पोक्सो संशोधन विधेयक राज्यसभा से पास, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी बोली- देश में 6.20 लाख यौन अपराधी
उच्च सदन में लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण संशोधन विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि बच्चों के खिलाफ यौन अपराध और बलात्कार के मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए केन्द्र सरकार ने 1023 विशेष फास्ट ट्रैक अदालतें गठित करने को मंजूरी दी है. उन्होंने कहा कि अभी तक 18 राज्यों ने ऐसी अदालतों की स्थापना के लिए सहमति जतायी है.
नई दिल्ली. राज्यसभा ने बुधवार को पोक्सो संशोधन विधेयक ( Protection of Children from Sexual Offences (Amendment) Bill, 2019) पारित कर दिया जिसमें चाइल्ड पोर्नोग्राफी को परिभाषित करते हुए बच्चों के खिलाफ अपराध के मामलों में मृत्यु दंड का भी प्रावधान किया गया है. उच्च सदन में लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण संशोधन विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी (Smriti Irani) ने कहा कि बच्चों के खिलाफ यौन अपराध और बलात्कार के मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए केन्द्र सरकार ने 1023 विशेष फास्ट ट्रैक अदालतें गठित करने को मंजूरी दी है. राज्यसभा में पोस्को बिल (POCSO Bill) पर हुई चर्चा में महिला और बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी (Smriti Irani) ने कहा कि गृह मंत्रालय ने यौन अपराधियों के आंकड़े जुटाए हैं जिसके मुताबिक देश में 6.20 लाख यौन अपराधी हैं. उन्होंने कहा कि अभी तक 18 राज्यों ने ऐसी अदालतों की स्थापना के लिए सहमति जतायी है.
महिला एवं बाल विकास मंत्री के जवाब के बाद उच्च सदन ने विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया. इससे पहले ईरानी (Smriti Irani) ने कहा कि 1023 विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों के गठन के लिए कुल 767 करोड़ रूपये का खर्च किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इसमें से केन्द्र 474 करोड़ रूपये का योगदान देगा. यह भी पढ़े-पोक्सो अदालत ने सीएम नीतीश के खिलाफ नहीं दिया कोई आदेश: JDU
ईरानी (Smriti Irani) ने कहा कि सरकार अपनी विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से इस बात को प्रोत्साहन दे रही है कि बच्चे अपने विरूद्ध होने वाले यौन अपराधों के बारे में निडर होकर शिकायत कर सकें और अपने अभिभावकों को बता सकें. उन्होंने कहा कि प्राय: देखने में आता है कि बच्चियों के खिलाफ होने वाले यौन अपराधों की शिकायत तो की जाती है किंतु लड़कों के खिलाफ यौन अपराधों के मामलों में शिकायत नहीं की जाती.
पढ़िए एएनआई का ट्वीट-
Rajya Sabha passes The Protection of Children from Sexual Offences (Amendment) Bill, 2019.
— ANI (@ANI) July 24, 2019
उन्होंने इस विधेयक पर हुई चर्चा के दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता डेरेक ओ ब्रायन द्वारा उनके साथ 12 वर्ष की आयु में हुए यौन अपराध की एक घटना का जिक्र किये जाने का उदाहरण देते हुए कहा कि इस बात को उन्होंने अब 58 वर्ष की आयु में सार्वजनिक तौर पर कहा है. उन्होंने कहा कि समाज में अब पुरुषों को भी इस तरह की घटनाओं का उल्लेख करने में संकोच नहीं करना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस विधेयक में चाइल्ड पोर्नोग्राफी को परिभाषित किया गया है ताकि ऐसे अपराधों को रोकने में मदद मिल सके.
ईरानी ने कहा कि उन्होंने बच्चों के खिलाफ अपराध के लंबित मामलों में उच्चतम न्यायालय के रजिस्ट्रार के साथ बैठक की थी. उन्होंने कहा कि इमसें सभी राज्यों से सीनियर नोडल पुलिस अधिकारी नियुक्त करने को कहा गया था। सभी राज्यों में ऐसे अधिकारी नियुक्त कर दिए गए हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 24, 2019 07:36 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

