8 दिसंबर की बड़ी खबरें और अपडेट्स
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

भारत और दुनिया की सारी बड़ी खबरें एक साथ, एक जगह पढ़ने के लिए आप सही जगह पर हैं. इस पेज को हम लगातार अपडेट कर रहे हैं, ताकि ताजा अपडेट लाइव आप तक ला सकें.- जर्मनी ने भारत को 1.3 अरब यूरो देने की प्रतिबद्धता जताई

- रूस को भरोसा, फायदे वाली जगहों से तेल खरीदना जारी रखेगा भारत

- रिपोर्ट: यूरोप में बच्चों और किशोरों में साइबर बुलीइंग बढ़ी

- जेलेंस्की ने यूरोपीय नेताओं के साथ रूस-यूक्रेन शांति योजना पर चर्चा की

- वंदे मातरम् पर चर्चा के दौरान बीजेपी-कांग्रेस ने एक-दूसरे पर क्या आरोप लगाए

इंडिगो के शेयर 8.3 फीसदी गिरे, स्पाइसजेट के 13.9 फीसदी बढ़े

इंडिगो एयरलाइन ने सोमवार, 8 दिसंबर को अपनी करीब 500 उड़ानें रद्द की हैं. यह लगातार सातवां दिन है, जब इंडिगो की सैकड़ों उड़ानें रोज रद्द हो रही हैं. इसके चलते बीते सात दिनों में इंडिगो के शेयर 17 फीसदी गिर चुके हैं. सोमवार, 8 दिसंबर को ही शेयरों में 8.3 फीसदी की गिरावट आई. वहीं, निवेशक अब इंडिगो की प्रतिद्वंदी एयरलाइनों में निवेश कर रहे हैं, जिन्हें इंडिगो संकट से फायदा हो सकता है. इसी के चलते सोमवार को स्पाइसजेट के शेयरों में 13.9 फीसदी का उछाल आया.

भारत सरकार ने सोमवार को बताया कि इंडिगो की उड़ानें रद्द होने के चलते 1 से 7 दिसंबर के बीच करीब 5.86 लाख टिकटें रद्द हुईं और करीब 570 करोड़ रुपये के रिफंड जारी किए गए. इस वजह से हवाई अड्डों पर अफरा-तफरी का माहौल रहा और लाखों लोगों की योजनाएं प्रभावित हुईं. भारत के उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने सोमवार को संसद में कहा, “हम जांच कर रहे हैं और उसके बाद बेहद सख्त कार्रवाई करेंगे…हम अन्य एयरलाइनों के लिए एक उदाहरण पेश करेंगे.”

जर्मनी ने भारत को 1.3 अरब यूरो देने की प्रतिबद्धता जताई

जर्मनी ने सोमवार को भारत को करीब 1.3 अरब यूरो देने की प्रतिबद्धता जताई. इस रकम का ज्यादातर हिस्सा रियायती कर्ज के रूप में दिया जाएगा और भारत इसका इस्तेमाल जलवायु और ऊर्जा, सतत शहरी विकास, हरित शहरी परिवहन और प्राकृतिक संसाधनों के टिकाऊ प्रबंधन के लिए करेगा. इसके जरिए कौशल विकास के क्षेत्र में, खासतौर पर स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को भी बढ़ावा दिया जाएगा.

इससे जुड़ी घोषणा भारत-जर्मनी के बीच 'विकास सहयोग पर सरकारी बातचीत, 2025' के दौरान हुई. यह बातचीत सोमवार को सफलतापूर्वक समाप्त हुई और इस दौरान दोनों देशों ने हरित एवं टिकाऊ विकास साझेदारी (जीएसडीपी) के तहत, अपनी मजबूत और भविष्य पर केंद्रित साझेदारी को और पक्का किया.

जर्मन संघीय आर्थिक सहयोग और विकास मंत्रालय में एशिया और कई अन्य क्षेत्रों की महानिदेशक क्रिस्टीने टोएटस्के ने कहा कि भारत एक प्रमुख रणनीतिक साझेदार देश बना हुआ है. उन्होंने कहा कि नई परियोजनाओं के साथ, भारत और जर्मनी साथ मिलकर टिकाऊ खुशहाली के रास्ते पर चलेंगे और वैश्विक चुनौतियों से पार पाएंगे.

