Bihar Assembly By-Election: बिहार उपचुनाव में 3 युवाओं के बीच नीतीश का 'सुशासन' !
बिहार में वैसे दो विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव हो रहा है लेकिन इन दोनों सीटों को हथियाने को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्षी पार्टियां अपना पूरा जोर लगा रही हैं. इस बीच, कहा जा रहा है कि इस उपचुनाव में बिहार के तीन युवा नेताओं का मुकाबला राजनीति में अनुभवी नीतीश कुमार के सुशासन से है.
पटना, 22 अक्टूबर: बिहार (Bihar) में वैसे दो विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव हो रहा है लेकिन इन दोनों सीटों को हथियाने को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्षी पार्टियां अपना पूरा जोर लगा रही हैं. इस बीच, कहा जा रहा है कि इस उपचुनाव में बिहार के तीन युवा नेताओं का मुकाबला राजनीति में अनुभवी नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के सुशासन से है. यह भी पढ़े: बिहार में बारिश से फसलों को नुकसान, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आकलन का दिया निर्देश
विपक्ष की ओर से राजद के युवा नेता तेजस्वी यादव जहां चुनाव प्रचार में दिन रात पसीना बहा रहे हैं वहीं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख और युवा नेता चिराग पासवान भी इस उपचुनाव को लेकर पूरा जोर लगाए हुए हैं. कांग्रेस भी युवा नेता कन्हैया को शुक्रवार से चुनावी मैदान में उतारने जा रही है. इधर, सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के चेहरे का भरोसा है.
राजग की ओर से दोनों सीटों कुशेश्वरस्थान और तारापुर पर जदयू ने प्रत्याशी उतारे हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हालांकि अब तक चुनाव प्रचार करने क्षेत्र में नहीं पहुंचे हैं, लेकिन जदयू के अध्यक्ष ललन सिंह सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता चुनाव प्रचार में जी जान से जुटे हुए हैं. पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में दोनों सीटों पर जदयू के प्रत्याशी विजयी हुए थे, इस कारण जदयू के नेता एकबार फिर से इन दोनों सीटों पर कब्जा जमाने को लेकर पूरी ताकत झोंक दी है.
बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर कई मौके पर तंज कसते हुए कहा करते हैं कि वे अब थक गए है, जनता समझ चुकी है. पिछले वर्ष हुए विधानसभा चुनाव के प्रचार के क्रम में नीतीश कुमार ने भी लोगों को संबोधित करते हुए कहा था कि यह उनका आखिरी चुनाव है. इस उपचुनाव के परिणाम से न तो सरकार बनेगी और न सरकार गिरेगी, लेकिन देखा जा रहा है कि सभी दल इसे प्रतिष्ठा की लड़ाई मानकर चल रहे हैं. सबसे गौरतलब है कि बिहार में अपनी पुरानी जमीन खो चुकी कांग्रेस इस उपचुनाव में आक्रामक रवैया अपनाए हुए हैं.
पिछले कई सालों से राजद की पिछलग्गू मानी जाने वाली कांग्रेस न केवल विरोधी दलों को बल्कि अपनी सहयोगी राजद से भी दो-दो हाथ कर रही है. कन्हैया के आने से कांग्रेस का आत्मविश्वास बढ़ता दिख रहा है. राजद भी तेजस्वी केा युवा चेहरा बताकर मतदाताओं को आकर्षित करने में जुटी है. तेजस्वी चुनाव प्रचार के दौरान कह भी रहे हैं कि अगर दोनों सीटें राजद के खाते में आ गई तो बिहार में भी खेला होगा.
इधर, जदयू इस चुनाव में फिर से पुराने मुद्दे को लेकर चुनाव प्रचार में जुटी है. राजग के नेता नीतीश कुमार सरकार के कार्यों को गिरा रहे हैं तथा राजद सरकार के जंगल राज का भय दिखा रहे हैं. चिराग पासवान पिछले विधानसभा चुनाव की तर्ज पर चुनाव प्रचार कर रहे हैं. जदयू के प्रवक्ता नीरज कुमार भी जदयू की जीत का दावा करते हुए कहते हैं कि नीतीश कुमार सरकार में किए गए कार्यों को जनता देख रही है. उन्होंने कहा कि 15 साल पहले राज्य की हालत क्या थी, यहां के लोगों ने देखा है. उन्होंने कहा कि बिहार के लोग अब लालटेन युग को भूल गए हैं. विधान पार्षद नीरज कुमार ने कहा कि जनता को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर पूरा भरोसा और विश्वास है. सभी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हाथ को मजबूत करेंगे. लोग राजद का दशहत वाली सरकार से भली भांति परिचित हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 22, 2021 02:44 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

