नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया तनाव के दौरान भारत द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर को लेकर पाकिस्तान ने पहली बार बड़ा बयान दिया है. पाकिस्तान ने स्वीकार किया है कि इस भारतीय सैन्य कार्रवाई में उसके 11 सैनिक मारे गए और 78 जवान घायल हुए हैं. यह स्वीकारोक्ति इस बात की पुष्टि है कि भारत की कार्रवाई न सिर्फ सटीक थी, बल्कि पाकिस्तान की रक्षा व्यवस्था को भी हिला कर रख गई.
इस ऑपरेशन के तहत भारत ने चार दिन तक चलने वाली सैन्य कार्रवाई में पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों और सेना के सहयोगी ठिकानों को निशाना बनाया. भारतीय वायुसेना और सेना के संयुक्त प्रयासों से किए गए इन हमलों में पाकिस्तानी सेना और वायुसेना के ठिकानों को भारी नुकसान हुआ. अब तक पाकिस्तान इस हमले को नकारता रहा था, लेकिन अब वह खुद दुनिया को यह बता रहा है की भारत की कार्रवाई में उसके 11 सैनिकों की मौत हुई और 78 अन्य के घायल हुए.
पाकिस्तान का बड़ा कबूलनामा
पाकिस्तान का यह कबूलनामा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहद अहम है. पहले जहां वह भारत के हर सर्जिकल स्ट्राइक या एयरस्ट्राइक को "झूठा दावा" कहकर खारिज करता था, वहीं अब खुद स्वीकार करना यह दर्शाता है कि भारत की सैन्य नीति में ठोस बदलाव आया है. अब जवाब शब्दों में नहीं, कार्रवाई में दिया जाता है.
ऑपरेशन सिंदूर क्यों शुरू हुआ?
भारत ने यह ऑपरेशन पहल्गाम के बैसारन घाटी में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में शुरू किया था. इस हमले में 26 निर्दोष लोग मारे गए, जिनमें अधिकतर पर्यटक, एक नेपाल का नागरिक और एक पोनी राइड ऑपरेटर शामिल था. माना जा रहा है कि यह हमला कम से कम चार आतंकवादियों ने मिलकर अंजाम दिया था. इस नृशंस हमले के बाद भारत सरकार ने सख्त प्रतिक्रिया देते हुए सीमापार आतंक के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की योजना बनाई और "ऑपरेशन सिंदूर" की शुरुआत की.
भारत ने 7 मई को पाकिस्तान और पीओके (पाक अधिकृत कश्मीर) में नौ जगहों पर हवाई हमले किए. भारत का आरोप था कि पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के पीछे जिन आतंकियों का हाथ है, उन्हें पाकिस्तान का समर्थन मिला हुआ है. हालांकि पाकिस्तान ने इस आरोप को खारिज किया है. इन हमलों में भारत ने आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया और करीब 100 आतंकियों को मार गिराया.
पाकिस्तान को भारत ने दिया कड़ा जवाब
पाकिस्तान ने भी जवाबी कार्रवाई के तौर पर जम्मू-कश्मीर, पंजाब और राजस्थान में सैकड़ों ड्रोन हमले कर भारतीय वायु सुरक्षा प्रणाली को भेदने की कोशिश की, लेकिन वह नाकाम रहा. इसके बाद भारत ने पलटवार करते हुए पाकिस्तान के सैन्य हवाई ठिकानों पर हमला किया और उसे बड़ा नुकसान पहुंचाया.
इस स्थिति से निराश होकर, पाकिस्तान के डीजीएमओ (सेना संचालन महानिदेशक) ने 10 मई को भारतीय समकक्ष अधिकारी को फोन किया. बातचीत के बाद दोनों देशों के बीच एक आपसी समझौता हुआ, जिसके तहत सभी सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी.













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