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स्वतंत्रता दिवस 2025: PM मोदी ने दिया अब तक का सबसे लंबा भाषण, तोड़ा अपना ही रिकॉर्ड

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 103 मिनट का भाषण देकर स्वतंत्रता दिवस पर अब तक का सबसे लंबा भाषण देने का रिकॉर्ड बनाया है. यह न केवल उनका, बल्कि भारतीय इतिहास में किसी भी प्रधानमंत्री का सबसे लंबा भाषण है. इसके साथ ही, उन्होंने लगातार 12वीं बार लाल किले से भाषण देकर इंदिरा गांधी को भी पीछे छोड़ दिया है.

स्वतंत्रता दिवस 2025: PM मोदी ने दिया अब तक का सबसे लंबा भाषण, तोड़ा अपना ही रिकॉर्ड

PM Modi Delivers Longest Independence Day Speech: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से देश को संबोधित करते हुए एक नया रिकॉर्ड बना दिया है. शुक्रवार को उन्होंने 103 मिनट (यानी 1 घंटा 43 मिनट) का लंबा भाषण दिया. यह न सिर्फ़ उनका, बल्कि भारत के इतिहास में किसी भी प्रधानमंत्री का अब तक का सबसे लंबा स्वतंत्रता दिवस भाषण है.

प्रधानमंत्री ने अपना भाषण सुबह 7 बजकर 34 मिनट पर शुरू किया और सुबह 9 बजकर 17 मिनट पर खत्म किया.

अपने ही पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा

दिलचस्प बात यह है कि पीएम मोदी ने अपना ही पिछला रिकॉर्ड तोड़ा है. पिछले साल उन्होंने 98 मिनट (1 घंटा 38 मिनट) का भाषण दिया था. उनके भाषणों की लंबाई कुछ इस तरह रही है:

  • 2014: 65 मिनट (1 घंटा 5 मिनट)

  • 2015: 88 मिनट (1 घंटा 28 मिनट)

  • 2016: 96 मिनट

  • 2017: 56 मिनट (उनका सबसे छोटा भाषण)

  • 2018: 83 मिनट

  • 2019: 92 मिनट
  • 2020: 90 मिनट
  • 2021: 88 मिनट

  • 2022: 74 मिनट
  • 2023: 90 मिनट

आपको याद होगा कि साल 2017 में उन्होंने सिर्फ 56 मिनट का भाषण दिया था. उस साल उन्होंने अपने 'मन की बात' कार्यक्रम में कहा भी था कि उन्हें लोगों से शिकायतें मिली हैं कि उनके भाषण "कुछ ज़्यादा ही लंबे" हो जाते हैं, इसलिए वह छोटा भाषण देने की कोशिश करेंगे.

दूसरे प्रधानमंत्रियों के भाषण कितने लंबे होते थे?

  • जवाहरलाल नेहरू: देश के पहले प्रधानमंत्री ने 1947 में 72 मिनट का भाषण दिया था. उन्होंने सबसे ज़्यादा, लगातार 17 बार लाल किले से देश को संबोधित किया.

  • इंदिरा गांधी: पीएम मोदी ने लगातार 12वीं बार भाषण देकर इंदिरा गांधी का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है और अब वह इस मामले में सिर्फ नेहरू जी से पीछे हैं.

  • सबसे छोटे भाषण: सबसे छोटे भाषण का रिकॉर्ड नेहरू जी (1954 में 14 मिनट) और इंदिरा गांधी (1966 में 14 मिनट) के नाम है.
  • मनमोहन सिंह: पीएम मोदी से पहले प्रधानमंत्री रहे मनमोहन सिंह के भाषण ज़्यादातर 50 मिनट के आसपास होते थे. उनके कुछ भाषण तो 32 से 45 मिनट के ही थे.
  • अटल बिहारी वाजपेयी: वाजपेयी जी के भाषण भी काफी छोटे होते थे. साल 2002 और 2003 में उनके भाषण सिर्फ 25 और 30 मिनट के थे.

इस तरह, पीएम मोदी ने न सिर्फ लगातार सबसे ज़्यादा भाषण देने के मामले में दूसरा स्थान हासिल किया है, बल्कि सबसे लंबा भाषण देने का एक नया कीर्तिमान भी स्थापित कर दिया है.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 15, 2025 10:36 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).