भारत से शांति वार्ता को तैयार पाकिस्तान; PAK पीएम शहबाज शरीफ ने जताई बातचीत की इच्छा

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक बार फिर भारत से शांति वार्ता की इच्छा जताई है. उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान भारत के साथ बैठकर सभी मुद्दों पर बातचीत करने को तैयार है, बशर्ते भारत भी सकारात्मक रवैया अपनाए.

Pakistan PM Shehbaz Sharif | FB

नई दिल्ली: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक बार फिर भारत से शांति वार्ता की इच्छा जताई है. उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान भारत के साथ बैठकर सभी मुद्दों पर बातचीत करने को तैयार है, बशर्ते भारत भी सकारात्मक रवैया अपनाए. यह बयान ऐसे समय आया है जब 10 मई को दोनों देशों ने सभी सैन्य कार्रवाइयों को रोकने पर सहमति बनाई है. इससे पहले, 7 मई से लेकर 10 मई तक भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिन तक जबरदस्त सैन्य तनाव रहा. दोनों देशों के बीच ड्रोन, मिसाइल और लंबी दूरी के हथियारों से हमला और जवाबी हमला हुआ.

एक भी गोली नहीं चलेगी, बॉर्डर पर सैनिकों की संख्या कम की जाएगी, भारत और पाक DGMO के बीच हुई ये बातें.

भारत ने "ऑपरेशन सिंदूर" के तहत पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाते हुए 9 लोकेशनों पर सटीक हमले किए.

भारत ने यह ऑपरेशन 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में किया था, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई थी. इसके बाद भारत ने दुनिया को यह साफ संदेश दिया कि आतंकवाद को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसका जवाब उसी भाषा में दिया जाएगा.

अब शहबाज शरीफ की शांति की बात क्यों?

शहबाज शरीफ का यह बयान तब आया है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की छवि को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं. आर्थिक संकट, अलग-थलग पड़ती विदेश नीति और भीतरू राजनैतिक अस्थिरता के बीच अब पाकिस्तान यह दिखाना चाहता है कि वह बातचीत के लिए तैयार है.

हालांकि भारत का अब तक का रुख सख्त रहा है "बातचीत और आतंक साथ नहीं चल सकते". ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या पाकिस्तान की यह शांति की पेशकश वास्तव में ईमानदारी से की गई है या यह सिर्फ अंतरराष्ट्रीय दबाव को कम करने का एक प्रयास है?

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