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Ola-Uber Strike: ओला, उबर की हड़ताल से मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य शहरों में लगातार चौथे दिन यात्रा संबंधी परेशानियां, जानें कैब ड्राइवरों की मुख्य मांगें क्या हैं?

ओला और उबर ड्राइवरों की हड़ताल के कारण मुंबई में यात्रियों को लगातार चौथे दिन भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा. महाराष्ट्र गिग वर्क्स मंच के नेतृत्व में चल रहे इस विरोध प्रदर्शन के कारण लगभग 90% ऐप-आधारित कैब सड़कों से नदारद हैं.

Ola-Uber Strike: ओला, उबर की हड़ताल से मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य शहरों में लगातार चौथे दिन यात्रा संबंधी परेशानियां, जानें कैब ड्राइवरों की मुख्य मांगें क्या हैं?
Ola Logo, Uber logo (Photo Credits: Wikimedia Commons)

मुंबई, 18 जुलाई: ओला (Ola) और उबर (Uber) ड्राइवरों की हड़ताल के कारण मुंबई में यात्रियों को लगातार चौथे दिन भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा. महाराष्ट्र गिग वर्क्स मंच (Maharashtra Gig Works Manch) के नेतृत्व में चल रहे इस विरोध प्रदर्शन के कारण लगभग 90% ऐप-आधारित कैब सड़कों से नदारद हैं. शुक्रवार, 18 जुलाई को सुबह 10 बजे मुंबई के ऐतिहासिक आज़ाद मैदान (Azad Maidan) में धरना प्रदर्शन का आह्वान किया गया है.

मुंबई हवाई अड्डे (Mumbai Airport) पर स्थिति विशेष रूप से गंभीर है, जहां यात्रियों को वैकल्पिक परिवहन के कारण लंबे इंतजार और बढ़े हुए किराए का सामना करना पड़ रहा है. इसके जवाब में हवाई अड्डा प्राधिकरण  (Airport Authority) ने सोशल मीडिया पर एक यात्रा सलाह (Travel Advisory) जारी की है, जिसमें यात्रियों से अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाने और वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था करने का आग्रह किया गया है. हड़ताल के कारण शहर भर में बसों, ऑटो-रिक्शा और मेट्रो सेवाओं की मांग भी बढ़ गई है. यह भी पढ़ें: Mumbai Uber-Ola Strike Day 3: मुंबई में उबर-ओला ड्राइवरों की हड़ताल जारी, सरकार से बातचीत विफल रहने पर तीसरे दिन भी यात्री परेशान

मुंबई और महाराष्ट्र में ओला-उबर ड्राइवर क्यों विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं? उनकी क्या मांगें हैं?

इस बीच, ड्राइवर उचित वेतन और बेहतर कामकाजी परिस्थितियों की मांग कर रहे हैं. ड्राइवर पारंपरिक काली-पीली टैक्सियों के बराबर किराया, बाइक टैक्सियों पर प्रतिबंध, ऑटो और टैक्सी परमिट की सीमा और कैब एग्रीगेटर्स से कम कमीशन की मांग कर रहे हैं. वे ऐप-आधारित ड्राइवरों के लिए एक कल्याण बोर्ड के गठन और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए 'महाराष्ट्र गिग वर्कर्स एक्ट' लागू करने की भी मांग कर रहे हैं.

परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के साथ हाल ही में हुई बैठक के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला है. टाइम्स नाउ न्यूज के अनुसार, सरनाईक ने कहा, 'हमने सब कुछ समझाया, लेकिन विरोध अभी भी जारी है. यह सही नहीं है' शुक्रवार को आज़ाद मैदान में धरना देने की तैयारी कर रहे ड्राइवरों के बीच, हड़ताल जल्द खत्म होने के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 18, 2025 01:29 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).