नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव लगातार गहराता जा रहा है. 7 मई की सुबह भारत द्वारा ऑपरेशन सिंदूर के तहत आतंकी ठिकानों पर की गई सटीक कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने 8 मई की रात को सैन्य ठिकानों और रिहायशी इलाकों पर हमला करने की कोशिश की. सेना सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान ने करीब 500 छोटे ड्रोन भारतीय सीमावर्ती इलाकों की ओर भेजे. ये ड्रोन रात 8 बजे से 11:30 बजे के बीच जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और गुजरात के 24 शहरों पर एक साथ हमला करने की योजना का हिस्सा थे.
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सेना और वायुसेना की सजगता से बची बड़ी तबाही
पाकिस्तान की इस योजना को भारत की सेना और वायुसेना ने पूरी मुस्तैदी से नाकाम कर दिया. L-70 एंटी-एयरक्राफ्ट गन, ZU-23mm, Schilka प्लेटफॉर्म और आकाश मिसाइल प्रणाली जैसे अत्याधुनिक सिस्टम की मदद से भारतीय सुरक्षा बलों ने सभी ड्रोन और मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर हवा में ही नष्ट कर दिया. इस हमले में किसी भी सैन्य ठिकाने या नागरिक क्षेत्र को कोई नुकसान नहीं पहुंचा, न ही किसी प्रकार की जनहानि हुई.
ऑपरेशन सिंदूर के बाद बौखलाया पाकिस्तान
गौरतलब है कि भारत ने 7 मई को सुबह एक गोपनीय मिशन ऑपरेशन सिंदूर चलाया था, जिसमें पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी अड्डों को निशाना बनाया गया था. भारत ने स्पष्ट किया था कि यह हमला सिर्फ आतंकियों पर केंद्रित था और इसमें किसी पाकिस्तानी सैन्य ठिकाने को नुकसान नहीं पहुंचाया गया.
इसके बाद 8 मई को पाकिस्तान ने जम्मू, पठानकोट, सांबा और अरनिया जैसे संवेदनशील सैन्य क्षेत्रों को निशाना बनाते हुए 8 मिसाइलें दागीं. इन सभी मिसाइलों को भी भारतीय वायु रक्षा प्रणालियों ने हवा में ही सफलतापूर्वक रोक लिया.
हमास जैसी रणनीति का इस्तेमाल
भारतीय सेना के एक अधिकारी ने बताया कि इस हमले की योजना हूबहू हमास द्वारा इज़राइल पर किए गए रॉकेट हमलों जैसी थी. कम लागत वाले, बड़े पैमाने पर लॉन्च किए गए ड्रोन और रॉकेट्स के जरिए एक साथ कई ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की गई, जिससे भ्रम और नुकसान फैलाया जा सके.
क्या था पाकिस्तान का मकसद?
पाकिस्तान का यह कदम भारत की जवाबी कार्रवाई के बाद तनाव को और भड़काने की दिशा में देखा जा रहा है. विशेषज्ञ मानते हैं कि पाकिस्तान का उद्देश्य भारत पर दबाव बनाना था, लेकिन भारत की तैयारी और सटीक प्रतिक्रिया ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया.
भारत के लिए यह चुनौतीपूर्ण रात थी, लेकिन हमारी सेनाओं की चौकसी और तकनीकी दक्षता ने एक बड़े संकट को टाल दिया. पाकिस्तान द्वारा भेजे गए 500 ड्रोन और कई मिसाइलें भारतीय सुरक्षा व्यवस्था की दीवार को भेद नहीं सकीं. यह घटनाक्रम न केवल सुरक्षा तंत्र की मजबूती का प्रमाण है, बल्कि आम जनता के लिए यह भरोसे का संदेश भी है "भारत तैयार है, हर मोर्चे पर!"













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