रूस को भरोसा, फायदे वाली जगहों से तेल खरीदना जारी रखेगा भारत

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, रूस के राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन ने सोमवार को कहा कि भारत अपने आर्थिक हितों को सुरक्षित रखने के लिए जहां भी फायदेमंद होगा, वहां से तेल खरीदना जारी रखेगा. पिछले हफ्ते भारत यात्रा के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी कहा था कि भारत को ईंधन की निर्बाध आपूर्ति जारी रहेगी.

सोमवार को रिपोर्टरों से बातचीत में क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा, “एक संप्रभु देश के तौर पर भारत अपने विदेशी व्यापार ऑपरेशन और ऊर्जा संसाधनों की खरीद उन जगहों से करता है, जहां वो भारत के लिए फायदेमंद होती हैं और जितना हम समझते हैं, हमारे भारतीय साझेदार अपने आर्थिक हितों को सुनिश्चित करने के लिए इस नीति को जारी रखेंगे.”

रूस-यूक्रेन युद्ध की शुरुआत के बाद भारत ने रूसी तेल की खरीद काफी हद तक बढ़ा दी थी. इसकी बड़ी वजह रूस द्वारा कीमत में दी जाने वाली छूट थी. हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप इसके सख्त खिलाफ हैं. वे कहते हैं कि तेल बेचने से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल रूस युद्ध को जारी रखने में करता है. रूसी तेल खरीदने के चलते ट्रंप ने भारत पर 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ भी लगाए हैं.

जेलेंस्की यूरोपीय नेताओं से लंदन में मिले, रूस-यूक्रेन शांति योजना पर चर्चा

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की सोमवार को यानी आज लंदन में फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन के नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर, फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल माक्रों और जर्मनी के चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स के साथ चर्चा का मकसद यूक्रेन की स्थिति मजबूत करना और अमेरिका समर्थित शांति योजना पर बातचीत करना है.

जेलेंस्की ने रविवार देर रात कहा, “इस हफ्ते लंदन और ब्रसेल्स में मेरी चर्चा सुरक्षा, हवाई रक्षा और युद्ध के लिए दीर्घकालिक फंडिंग पर होगी. हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि किसी भी युद्धविराम के पीछे यूरोप और अमेरिका से मजबूत सुरक्षा गारंटी हो ताकि रूस फिर से हमला ना करे.”

तीन दिन की अमेरिकी-यूक्रेनी वार्ता शनिवार को खत्म हुई थी, जिसमें शांति प्रस्ताव पर मतभेद कम करने की कोशिश हुई. प्रमुख मुद्दा है कि प्रस्ताव में डोनबास क्षेत्र का कुछ हिस्सा रूस को देने का सुझाव है. जेलेंस्की और यूरोपीय सहयोगियों ने इस बात पर सहमति नहीं जताई कि जमीन रूस को दी जाए.

रिपोर्ट: यूरोप में बच्चों में साइबर बुलीइंग बढ़ी

यूरोप के बच्चों और किशोरों में साइबर बुलीइंग की समस्या बढ़ती जा रही है और यूरोप का हर देश इससे प्रभावित है. यह रिपोर्ट ऑर्गनाइजेशन फॉर इकोनॉमिक कोऑपरेशन एंड डेवलपमेंट (ओईसीडी) ने जारी की है. रिपोर्ट में बताया गया है कि यूरोप के 29 देशों और क्षेत्रों में ऑनलाइन धमकाने और परेशान करने की घटनाएं बढ़ी हैं. बाल्टिक देश, ब्रिटेन और आयरलैंड सबसे अधिक प्रभावित हैं.

