26/11 हमले की बरसी पर प्रकाश जावड़ेकर ने यूपीए सरकार को ठहराया जिम्मेदार, कहा- ठोस कदम नहीं उठाए गए
मुंबई हमले के बुधवार को 17 साल पूरे हो गए हैं. 26/11 हमले पर भाजपा नेता प्रकाश जावड़ेकर ने यूपीए सरकार को जिम्मेदार बताते हुए कहा कि उस समय कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया था. भाजपा नेता प्रकाश जावड़ेकर ने आईएएनएस से कहा, "26/11 को 17 साल बाद भी कोई नहीं भूल सकता.
पुणे, 26 नवंबर : मुंबई हमले के बुधवार को 17 साल पूरे हो गए हैं. 26/11 हमले पर भाजपा नेता प्रकाश जावड़ेकर ने यूपीए सरकार को जिम्मेदार बताते हुए कहा कि उस समय कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया था. भाजपा नेता प्रकाश जावड़ेकर ने आईएएनएस से कहा, "26/11 को 17 साल बाद भी कोई नहीं भूल सकता. जिस तरह से हमला किया गया और जिस तरह से पाकिस्तान ने आतंकवाद फैलाया, वह गंभीर और डरावना था. उस समय कई शहरों में आतंकी घटनाएं हो रही थीं, लेकिन मुंबई हमला बेरहम था. सैकड़ों लोग मारे गए, कई पुलिस अधिकारियों की जान चली गई, और हमला 7 से 8 जगहों पर हुआ, जिससे यह बहुत अलग और बहुत दुखद बन गया."
उन्होंने कहा कि उस समय केंद्र में यूपीए की सरकार थी, इसीलिए उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई थी. इसके साथ ही आए दिन कहीं न कहीं विस्फोट की घटनाएं सामने आती रहती थीं, लेकिन जब से केंद्र में भाजपा की सरकार आई है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई कर रहे हैं. यह भी पढ़ें : लखीमपुर खीरी में शादी की खुशियां मातम में बदलीं, शारदा नहर में गिरी ऑल्टो कार, गेट लॉक होने से 5 की मौत; देखें दर्दनाक VIDEO
प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि भारत ने पिछले दस साल में इस तरह की घटना नहीं देखी है. पिछले दिनों दिल्ली में एक विस्फोट हुआ था, उसकी जांच चल रही है. शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस विस्फोट में पाकिस्तान का हाथ है. केंद्र सरकार आतंक के खिलाफ लड़ाई जारी रखेगी. हम लोगों ने नक्सलवाद के खिलाफ की लड़ाई जीत ली है और आने वाले समय में आतंकवाद के खिलाफ भी जीत लेंगे.
राज्यसभा सांसद उज्ज्वल निकम ने आईएएनएस से कहा, "मैं अपनी जिंदगी में यह दिन कभी नहीं भूल सकता. यह वह दिन है जब आतंकवादियों ने हमारे देश के कई बेगुनाह नागरिकों और कई बहादुर पुलिस अधिकारियों को मार डाला था. उन्हें क्यों मारा गया? आतंकवाद का सिर्फ एक कारण था, जो नफरत से पैदा हुआ था. इनका मकसद क्या था? मकसद यह था कि अगर मुंबई, जो एक 'वित्तीय केंद्र' है, अगर लोग डर जाएंगे और विदेशी निवेशक भाग जाएंगे, तो भारत आर्थिक तंगी में चला जाएगा. लेकिन ऐसा नहीं हुआ, वो लोग अपने मनसूबे में कामयाब नहीं हो पाए थे."
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 26, 2025 11:24 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

