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सपा सांसद आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को राहत, 2 मुकदमों में जमानत

समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खां को दो मुकदमे एमपी एमएलए कोर्ट से राहत मिल गई है. कोर्ट ने जमानत अर्जी मंजूर कर ली है. आजम खां के वकील खलीलुल्लाह खान ने बताया कि रामपुर के अपर जिला जज-छह की अदालत ने मंगलवार को दो मामलों में जमानत दी है.

सपा सांसद आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को राहत, 2 मुकदमों में जमानत
समाजवादी पार्टी आजम खां (Photo Credits: PTI)

रामपुर: समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के सांसद आजम खां (Azam Khan) को दो मुकदमे एमपी एमएलए कोर्ट से राहत मिल गई है. कोर्ट ने जमानत अर्जी मंजूर कर ली है. आजम खां के वकील खलीलुल्लाह खान (Khalilullah Khan) बताया कि रामपुर के अपर जिला जज-छह की अदालत ने मंगलवार को दो मामलों में जमानत दी है. एक सदर कोतवाली से जुड़ा मामला है तो दूसरा केस अजीमनगर थाने में दर्ज था. आरोप लगाया गया था कि आजम खां अपने सहयोगियों के साथ यतीमखाने में लोगों के घरों में घुस गए और सारा सामान उठा ले गए. इस सिलसिले में बहस हुई. दोनों मामलों में अदालत ने जमानत स्वीकार कर ली. इन मुकदमों में आजम खान के करीबी पूर्व सीओ आलेहसन समेत कई अन्य लोगों के नाम शामिल थे. इसके अलावा अब्दुल्ला आजम से संबंधित अन्य मामलों में अब कल सुनवाई की जाएगी.

मामले की सुनवाई करते हुए प्रभारी एडीजी-6 ने अधिवक्ताओं द्वारा रखे गए पक्षों को सुना. मामले में आजम खां के वकील खलील उल्लाह खां ने बताया कि यतीमखाना प्रकरण में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 531 और 533 में सुनवाई हुई. जिसमें आईपीसी की धारा 120बी, घर में घुसकर मारपीट करने, डकैती व सामान ले जाने आदि के आरोप थे. सुनवाई के बाद इन मुकदमों में आजम खां की जमानत मंजूर कर दी गई है. यह भी पढ़ें: CAA Protesters Poster: यूपी में पोस्टर विवाद पर राजनीति जारी, समाजवादी पार्टी ने दंगाईयो के बगल में लगाई कुलदीप सिंह सेंगर और चिन्मयानंद की तस्वीर

आजम खां की अध्यक्षता वाली जौहर ट्रस्ट ने यतीमखाना स्थित रामपुर पब्लिक स्कूल की मान्यता लेने में कई गड़बड़ियां पाई गई थीं. इसके लिए अग्निशमन विभाग की जो एनओसी लगाई गई है, वह तहसील के पास स्थित रामपुर पब्लिक स्कूल की है. यही नहीं जमीन के उपयोग के लिए वक्फ का कोई स्पष्ट आदेश नहीं है. इस मामले में जिलाधिकारी ने बीएसए को एफआईआर कराने और दोषियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने के आदेश दे दिए गए हैं.

पूर्व सीओ आले हसन (Ale Hassan) पर 55 मुकदमे दर्ज हैं. इनमें 27 मामले केवल जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े हैं. किसानों का आरोप है- आले हसन ने झूठे मुकदमों में फंसाकर उनकी जमीन हड़प ली. इन मुकदमों में गिरतारी के लिए पुलिस दबिश दे रही थी. उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया था. लेकिन वे हाईकोर्ट चले गए. हाईकोर्ट ने उन्हें रामपुर पहुंचकर अपना बयान दर्ज कराने का आदेश दिया था. मंगलवार को आले हसन ने महिला थाना पहुंचकर अपना बयान दर्ज कराया है.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 18, 2020 11:21 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).