साइबर बुलीइंग का मतलब है ऑनलाइन धमकी, नकारात्मक टिप्पणियां या परेशान करना, जो साथी बच्चों या अजनबियों द्वारा किया जाता है. ओईसीडी की रिपोर्ट के अनुसार इसमें कई चीजें शामिल हैं, जैसे किसी के द्वारा बुरा ईमेल या टेक्स्ट भेजना, सोशल मीडिया पर अपमानजनक पोस्ट करना, बिना अनुमति आपकी तस्वीरें शेयर करना या मजाक बनाने वाली वेबसाइट बनाना” रिपोर्ट में 11, 13 और 15 साल के स्कूली बच्चों का डेटा शामिल है.

2021–22 के बीच साइबर बुलीइंग की दर 7.5 प्रतिशत से लेकर 27.1 प्रतिशत तक रही. स्पेन में सबसे कम (7.5%) और लिथुआनिया में सबसे ज्यादा (27.1%) मामले दर्ज हुए. यूरोप का औसत 15.5 प्रतिशत था. लिथुआनिया, लातविया, पोलैंड, इंग्लैंड, हंगरी, एस्टोनिया, आयरलैंड और कुछ अन्य देश औसत से ऊपर रहे.

इसके उलट, पुर्तगाल, ग्रीस, फ्रांस, जर्मनी और इटली में साइबर बुलीइंग की दर औसत से कम रही. ओईसीडी का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा और ऑनलाइन जागरूकता बढ़ाना जरूरी है ताकि यह बढ़ती समस्या रोकी जा सके.

जापान के पास चीन की एयर स्ट्राइक ड्रिल से तनाव बढ़ा

चीन के एक विमान वाहक समूह ने सप्ताहांत पर जापान के नजदीक तेज हवाई अभ्यास यानी एयर ड्रिल किए, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया. समाचार एजेंसी एपी के अनुसार, जापान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि चीन के सैन्य विमान जे-15 ने शनिवार को दक्षिणी ओकिनावा द्वीप के पास चीनी विमान वाहक पोत लियाओनिंग पर से उड़ान भरी और शनिवार को दो मौकों पर जापानी एफ-15 लड़ाकू विमानों पर "रुक-रुक कर" अपने रडार को लॉक किया. पहली बार देर दोपहर लगभग तीन मिनट के लिए और शाम को लगभग 30 मिनट के लिए. यह स्पष्ट नहीं है कि क्या दोनों बार रडार लॉक की घटना एक ही चीनी जे-15 से संबंधित थी या नहीं.

चीन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा, “जापान बदनाम करना बंद करे, अपनी सीमाओं पर संयम रखे और ऐसे हालात दोबारा पैदा ना होने दे.” जापान के चीफ कैबिनेट सेक्रेटरी मीनोरू किहारा ने कहा कि यह दावा गलत है और जापान “शांति लेकिन मजबूती से” चीन की गतिविधियों पर नजर रखेगा. जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने चेतावनी दी थी कि अगर ताइवान पर चीन की कोई सैन्य कार्रवाई जापान की सुरक्षा को खतरे में डालेगी, तो जापान जवाब देगा.

चीन ने ताकाइची की टिप्पणी के बाद अपने नागरिकों को जापान ना जाने की सलाह दी थी. जापान ने भी फुकुशिमा परमाणु संयंत्र से ट्रीटेड वेस्ट पानी छोड़ा था और उसके बाद चीन ने भी जापान से सीफूड का आयात रोक दिया था. हालांकि, यह आयात दोबारा चालू तो हुआ, लेकिन फिलहाल आयात बैन को दोबारा बहाल कर दिया गया है. चीन ताइवान पर अपना दावा करता है, जबकि ताइवान इसे स्वीकार नहीं करता. इस इलाके में अमेरिका की भी बड़ी सैन्य मौजूदगी है. अमेरिकी राजदूत जॉर्ज ग्लास ने जापान का समर्थन किया है, जबकि राष्ट्रपति ट्रंप ने इस पर कोई बयान नहीं दिया.

