Paras Hospital Mock Drill Row: ऑक्सीजन की कमी से 22 मरीजों की मौत मामले में नया मोड़, आगरा के DM ने कहा- नहीं गई किसी की जान
आगरा के डीएम प्रभु एन. सिंह ने पारस अस्पताल का बचाव करते हुए कहा कि 28 अप्रैल को अस्पताल में ऑक्सीजन उपलब्ध थी (जब वीडियो शूट किया गया था) आगरा एक छोटा सा शहर है. अस्पताल में 22 मरीजों की मौत होने पर हंगामा मच जाता. उस दिन ऑक्सीजन की कमी से किसी मरीज की मौत नहीं हुई.
लखनऊ: आगरा के पारस अस्पताल ( Agra Paras Hospital) में कथित तौर पर ऑक्सीजन की कमी के चलते 22 मरीजों की मौत की बात सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश में हंगामा मचा हुआ है. इस खबर के बाद आनन-फानन में आगरा के डीएम प्रभु एन. सिंह ने अस्पताल को सील कर अस्पताल के खिलाफ महामारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज करवाया है. वहीं घटना स्थल का दौरा करने के बाद आगरा के डीएम ने भी माना की मॉक ड्रिल की जो बात आ रही है. उस दौरान ऑक्सीजन की कमी के चलते मरीजों की जान गई है. इसलिए अस्पताल को सील किया जा रहा है. लेकिन अब घटना में नया मोड़ आ गया है. डीएम खुद अस्पताल में एक भी मौत से इंकार कर रहे है.
डीएम प्रभु एन. सिंह (Agra DM Prabhu N Singh) ने मीडिया से बातचीत में अस्पताल का बचाव करते हुए कहा कि 28 अप्रैल को अस्पताल में ऑक्सीजन उपलब्ध थी (जब वीडियो शूट किया गया था) आगरा एक छोटा सा शहर है. अस्पताल में 22 मरीजों की मौत होने पर हंगामा मच जाता. उस दिन ऑक्सीजन की कमी से किसी मरीज की मौत नहीं हुई. हालांकि अस्पताल संचालक में डॉ. अरिंजय जैन का खुद के बचाव में उनका भी कहना है कि ऑक्सीजन की कमी की वजह से किसी मरीज की जान नहीं गई है. अस्पताल हर जांच के लिए तैयार हैं. यह भी पढ़े: Agra Paras Hospital Seized: ऑक्सीजन की कमी के चलते 22 मरीजों की मौत के बाद एक्शन में प्रशासन, आगरा के पारस अस्पताल को किया सील
Oxygen was available at the hospital on Apirl 28 (when video was shot). Agra is a small city. There would an outcry if 22 patients die at a hospital. No patients died due to oxygen shortage that day: Agra DM Prabhu N Singh on Paras hospital matter pic.twitter.com/eJfkkw7To0
— ANI UP (@ANINewsUP) June 8, 2021
हालांकि मंगलवार को एक वीडियो वायरल होने के बाद सामने आया, जिसमें अस्पताल के मालिक को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि यह एक मॉक ड्रिल है. कथित वीडियो में एक डॉक्टर यह स्वीकार करता है कि मॉक ड्रिल के दौरान पांच मिनट के लिए ऑक्सीजन बंद करने से 22 लोगों की मौत हो गई.
वहीं अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के कारण 22 मरीजों की मौत का मामला सामने आने के बाद विपक्ष यूपी सरकार को घेरने के साथ-साथ अस्पताल के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है. विपक्ष के नेताओं में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने ट्विटर पर लिखा, भाजपा शासन में ऑक्सीजन व मानवता दोनों की भारी कमी है. इस खतरनाक अपराध के जिम्मेदार सभी लोगों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए. दुख की इस घड़ी में मृतकों के परिवारजनों को मेरी संवेदनाएं. (इनपुट एजेंसी के साथ)
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 08, 2021 11:47 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

