मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के बालाघाट (Balaghat) जिले में 22 वर्षीय नक्सलवादी (Naxalites) महिला सुनीता ने इंसास रायफल के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है. अधिकारियों के मुताबिक, सुनीता ने शनिवार 1 नवंबर, 2025 की रात मध्य प्रदेश की नक्सल-विरोधी हॉक फोर्स के चौरिया कैंप में सरेंडर किया. सुनीता छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बीजापुर जिले की भैरमगढ़ तहसील की रहने वाली हैं और माओवादियों की जीआरबी (गोंदिया–राजनांदगांव–बालाघाट) डिवीजन से जुड़ी थीं, जो एमएमसी (महाराष्ट्र–मध्य प्रदेश–छत्तीसगढ़) ज़ोन का हिस्सा है. ख़बरों के अनुसार सुनीता बिना हथियार के कैंप में आईं और आत्मसमर्पण की इच्छा जताई. बाद में वह टीम के साथ जंगल में अपने ठिकाने पर गईं, जहां से एक इंसास राइफल, तीन मैगज़ीन और एक यूबीजीएल गोला-बारूद बरामद किया गया. सुनीता पर कुल महाराष्ट्र में ₹6 लाख और छत्तीसगढ़ में ₹3 लाख का इनाम घोषित था. सुनीता वरिष्ठ माओवादी नेता और केंद्रीय समिति सदस्य (सीसीएम) रामदेर की अंगरक्षक और क्षेत्र समिति सदस्य रह चुकी है. यह भी पढ़ें: Lalit Narayan Mishra Murder Case: पूर्व रेलमंत्री ललित नारायण मिश्रा हत्याकांड में 50 साल बाद फिर जांच की मांग, दिल्ली हाईकोर्ट में दायर याचिका
जानकारी के अनुसार “रामदेर इस साल फरवरी में 10 से ज़्यादा माओवादियों के साथ बालाघाट में घुसा था और अब तक वहीं छिपा हुआ है. ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि सुनीता के आत्मसमर्पण के बाद क्षेत्र के अन्य माओवादी भी हथियार डाल सकते हैं. अगस्त 2023 में शुरू की गई नई पुनर्वास नीति के लागू होने के बाद से यह राज्य में ऐसा पहला मामला है.
महिला नक्सली सुनीता ने किया सरेंडर
14 लाख की ईनामी नक्सली सुनीता ने आत्मसमर्पण किया है. सुनीता की उम्र महज 22 साल है.
22 साल की उम्र में सुनीता पर 14 लाख का इनाम था.
लेकिन आप लड़की की मासूमियत देख कल्पना कर पाएंगे कि इसने कैसे कैसे कांड किए हैं. pic.twitter.com/gSqlJ781sG
— Priya singh (@priyarajputlive) November 3, 2025
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यह आत्मसमर्पण केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की माओवादियों को दी गई “कड़ी चेतावनी” और मध्य प्रदेश पुलिस की हालिया कार्रवाई का परिणाम है. उन्होंने आगे कहा कि, 'राज्य सरकार ने आत्मसमर्पण करने के इच्छुक माओवादियों के लिए पुनर्वास के रास्ते खोले हैं. उन्होंने कहा, "या तो उनका सफाया हो रहा है या वे आत्मसमर्पण कर रहे हैं. अब मुट्ठी भर नक्सली ही बचे हैं और हमें उम्मीद है कि हमारी कड़ी कार्रवाई का उन पर भी जल्द ही असर होगा."











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