भारतीयों के लिए ऑनलाइन वीजा एप्लिकेशन सिस्टम शुरू करेगा चीन

भारत में चीनी राजदूत शू फेइहोंग ने सोमवार को घोषणा की कि 22 दिसंबर को भारतीयों के लिए ऑनलाइन वीजा एप्लिकेशन सिस्टम लॉन्च किया जाएगा. यह सिस्टम चीनी दूतावास द्वारा शुरू किया जाएगा. इसके जरिए आवेदनकर्ता ऑनलाइन फॉर्म भरकर चीनी वीजा के लिए आवेदन कर सकेंगे. फेइहोंग ने अपनी एक्स पोस्ट में वेबसाइट का लिंक भी दिया है.

इससे पहले 26 नवंबर को भारत के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की थी कि अब भारत भी चीनी नागरिकों को पर्यटक और व्यावसायिक वीजा जारी कर रहा है. प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि चीनी नागरिकों को पर्यटक और व्यावसायिक वीजा देने की प्रक्रिया पूरी तरह से चालू है. इससे पहले अक्टूबर में दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें भी शुरू हुई थीं.

यह भी पढ़ें- चीन की आंखों का कांटा क्यों बना है अरुणाचल प्रदेश

नेटफ्लिक्स को वॉर्नर ब्रदर्स की बिक्री पर क्यों उठ रहे सवाल

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि वह नेटफ्लिक्स और हॉलीवुड स्टूडियो वॉर्नर ब्रदर्स के बीच होने वाली बड़ी डील की नियामक समीक्षा में शामिल रहेंगे. दोनों कंपनियों ने शुक्रवार को घोषणा की थी कि अगर सौदा मंजूर होता है, तो नेटफ्लिक्स वॉर्नर ब्रदर्स डिस्कवरी के कुछ हिस्से 72 अरब डॉलर में खरीदेगा. यह डील मंजूर होने पर दुनिया की सबसे बड़ी स्ट्रीमिंग कंपनी हॉलीवुड के सबसे बड़े स्टूडियो में से एक पर नियंत्रण हासिल कर लेगी.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक ट्रंप ने रिपोर्टरों से कहा, “मैं उस फैसले में शामिल रहूंगा” और संकेत दिया कि नेटफ्लिक्स की इतनी बड़ी बाजार हिस्सेदारी चिंता का कारण हो सकती है. उन्होंने कहा, “ये तो अर्थशास्त्री बताएंगे... लेकिन ये बहुत बड़ी बाजार हिस्सेदारी है. इसमें दिक्कत हो सकती है, इसमें कोई शक नहीं.” अमेरिकी नियामक इस डील की एंटी-ट्रस्ट जांच कर रहे हैं, क्योंकि इससे एक ही कंपनी के पास टीवी और फिल्म इंडस्ट्री में बहुत ज्यादा शक्ति हासिल करने की आशंका है.

हॉलीवुड में इस प्रस्तावित डील को लेकर काफी आलोचना हो रही है. सिनेमा यूनाइटेड ने कहा है कि यह सौदा अमेरिका के सालाना बॉक्स ऑफिस का 25 प्रतिशत खत्म कर सकता है और दुनिया भर के सिनेमाघरों के लिए “बेहद खतरनाक” है. राइटर्स गिल्ड ने बयान दिया, “दुनिया की सबसे बड़ी स्ट्रीमिंग कंपनी का अपने सबसे बड़े कंपटीटर को निगलना वही चीज है, जिसे रोकने के लिए एंटी-ट्रस्ट कानून बने हैं.”

निर्देशक जेम्स कैमरून ने भी चेतावनी दी, “नेटफ्लिक्सअगर वॉर्नर ब्रदर्स को ले लेता है तो यह सिनेमाघरों के लिए विनाशकारी होगा.” विशेषज्ञों का कहना है कि नेटफ्लिक्स का लक्ष्य “हॉलीवुड पर दबदबा” बनाना है और यह डील टीवी और फिल्म बाजार में एक तरह की मोनोपॉली यानी एकछत्र राज जैसी स्थिति पैदा कर सकती है.

