VIDEO: PM मोदी ने जापानी बुलेट ट्रेन में किया सफर, ट्रेनिंग ले रहे भारतीय ड्राइवरों से भी मुलाकात
जापान में PM मोदी ने शिगेरू इशिबा के साथ बुलेट ट्रेन में सफर किया. (Photo credits: X)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में जापान की दो दिवसीय यात्रा पर थे, जिसका मकसद भारत और जापान के दोस्ती के रिश्ते को और भी गहरा करना था. यह दौरा कई मायनों में खास रहा, जिसमें बु-लेट ट्रेन में सफर से लेकर राज्यों के स्तर पर सहयोग बढ़ाने तक कई महत्वपूर्ण बातें हुईं.

इस दौरे का सबसे यादगार पल वो था जब पीएम मोदी ने जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा के साथ बुलेट ट्रेन (शिंकानसेन) में यात्रा की. जापान के प्रधानमंत्री ने खुद इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट कीं और लिखा कि वह पीएम मोदी के साथ सेंडई जा रहे हैं. यह तस्वीर दोनों देशों के बीच बढ़ते भरोसे और दोस्ती का प्रतीक बन गई.

इसी दौरान, दोनों नेताओं ने उन भारतीय ट्रेन ड्राइवरों से भी मुलाकात की जो जापान में बुलेट ट्रेन चलाने की ट्रेनिंग ले रहे हैं. यह भारत के मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए एक बड़ा कदम है.

"जापान की टेक्नोलॉजी और भारत का टैलेंट मिलकर करेंगे कमाल"

अपनी यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने 'इंडिया-जापान बिजनेस फोरम' को भी संबोधित किया. उन्होंने वहां कहा कि अगर जापान की शानदार टेक्नोलॉजी और भारत के प्रतिभाशाली युवा मिल जाएं, तो यह जोड़ी इस सदी में टेक्नोलॉजी की दुनिया में क्रांति ला सकती है.

पीएम मोदी ने उन फैक्ट्रियों का भी दौरा किया जहां भारत के लिए बुलेट ट्रेन का प्रोटोटाइप तैयार किया जा रहा है. इससे साफ है कि भारत बुलेट ट्रेन टेक्नोलॉजी को लेकर कितना गंभीर है.

अब दिल्ली-टोक्यो ही नहीं, राज्यों और शहरों के बीच भी होगी सीधी दोस्ती

पीएम मोदी ने इस दौरे पर एक नई और महत्वपूर्ण पहल पर जोर दिया. उन्होंने जापान के अलग-अलग राज्यों (जिन्हें वहां 'प्रीफेक्चर' कहते हैं) के 16 गवर्नरों से मुलाकात की. उन्होंने कहा कि अब वक्त आ गया है कि भारत और जापान के रिश्ते सिर्फ दिल्ली और टोक्यो तक सीमित न रहें, बल्कि भारत के राज्यों और जापान के प्रीफेक्चर के बीच सीधी साझेदारी हो.

इस 'स्टेट-प्रीफेक्चर पार्टनरशिप' का मकसद व्यापार, टेक्नोलॉजी, पर्यटन, सुरक्षा और स्किल डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाना है. पीएम मोदी ने कहा कि जैसे जापान के हर राज्य की अपनी खूबी है, वैसे ही भारत के हर राज्य की अपनी ताकत है. अगर ये दोनों मिलकर काम करें तो दोनों देशों को बहुत फायदा होगा.

कुल मिलाकर, पीएम मोदी का यह जापान दौरा सिर्फ औपचारिक मुलाकातों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने भविष्य में एक मजबूत, गहरी और जमीनी स्तर की साझेदारी की नींव रखी है.