को एंजल कर से छूट मिल रही है.













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