वंदे मातरम् पर चर्चा के दौरान बीजेपी-कांग्रेस ने एक-दूसरे पर क्या आरोप लगाए

राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर लोकसभा में इसके ऊपर चर्चा हुई. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर मुस्लिम लीग के सामने घुटने टेकने और समझौता करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि मुस्लिम लीग और मोहम्मद अली जिन्ना ने 'वंदे मातरम्' का विरोध शुरू किया, जिसके चलते "कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष जवाहरलाल नेहरू को अपना सिंहासन डोलता दिखा."

पीएम मोदी ने आगे कहा कि जवाहरलाल नेहरू ने मुस्लिम लीग के बयानों का जवाब देने के बजाय, वंदे मातरम् की पड़ताल शुरू कर दी और नेताजी सुभाष चंद्र बोस को चिट्ठी लिखकर कहा कि वंदे मातरम् की आनंदमठ वाली पृष्ठभूमि मुसलमानों को भड़का सकती है. उन्होंने कहा कि इसके बाद कांग्रेस ने वंदे मातरम् के उपयोग की समीक्षा करने की बात कही.

पीएम मोदी ने आगे कहा, “पूरे देश में इस प्रस्ताव के विरोध में लोगों ने प्रभात फेरियां निकाली… लेकिन दुर्भाग्य से 26 अक्टूबर को कांग्रेस ने वंदे मातरम् पर समझौता कर लिया. वंदे मातरम् के टुकड़े कर दिए. उस फैसले के पीछे नकाब यह पहना गया कि यह सामाजिक सद्भाव का काम है लेकिन इतिहास गवाह है कि कांग्रेस ने मुस्लिम लीग के आगे घुटने टेक दिए.”

इस चर्चा में लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने कहा कि साल 1937 में कांग्रेस वर्किंग कमिटी ने फैसला लिया था कि जहां पर भी नेशनल गैदरिंग होगी, वहां पर हम वंदे मातरम् की पहली दो पक्तिंयों को गाएंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि मुस्लिम लीग और हिंदू महासभा ने इस फैसले की खूब आलोचना की. उन्होंने यह भी कहा कि कभी-कभी मुस्लिम लीग और हिंदू महासभा के राजनीतिक उद्देश्य एक हो जाते हैं.

उन्होंने पीएम मोदी को संबोधित करते हुए कहा, “हम 'वंदे मातरम्' का नारा अंग्रेजी हुकूमत के दिल में खौफ पैदा करने के लिए लगाते थे…वंदे मातरम का मूल भाव अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह करने का था. मैं पूछना चाहता हूं कि आपके राजनीतिक पूर्वजों ने वंदे मातरम् की इस मंशा को कब पूरा किया. कब आपने अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह किया.”

गोगोई ने प्रधानमंत्री मोदी के संबोधनों में नेहरू के जिक्र को लेकर भी चुटकी ली. उन्होंने कहा कि किसी भी विषय पर बोलने के दौरान पीएम मोदी कई-कई बार पंडित नेहरू जी और कांग्रेस का नाम लेते हैं. उन्होंने बीजेपी और इसके नेताओं को संबोधित करते हुए कहा, “आप चाहें कितनी भी कोशिश कर लें, आप पंडित नेहरू जी के योगदान पर एक भी काला दाग नहीं लगा पाएंगे.”

बेनीन में नाकाम तख्तापलट के बाद ईकोवास के सैनिक तैनात

बेनीन में शुक्रवार देर रात राजधानी पोटो नोवो और आस-पास के सैन्य ठिकानों पर कुछ सैनिकों ने सरकार को हटाकर तख्तापलट करने की कोशिश की. सरकार के बयान के अनुसार, एक छोटे समूह ने हथियारबंद होकर राष्ट्रपति भवन की ओर बढ़ने की कोशिश की, लेकिन बेनीन की रिपब्लिकन आर्मी ने उन्हें तुरंत रोक दिया और हालात काबू में कर लिए. अधिकारियों ने बताया कि इस कार्रवाई में शामिल “बागी सैनिकों” को हिरासत में लिया गया है और जांच जारी है.

