'वन नेशन, वन हसबैंड' बयान पर बवाल! बीजेपी सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने संजय सिंह को दिया करारा जवाब

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता संजय सिंह द्वारा 'वन नेशन, वन हसबैंड' टिप्पणी को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने जोरदार पलटवार किया है. उन्होंने संजय सिंह की टिप्पणी को मानसिक असंतुलन का संकेत बताया और 'ऑपरेशन सिंदूर' अभियान का मजबूती से बचाव किया.

क्या कहा खंडेलवाल ने?

प्रवीन खंडेलवाल ने ANI से बातचीत में कहा, "संजय सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'दो चुटकी सिंदूर' का महत्व नहीं जानते. उन्होंने ताना मारा कि सिंदूर तो पति की लंबी उम्र और सम्मान का प्रतीक होता है. फिर वे बोले – 'वन नेशन, वन इलेक्शन', 'वन नेशन, वन लीडर' के बाद अब 'वन नेशन, वन हसबैंड' हो गया है. मुझे लगता है कि संजय सिंह अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं. क्या कोई इस तरह की बात की कल्पना कर सकता है?"

'ऑपरेशन सिंदूर' का मतलब समझाया

बीजेपी सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बेहतर सिंदूर का महत्व कोई नहीं जान सकता. “अगर सिंदूर का महत्व नहीं होता, तो इस ऑपरेशन का नाम 'सिंदूर' क्यों रखा जाता? इसका नाम सोच-समझकर रखा गया है. पाकिस्तान के खिलाफ जिस कार्रवाई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ कहा गया, वह देश की महिलाओं की भावना से जुड़ी है. जो भी इस पर मजाक करेगा, वही मज़ाक बन जाएगा.”

क्या है ‘ऑपरेशन सिंदूर’?

22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में कई महिलाओं ने अपने पतियों को खो दिया. इसी दर्द को ध्यान में रखते हुए, भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई को 'ऑपरेशन सिंदूर' नाम दिया गया. इस ऑपरेशन में पाकिस्तान और POK में आतंकियों के 9 ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक की गई थी.

संजय सिंह ने क्या कहा था? 

आप नेता संजय सिंह ने बीजेपी के ‘घर-घर सिंदूर अभियान’ को सस्ता राजनीतिक स्टंट बताया और तंज कसते हुए इसे ‘वन नेशन, वन हसबैंड’ स्कीम करार दिया. उन्होंने पूछा – क्या इसका मतलब है कि देश की सभी महिलाओं को प्रधानमंत्री को पति मानना होगा? उन्होंने एक्स (Twitter) पर लिखा, “दो चुटकी सिंदूर का महत्व आप क्या जानेंगे मोदी जी?”

राजनीतिक बहस गरमाई 

इस पूरे विवाद पर केरल कांग्रेस ने भी एक पोस्टर शेयर किया जिसमें पीएम मोदी के साथ लिखा गया – ‘वन नेशन, वन हसबैंड’. वहीं बीजेपी कर्नाटक ने पलटवार करते हुए कांग्रेस पर हिंदू विरोधी मानसिकता का आरोप लगाया.

BJP ने क्या सफाई दी?

बीजेपी ने इस पूरे अभियान को लेकर सफाई दी है कि 'घर-घर सिंदूर वितरण' जैसी कोई योजना पार्टी की ओर से आधिकारिक रूप से नहीं चलाई जा रही है. मीडिया रिपोर्ट्स को उन्होंने खारिज कर दिया.

'ऑपरेशन सिंदूर' और ‘वन नेशन, वन हसबैंड’ टिप्पणी को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. जहां बीजेपी इसे महिलाओं की भावना से जुड़ा सम्मानजनक प्रतीक बता रही है, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक ड्रामा करार दे रहा है. देखना होगा कि इस बहस का आगे क्या असर पड़ता है.