बिहार में सिर्फ 7 फीसदी लोग ही ग्रेजुएट, सवर्णों में 26 प्रतिशत परिवार गरीब, देखें जातिगत जनगणना के पूरे आंकड़े

जातिगत जनगणना के मुताबिक सर्वणों में सबसे ज्यादा गरीब भूमिहार और ब्राह्मण परिवार हैं. आपको बता दें कि नीतीश सरकार ने बिहार में जातिगत जनगणना कराई थी. अक्टूबर में इसके आंकड़े जारी किए गए थे.

Bihar Economic And Educational Statistics: बिहार विधानसभा में आज जाति गणना की रिपोर्ट पेश की गई. जातिगत जनगणना के आर्थिक और शैक्षणिक आंकड़े जारी किए गए हैं. इसके मुताबिक, बिहार में सिर्फ 7 फिसदी लोग ही ग्रेजुएट है. वहीं आर्थिक स्थिति की बात करें, तो  बिहार में सामान्य वर्ग में 25.9 फीसदी परिवार गरीब हैं. जातिगत जनगणना के मुताबिक सर्वणों में सबसे ज्यादा गरीब भूमिहार और ब्राह्मण परिवार हैं. आपको बता दें कि नीतीश सरकार ने बिहार में जातिगत जनगणना कराई थी. अक्टूबर में इसके आंकड़े जारी किए गए थे.

बिहार जातिगत जनगणना के आर्थिक और शैक्षणिक आंकड़े-

बिहार के शैक्षणिक आंकड़े

बिहार के आर्थिक आंकड़े

जातिगत गरीब परिवार

बिहार में कौन की जाति कितनी फीसदी

बिहार में जातीय जनगणना के जो आंकड़े जारी किए गए हैं. उसके मुताबिक राज्य में सबसे ज्यादा आबादी अति पिछड़े वर्ग की है. रिपोर्ट के मुताबिक बिहार में सवर्ण एक तरह से काफी कम आबादी में सिमट गए हैं.

आबादी के हिसाब से अत्यंत पिछड़ा वर्ग 36.01 फीसदी है जिसकी संख्या 4,70,80,514 है. वहीं पिछड़ा वर्ग 27.12 फीसदी है जिनकी तादाद 3,54,63,936 है. जबकि अनुसूचित जाति के 19.6518% हैं, इनकी आबादी 2,56,89,820 है. वहीं अनुसूचित जनजाति की आबादी 21,99,361 है जो कि कुल आबादी का 1.6824% है. अनारक्षित यानी जनरल कास्ट, जिसे सवर्ण भी कह सकते हैं, की आबादी 2 करोड़ 02 लाख 91 हजार 679 है, ये बिहार की कुल आबादी का 15.5224 प्रतिशत है..

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