पश्चिम अफ्रीकी सुरक्षा संगठन ईकोवास (ईकोनॉमिक कम्युनिटी ऑफ वेस्टर्न अफ्रीकन स्टेट्स) ने कहा है कि उसके सैनिक अफ्रीका में घाना, आइवरी कोस्ट, नाइजीरिया और सिएरा लियोन से बेनीन भेजे जाएंगे. यह कदम बेनीन में हुए नाकाम तख्तापलट प्रयास के बाद उठाया गया है. अधिकारियों का कहना है कि ईकोवास के सैनिक “बेनीन सरकार और रिपब्लिकन आर्मी की मदद करेंगे ताकि संवैधानिक व्यवस्था और देश की स्थिरता बनी रहे.”

राष्ट्रपति पैट्रिस तालोन ने रविवार रात टीवी संबोधन में लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की थी. उन्होंने कहा, “मैं आपको भरोसा दिलाना चाहता हूं कि स्थिति पूरी तरह से काबू में है, इसलिए मैं आपसे कहता हूं कि आज शाम से अपनी दिनचर्या शांतिपूर्वक जारी रखें.” तालोन ने आगे कहा, “सुरक्षा और पब्लिक ऑर्डर पूरे देश में बनाए रखा जाएगा.”

राष्ट्रपति तालोन ने उन सैनिकों की कार्रवाई को “धोखा” बताया जो सरकार को हटाने की कोशिश कर रहे थे. उन्होंने कहा, ‘इस धोखे की सजा दी जाएगी .” ईकोवास और बेनीन सरकार दोनों ने कहा है कि स्थिति स्थिर रखने के लिए जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं.

जर्मन विदेश मंत्री ने चीन के साथ ‘नियम आधारित व्यापार’ करने की बात कही

जर्मन विदेश मंत्री योहान वाडेफुल चीन के दौरे पर हैं. उन्होंने सोमवार को चीन पहुंचकर कहा कि दोनों देशों के बीच कारोबार को “उचित और नियम आधारित” बनाना जरूरी है. बीजिंग में चीन के वाणिज्य मंत्री वांग वेंटाओ से मुलाकात में वाडेफुलने कहा, “हम मुक्त विश्व व्यापार के पक्ष में हैं. हम व्यापार बाधाएं हटाने के पक्ष में हैं.” उन्होंने कहा कि चीन जर्मनी का “सबसे अहम व्यापारिक साझेदार” है और यह दौरा इस बात पर फोकस करेगा कि “कहां आर्थिक रिश्ते मजबूत किए जा सकते हैं और कहां रुकावटें हैं.”

यह यात्रा छह हफ्ते बाद हो रही है, क्योंकि पिछली बार बीजिंग ने प्रमुख नेताओं से मुलाकात की पुष्टि नहीं की थी. उस देरी को कई विशेषज्ञों ने एक छोटी कूटनीतिक तनातनी बताया था, खासकर इसलिए क्योंकि वाडेफुल का उद्देश्य जर्मन चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स की पहली चीन यात्रा की तैयारी करना भी था. वाडेफुल ने हाल में ताइवान जलडमरूमध्य और पूर्वी-दक्षिण चीन सागर में चीन के “ज्यादा आक्रामक रवैये” की सार्वजनिक आलोचना भी की थी.

वाडेफुल आगे चीनी उपराष्ट्रपति हान झेंग और विदेश मंत्री वांग यी से मिलने वाले हैं. वांग यी के साथ चर्चा में वे चीन द्वारा रेयर-अर्थ के निर्यात पर लगाई गई पाबंदियों का मुद्दा उठाएंगे. ये धातुएं ऑटो, टेक और डिफेंस इंडस्ट्री के लिए बेहद अहम हैं. वे रूस-यूक्रेन युद्ध में चीन की भूमिका पर भी बात करेंगे, खासकर रूस से ऊर्जा खरीद पर, जबकि जर्मनी ने 2022 में रूस से बड़े पैमाने पर गैस आयात बंद कर दिया था.

रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिकी शांति प्रस्ताव अटका, ट्रंप बोले, “जेलेंस्की तैयार नहीं”

समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध रोकने के लिए उनके द्वारा बनाए गए शांति प्रस्ताव पर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की “तैयार नहीं हैं”. इस प्रस्ताव को अमेरिका ने रूस के साथ मिलकर तैयार किया था. ट्रंप ने कहा, “मुझे थोड़ी निराशा है कि राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अभी तक प्रस्ताव पढ़ा नहीं है, कुछ घंटे पहले तक यही स्थिति थी. उनकी टीम को यह पसंद है, लेकिन उन्होंने नहीं पढ़ा.” उन्होंने यह भी कहा कि रूस को आपत्ति नहीं है, उन्हें नहीं लगता कि जेलेंस्की इससे सहमत हैं.

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सार्वजनिक तौर पर इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी है. उन्होंने पिछले हफ्ते कहा था कि योजना के कुछ हिस्से काम नहीं कर सकते, जबकि शुरुआती ड्राफ्ट रूस के पक्ष में माना जा रहा था. ट्रंप और जेलेंस्की के रिश्तों में पहले भी उतार-चढ़ाव रहा है और ट्रंप कई बार कह चुके हैं कि युद्ध से अमेरिकी टैक्स का पैसा बर्बाद हुआ है. वे यूक्रेन से यह भी कह चुके हैं कि वह रूस को कुछ इलाके देकर युद्ध खत्म करने का रास्ता तलाशे.

जेलेंस्की ने शनिवार को कहा कि उनकी “अमेरिकी अधिकारियों से अच्छी बातचीत” हुई है, जो फ्लोरिडा में यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठकें कर रहे हैं. जेलेंस्की ने लिखा, “यूक्रेन ईमानदारी से काम करने के लिए तैयार है, ताकि अमेरिका के साथ मिलकर असल शांति हासिल की जा सके.”

मलयालम अभिनेता दिलीप बलात्कार मामले में बरी हुए

केरल की एक अदालत ने सोमवार, 8 दिसंबर को मलयालम सिनेमा के मशहूर अभिनेता दिलीप को एक अभिनेत्री के बलात्कार एवं अपहरण के मामले में बरी कर दिया. आठ साल तक इस मुकदमे में मुख्य आरोपी पल्सर सुनी समेत छह लोगों को दोषी ठहराया गया है. उन्हें बलात्कार, अपहरण और साजिश रचने का दोषी पाया गया है. वहीं, अभिनेता दिलीप समेत चार आरोपियों को कोर्ट ने बरी किया है.

कानूनी खबरों की वेबसाइट बार एंड बेंच के मुताबिक, यह मामला 17 फरवरी, 2017 का है, जब कुछ लोगों ने एक अभिनेत्री का अपहरण करने के बाद उनका यौन उत्पीड़न किया. यह सब चलती गाड़ी में हुआ और आरोपियों ने अपराध की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की. इस मामले में दिलीप पर अपराध की साजिश रचने का आरोप लगाया गया था. जुलाई 2017 में गिरफ्तार होने के बाद वे 83 दिन जेल में भी रहे थे.

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, बरी होने के बाद दिलीप ने कहा कि यह एक साजिश थी, जो “मुझे, मेरे करियर, मेरी छवि और मेरे जीवन को तबाह करने के लिए” रची गई थी. इस मुकदमे के दौरान, 250 से अधिक गवाहों से पूछताछ की गई, जिनमें से करीब 28 गवाह अपने बयानों से पलट गए. सर्वाइवर ने मामले की सुनवाई कर रहीं जज को बदलने का भी अनुरोध किया था, जिसे खारिज कर दिया गया.

थाईलैंड-कंबोडिया सीमा पर फिर तनाव, थाईलैंड ने की एयरस्ट्राइक

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, थाईलैंड ने सोमवार को कंबोडिया की तरफ एयरस्ट्राइक की हैं क्योंकि दोनों देशों के बीच विवादित सीमा पर फिर से झड़पें शुरू हो गईं हैं. थाई सेना के एक प्रवक्ता ने कहा, “कम से कम एक थाई सैनिक मारा गया है और आठ घायल हैं. हालात बिगड़ने पर एयर सपोर्ट बुलाया गया.”

