Nuh Violence: नूंह के बाद गुरुग्राम में भड़की हिंसा में हिंदू नाम वाला मुस्लिम पुलिसकर्मी नीरज खान भीड़ से लड़ते हुए मारा गया, सदमे में परिवार
जब 37 वर्षीय नीरज सोमवार को नूंह से गुरुग्राम तक फैली सांप्रदायिक हिंसा को रोकने के लिए हरियाणा पुलिस के अपने सहयोगियों के साथ माेर्चा संभाला, तो उन्हें या उनके परिवार में किसी को भी यह अनुमान नहीं था कि यह वर्दी में ड्यूटी का उनका आखिरी दिन होगा
गुरुग्राम, 2 अगस्त: जब 37 वर्षीय नीरज सोमवार को नूंह से गुरुग्राम तक फैली सांप्रदायिक हिंसा को रोकने के लिए हरियाणा पुलिस के अपने सहयोगियों के साथ माेर्चा संभाला, तो उन्हें या उनके परिवार में किसी को भी यह अनुमान नहीं था कि यह वर्दी में ड्यूटी का उनका आखिरी दिन होगा. यह भी पढ़े: Haryana Nuh Violence: नूंह में दो समूहों के बीच झड़प के बाद पुलिस बल तैनात, मोबाइल इंटरनेट सेवाएं कर दी गई निलंबित, देखें वीडियो
हरियाणा पुलिस में 15 वर्षों तक अनुशासन और समर्पण के साथ सेवा करने के बाद हिंदू नाम वाला एक मुस्लिम व्यक्ति, होम गार्ड का जवान नीरज, अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला था हरियाणा के नूंह जिले में सांप्रदायिक हिंसा जैसे ही निकटवर्ती गुरुग्राम जिले में फैल गई, खेड़की दौला पुलिस स्टेशन, जहां नीरज खान तैनात थे, को घबराए हुए नागरिकों से मदद के लिए फोन आने लगे.
गुरुग्राम के गढ़ी वाजिदपुर गांव के निवासी नीरज अपने साथियों के साथ हिंसक भीड़ का सामना करने निकले भीड़ में शामिल कुछ लोगों के हाथ में बंदूक, तलवार तो कुछ के हाथ में लोहे की छड़, लाठी और पत्थर थे नीरज और उनके साथियों पर उग्र भीड़ ने हमला किया नीरज के पूरे शरीर पर लाठी और डंडों से कई गंभीर वार हुए.
उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां सोमवार शाम को उन्होंने दम तोड़ दिया पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी नीरज के परिवार में उनकी पत्नी वकीला, दो बच्चे - नितिन (10) और निकिता (6), और भाई सुनील खान और सोनू खान हैं जब गमगीन परिवार इस त्रासदी पर शोक मना रहा था, तो नीरज के सबसे बड़े भाई सोनू खान अपने भाई के साथ बिताए अंतिम क्षणों को याद करते हुए आंसुओं से भर गए.
सोनू खान ने आईएएनएस को बताया, "वह एक मौज-मस्ती करने वाला इंसान था हम आखिरी बार सोमवार सुबह नीरज से मिले थे, जब वह काम पर जा रहा था हम फिटनेस और वर्कआउट के बारे में बात कर रहे थे और नीरज ने मजाक में यह भी कहा था कि मुझे अपने शरीर का वजन कम करने की जरूरत है.
मुस्लिम होने के बावजूद परिवार के सभी पुरुष सदस्यों के नाम हिंदू हैं, जबकि महिलाओं के नाम मुस्लिम हैं सोनू खान ने कहा, "हम एक हिंदू बहुल गांव में रहते हैं, जिसमें कुछ मुस्लिम परिवार हैं चूंकि हम अपने हिंदू पड़ोसियों के साथ शांति, सद्भाव और भाईचारे के साथ रह रहे थे, इसलिए हमारे पूर्वजों ने हिंदू नाम अपनाने का फैसला किया था.
भले ही इस सप्ताह नूंह और गुरुग्राम में हुई सांप्रदायिक झड़पों से आसपास के क्षेत्रों में सामाजिक ताने-बाने के टूटने का खतरा पैदा हो गया है, खान पारिवार सामुदायिक सद्भाव को जीवित रखने के लिए दृढ़ है इस बीच, एक अधिकारी ने कहा कि हिंसा में जान गंवाने वाले मृतक होम गार्ड - नीरज और गुरसेव के परिवारों को हरियाणा पुलिस द्वारा 57-57 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 03, 2023 12:43 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

