बिहार: कुशवाहा के बाद अब चिराग पासवान ने भी बढाई अमित शाह-नीतीश कुमार की मुश्किलें, बोले- पार्टी असम्मानजनक सीट बंटवारे को नहीं मानेगी
पार्टी ने बुधवार को कहा है कि वह लोकसभा चुनावों के लिए बिहार में किसी भी तरह से अपमानजनक सीट साझा करने की व्यवस्था को स्वीकार नहीं करेंगे. गठबंधन के सबसे बड़े दल के रूप में बीजेपी की जिम्मेदारी है कि वह अपने सहयोगियों के लिए और सामंजस्य बनाए.
नई दिल्ली: एनडीए (NDA) के सीट शेयरिंग फॉर्मूला के बाद से बिहार (Bihar) की राजनीति में तनातनी जारी है. इसी कड़ी में अब लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) ने अपने स्वर उंचे कर लिए हैं. पार्टी ने बुधवार को कहा है कि वह लोकसभा चुनावों के लिए बिहार में किसी भी तरह से अपमानजनक सीट साझा करने की व्यवस्था को स्वीकार नहीं करेंगे. गठबंधन के सबसे बड़े दल के रूप में बीजेपी की जिम्मेदारी है कि वह अपने सहयोगियों के लिए और सामंजस्य बनाए.
एलजेपी के 19वें स्थापना दिवस पर पार्टी के संसदीय बोर्ड के चेयरमैन चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने कहा "बीजेपी अध्यक्ष ने हमारे समझौते के बारे में बात की थी. मैं ऐसी सीटों के नंबर पर बिल्कुल समझौता नहीं करूंगा जो लोक जनशक्ति पार्टी के लिए अपमानजनक हो." उन्होंने कहा कि बिहार के लिए सीट बंटवारे का फार्मूला जल्द सामने आएगा और उन अटकलों को खारिज कर दिया कि 2014 की तुलना में एलजेपी को कम सीटें दी जा सकती है.
सीट शेयरिंग को सार्वजनिक करना कुशवाहा की गलती
बिहार में सीट बंटवारे को लेकर आरएलएसपी (RLSP) प्रमुख और केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा (Upendra Kushwaha) की नाराजगी के बारे में बात करते हुए पासवान ने कहा,‘मैं कुशवाहा के असंतोष को नहीं समझ पाता हूं. उन्होंने सीट बंटवारे की चर्चा को सार्वजनिक कर दिया यह गलत है.’ पासवान ने कहा,‘एनडीए में होते हुए विपक्षी नेताओं से बात कर वे दो नाव पर सवार होने का प्रयास कर रहे हैं. मुझे उम्मीद है कि वह एनडीए घटक के रूप में 2019 का चुनाव लड़ने का फैसला करेंगे.' यह भी पढ़ें- शीतकालीन सत्र से पहले उपेंद्र कुशवाहा दे सकते हैं बीजेपी को बड़ा झटका, कड़े शब्दों में कहा- NDA में अब बेइज्जती बर्दाश्त नहीं
सीट बंटवारे पर पार्टी का प्रतिनिधित्व कर रहें हैं चिराग
एलजेपी नेता रामविलास पासवान ने कहा कि उनके बेटे चिराग पासवान सीट बंटवारे पर वार्ता में पार्टी का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. उन्होंने कहा,‘उनके सभी फैसले एलजेपी अध्यक्ष के फैसले माने जाएंगे.’ पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि उन्होंने हमेशा भीमराव आंबेडकर और राममनोहर लोहिया का अनुसरण किया जो कि जाति नहीं समुदाय की बात करते थे. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मंडल आयोग लागू होने के बाद दलितों और पिछड़ों के बीच एकजुटता नहीं होने से वह निराश महसूस करते हैं.
बता दें कि वर्तमान में एलजेपी के बिहार में 6 सांसद हैं जिसमें पार्टी के अध्यक्ष राम विलास पासवान भी हैं. राम विलास पासवान मोदी सरकार में मंत्री भी हैं. पिछले चुनावों में पार्टी को एनडीए की तरफ से बिहार की 40 सीटों में से 7 सीटें दी गई थीं.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 29, 2018 10:06 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