थाई एयर फोर्स ने कहा, “कंबोडिया ने भारी हथियार लगाए, कॉम्बैट यूनिट आगे बढ़ाई और ऐसा इंतजाम किया जिससे ऑपरेशन बढ़ने के संकेत मिले. ये हालात हमें हवाई शक्ति इस्तेमाल करने के लिए मजबूर करते हैं, ताकि हम कंबोडिया की सैन्य क्षमता को कम कर सकें.”

कंबोडिया के रक्षा मंत्रालय ने कहा, “थाई सेना ने दो जगह सुबह-सुबह हमले किए हैं” और दावा किया कि उनके सैनिकों ने कोई जवाबी फायरिंग नहीं की. कंबोडिया के पूर्व नेता हुन सेन ने फेसबुक पर लिखा, “थाई सेना आक्रामक है और उकसाना चाहती है” और उन्होंने अपनी सेना से कहा, “मैं सभी स्तरों के कमांडरों से अपील करता हूं कि वे अधिकारियों और सैनिकों को सही सलाह दें. जवाबी कार्रवाई के लिए रेड लाइन पहले ही तय हो चुकी है.” एक अधिकारी के मुताबिक, कंबोडिया में तीन आम नागरिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं.

मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, जिन्होंने पहले भी युद्दविराम करवाने में भूमिका निभाई थी, ने कहा, “नई लड़ाई से दोनों देशों के रिश्ते स्थिर करने की हमारी मेहनत पर असर पड़ेगा.” उन्होंने दोनों देशों से ज्यादा से ज्यादा संयम की अपील की.

सीमा से लगे थाई इलाकों से 3.85 लाख से ज्यादा लोगों को निकाला जा रहा है, जबकि 35,000 से अधिक लोग शेल्टर में पहुंच चुके हैं. थाई सीमा के पास रहने वाले एक स्थानीय शख्स, फिचेट फोलकोएट ने रॉयटर्स को बताया, “सुबह से गोलियों की आवाज आ रही है… धमाके बहुत साफ सुनाई दे रहे हैं, ‘बूम बूम’.” कंबोडिया की तरफ भी लोग सीमा से दूर जा रहे हैं.

इंडिगो का संकट सातवें दिन भी जारी, 350+ उड़ानें रद्द

नियमों को लागू करने की सही तैयारी न करने से शुरू हुआ इंडिगो एयरलाइन का संकट सातवें दिन भी जारी है. सोमवार, 8 दिसंबर को देश के विभिन्न हवाईअड्डों पर आने-जाने वाली इंडिगो की 350 से अधिक उड़ानें रद्द हुईं, जिसके चलते हजारों यात्री हवाई अड्डों पर फंसे रहे. न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, 130 से अधिक उड़ानें केवल दिल्ली एयरपोर्ट पर ही रद्द हुईं. वहीं, बेंगलुरु एयरपोर्ट की 127 और हैदराबाद एयरपोर्ट की 77 उड़ानें रद्द हुईं.

बीते सात दिनों में इंडिगो की हजारों उड़ानें रद्द हो चुकी हैं. दरअसल, सरकार हवाई यात्रा को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए पायलटों के काम करने और आराम करने के घंटों से जुड़े नए नियम लाई थी. इंडिगो ने इन नियमों का पालन करने की पूरी तैयारी नहीं की, जिसके चलते एयरलाइन के पास पायलटों की कमी हो गई और 2 दिसंबर से इंडियो विमानों के संचालन में बड़े पैमाने पर दिक्कतें शुरू हुईं.

इस संकट के बाद भारत के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने 6 दिसंबर को एयरलाइन को 'कारण बताओ' यानी 'शो कॉज' नोटिस जारी किया था. एयरलाइन ने नोटिस का जवाब देने के लिए 8 दिसंबर, शाम छह बजे तक का वक्त मांगा, जिसे डीजीसीए ने स्वीकार कर लिया. एयरलाइन ने 10 दिसंबर तक उड़ानों के संचालन में बेहतरी आने की उम्मीद जताई है.