PMO Office New Address: 14 जनवरी के बाद साउथ ब्लॉक से शिफ्ट हो सकता है प्रधानमंत्री कार्यालय, जानिए नया ठिकाना
स्वतंत्रता के बाद पहली बार प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का पता बदलने जा रहा है. मकर संक्रांति के बाद पीएम मोदी साउथ ब्लॉक से नए 'सेवा तीर्थ' परिसर में शिफ्ट होंगे, जबकि ऐतिहासिक साउथ ब्लॉक को म्यूजियम में बदला जाएगा.
PMO Office New Address: भारतीय राजनीति और सत्ता के गलियारे में एक ऐतिहासिक बदलाव होने जा रहा है. स्वतंत्रता के बाद से अब तक रायसीना हिल के 'साउथ ब्लॉक' से संचालित होने वाला प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) अब अपने नए पते पर स्थानांतरित होने के लिए तैयार है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मकर संक्रांति यानी 14 जनवरी के बाद सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास योजना के तहत निर्मित नए 'सेवा तीर्थ' (Seva Teerth ) परिसर में शिफ्ट हो सकते हैं.
सत्ता का नया केंद्र: 'सेवा तीर्थ'
दिल्ली के हृदय स्थल में दारा शिकोह रोड (पूर्व में डलहौजी रोड) पर स्थित इस नए परिसर को 'सेवा तीर्थ' नाम दिया गया है. इस आधुनिक परिसर में न केवल प्रधानमंत्री कार्यालय, बल्कि कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) के लिए भी अलग-अलग इमारतें बनाई गई हैं. यह भी पढ़े: Complaint to PMO: जाने कैसे दर्ज करें पीएमओ में शिकायत, सरकारी कामों की लापरवाही हो या भ्रष्टाचार, होगी सीधी सुनवाई
जानकारी के अनुसार, कैबिनेट सचिवालय सितंबर 2025 में ही यहां स्थानांतरित हो चुका है, जबकि राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय भी जल्द ही इस परिसर से अपना कामकाज शुरू कर देगा.
आधुनिक सुविधाएं और भव्य डिजाइन
'सेवा तीर्थ' परिसर का निर्माण लार्सन एंड टुब्रो (L&T) द्वारा लगभग 1,189 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है.
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कार्यस्थल: नए कार्यालय को 'कर्तव्य भवन' की तर्ज पर आधुनिक वर्कस्पेस के रूप में डिजाइन किया गया है.
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विशेष कक्ष: प्रधानमंत्री का निजी कार्यालय और विदेशी मेहमानों की अगवानी के लिए बनाए गए औपचारिक कक्षों को बेहद भव्य और गरिमापूर्ण रूप दिया गया है.
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सुरक्षा: सुरक्षा कारणों से इस प्रोजेक्ट की कई बारीकियों को गोपनीय रखा गया है.
ऐतिहासिक साउथ ब्लॉक का भविष्य
1920-30 के दशक में ब्रिटिश शासन के दौरान निर्मित साउथ ब्लॉक अब इतिहास के एक नए पन्ने में तर्ज होगा। पीएमओ के खाली होने के बाद, केंद्र सरकार की योजना नॉर्थ और साउथ ब्लॉक को एक भव्य राष्ट्रीय संग्रहालय (National Museum) में बदलने की है। इसके बाद रायसीना हिल की ये लाल बलुआ पत्थर की इमारतें पहली बार आम जनता के लिए पूरी तरह से खोल दी जाएंगी.
सेंट्रल विस्टा: बदलती दिल्ली की तस्वीर
2019 में शुरू हुए सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत अब तक कई महत्वपूर्ण पड़ाव पार किए जा चुके हैं:
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नया संसद भवन: 2023 में उद्घाटन
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उपराष्ट्रपति एन्क्लेव: 2024 में तैयार
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कर्तव्य भवन: 2025 में तीन सचिवालय भवनों का नामकरण और संचालन
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प्रधानमंत्री आवास: सेवा तीर्थ के पास ही प्रधानमंत्री के नए आवास का निर्माण भी अंतिम चरणों में है.
यह स्थानांतरण न केवल एक भौतिक बदलाव है, बल्कि प्रशासनिक कार्यकुशलता और औपनिवेशिक विरासत से हटकर एक नई पहचान की ओर भारत का एक और कदम माना जा रहा है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 12, 2026 01:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

