बीएमसी चुनाव 2022: शिवसेना और NCP एक साथ मिलकर लड़ सकती हैं BMC चुनाव, अजीत पवार ने भरी हुंकार
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद बीजेपी और शिवसेना में सीएम पद को लेकर विवाद खत्म नहीं हुआ. जिसके कारण बीजेपी और शिवसेना के बीच लगभग 2 दशक पुरानी गठबंधन का अंत हो गया. कभी एक मंच पर नजर आने वाले बीजेपी और सेना के नेता अब एक दूसरे पर तंज कसने का मौका तलाशते हैं. लेकिन अब दोनों पार्टियों ने अलग राह पर चलना शुरू कर दिया है. वहीं शिवसेना के साथ सत्ता में कांग्रेस और एनसीपी अब बीजेपी को चारो तरफ से पटखनी देने का मन बना चुकी हैं, दरअसल राष्ट्रवादी कांग्रेस के नेता और महाराष्ट्र के डेप्युटी सीएम अजित पवार ने एक कार्यक्रम के दौरान बीएमसी ( BMC) चुनाव की चर्चा करते हुए कहा कि हमे अब दूसरे नंबर की पार्टी बनना है.
मुंबई: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद बीजेपी और शिवसेना में सीएम पद को लेकर विवाद खत्म नहीं हुआ. जिसके कारण बीजेपी और शिवसेना के बीच लगभग 2 दशक पुरानी गठबंधन का अंत हो गया. कभी एक मंच पर नजर आने वाले बीजेपी और सेना के नेता अब एक दूसरे पर तंज कसने का मौका तलाशते हैं. लेकिन अब दोनों पार्टियों ने अलग राह पर चलना शुरू कर दिया है. वहीं शिवसेना के साथ सत्ता में कांग्रेस और एनसीपी अब बीजेपी को चारो तरफ से पटखनी देने का मन बना चुकी हैं, दरअसल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता और महाराष्ट्र के डेप्युटी सीएम अजित पवार ने एक कार्यक्रम के दौरान बीएमसी ( BMC) चुनाव की चर्चा करते हुए कहा कि हमे अब दूसरे नंबर की पार्टी बनना है.
अजित पवार ने कहा कि, बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) में नंबर एक पार्टी है और उन्हें अपनी जगह बना रहना चाहिए, क्योंकि वे हमारे गठबंधन के साथी हैं, लेकिन NCP को आगामी BMC चुनावों में दूसरे स्थान पर आने की कोशिश करनी चाहिए. उन्होंने कहा, NCP कार्यकर्ताओं को हमारे सहयोगियों के बारे में गलतफहमी नहीं होनी चाहिए क्योंकि आने वाले दिनों में हमें एक साथ चुनाव लड़ना है. अजित पवार के बयान से साफ पता चलता है कि आगामी बीएमसी चुनाव में भी शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी बनाम बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है. यह भी पढ़ें:- महाराष्ट्र मुस्लिम आरक्षण: नवाब मलिक के बयान पर मुख्तार अब्बास नकवी का तंज, कहा- कितने राज्यों ने ऐसा करके लोगों को बेवकूफ बनाया.
गौरतलब हो कि अगला बीएमसी चुनाव 2022 में होनी है. ऐसे में बीजेपी-शिवसेना दोनों ने जीत के लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी है. अगर पिछले बीएमसी चुनाव पर नजर डालें तो बीजेपी ने 2017 में 227 सीटों में से 82 सीटों पर जीत दर्ज की थी जबकि शिवसेना को 86 सीटें हासिल हुई थीं. लेकिन बाद में मनसे के 5 नगरसेवक शिवसेना में शामिल हो गए थे. जिससे शिवसेना की संख्या 92 हो गई थी.