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Nashik Water Dam Update: महाराष्ट्र में बारिश के बीच बड़ी राहत, नासिक में जल संकट खत्म! बांधों में रिकॉर्ड पानी जमा

महाराष्ट्र में जारी बारिश के बीच नाशिक में जल संकट को लेकर चिंता खत्म हो गई है. जून में मॉनसून की भारी बारिश के कारण नाशिक जिले के बांधों में जलस्तर में वृद्धि हुई है। वर्तमान में 26 प्रमुख ज बांधो में जल भंडारण 47.42 प्रतिशत तक पहुंच गया है.

Nashik Water Dam Update: महाराष्ट्र में बारिश के बीच बड़ी राहत, नासिक में जल संकट खत्म! बांधों में रिकॉर्ड पानी जमा
(Photo Credits WC)

Nashik Water Dam Update: महाराष्ट्र में जारी बारिश के बीच नासिक में जल संकट को लेकर चिंता खत्म हो गई है. जून महीने में भारी बारिश के कारण नासिक जिले के बांधों में जलस्तर में तेजी के साथ वृद्धि हुई है. वर्तमान में 26 प्रमुख बांधो में जल भंडारण 47.42 प्रतिशत तक पहुंच गया है. बांधों में जलस्तर बढ़ने से जिले के जिले के निवासियों के लिए यह बड़ी राहत की बात है.

1 जून को प्रमुख बांधों में 24 प्रतिशत पानी था

1 जून को प्रमुख बांधों में केवल 24 प्रतिशत जल भंडारण शेष था, लेकिन जिले में अच्छी बारिश के चलते जून के अंत तक यह 47.42 प्रतिशत तक पहुंच गया. मौसम विभाग ने अगले तीन महीनों में अच्छी बारिश की संभावना जताई है, जिससे जुलाई और आगामी महीनों में बांध पूरी तरह भरने की उम्मीद है. यह भी पढ़े: Khadakwasla Dam: महाराष्ट्र में भारी बारिश के चलते खडकवासला बांध का जल स्तर बढ़ा, मुठा नदी में 1,920 क्यूसेक की दर से पानी छोड़ा गया

बांधों में 33,491 मिलियन घन फीट पानी जाम हुआ

वर्तमान में बांधों में 33,491 मिलियन घन फीट जल भंडारण हो चुका है.  पिछले साल 30 जून को यह भंडारण केवल 7 प्रतिशत था. त्र्यंबकेश्वर और इगतपुरी तालुकों में लगातार बारिश के कारण गंगापुर और दारणा समूह के बांधों में नई जान आई है. नासिकककरों की प्यास बुझाने वाले गंगापुर समूह के चारों प्रोजेक्ट्स (गंगापुर, गौतमी गोदावरी, कश्यपी, आणि आलंदी) में 5,700 मिलियन घन फीट जल भंडारण हुआ है, जो कुल क्षमता का 56 प्रतिशत है। बांधों में पानी की आवक बनी हुई है, जिसके कारण गंगापुर से पिछले आठ दिनों से 8,428 क्यूसेक की दर से पानी का विसर्ग जारी है.

दारणा बांध से पानी छोड़ा गया

दारणा बांध से भी बड़े पैमाने पर पानी निकाला जा रहा है, जिसमें 10,562 क्यूसेक की दर से पानी छोड़ा गया. इसके अलावा, पालखेड (5,538 क्यूसेक), ओझरखेड, और गिरणा खोरे में भी लगातार बारिश के कारण बांधों का जलस्तर बढ़ा है.  जिलेमे जिस तरह से बारिश हो रही हैं. उसको देखकर कहा जा स्काट अहै कि  मॉनसून का केवल एक महीना ही बीता है, और मौसम विभाग ने अगले तीन महीनों में जिले में अच्छी बारिश की संभावना जताई है. इससे बांधों के पूरी तरह भरने की चिंता दूर होने की उम्मीद है.

 

जून में औसतन 220 मिमी बारिश

जिले में बारिश की तीव्रता कम हुई है, फिर भी सोमवार (30 जून) को कई जगहों पर हल्की बौछारें पड़ीं. जून में जिले में औसतन 220.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो मासिक औसत का 126 प्रतिशत है. त्र्यंबकेश्वर तालुका में सबसे अधिक 661 मिलीमीटर बारिश हुई, इसके बाद पेठ में 501 मिलीमीटर और इगतपुरी में 452 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई.

 

जानें अन्य तालुकों में बारिश का डिटेल्स

मालेगांव (92 मिमी), बागलाण (133 मिमी), कळवण (174 मिमी), नांदगांव (106 मिमी), सुरगाणा (365 मिमी), नाशिक (258 मिमी), दिंडोरी (277 मिमी), निफाड (183 मिमी), सिन्नर (164 मिमी), येवला (155 मिमी), चांदवड (179 मिमी), और देवळा (99 मिमी)। सोमवार को इगतपुरी, त्र्यंबकेश्वर, पेठ, और सुरगाणा तालुकों में कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश हुई, जबकि अन्य तालुकों में हल्की बौछारें पड़ीं। मौसम विभाग ने बुधवार (2 जुलाई) को जिले के घाटमाथा क्षेत्र के लिए ऑरेंज अलर्ट और अन्य क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 01, 2025 04:33 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).