Mumbai Metro Line 6 Update: मुंबई मेट्रो लाइन-6 को लेकर बड़ा अपडेट; कंजुरमार्ग डिपो के बिना शुरू होगी सेवा, MMRDA ने तैयार किया ये प्लान
मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MMRDA) ने मेट्रो लाइन 6 (पिंक लाइन) को 2026 के उत्तरार्ध तक शुरू करने का लक्ष्य रखा है. कंजुरमार्ग डिपो भूमि विवाद के समाधान का इंतजार करने के बजाय, प्राधिकरण अब एलिवेटेड पिट लाइन्स के जरिए ट्रेनों का संचालन और रखरखाव करेगा.
Mumbai Metro Line 6 Update: मुंबई मेट्रो लाइन 6, जो अंधेरी (पश्चिम) के स्वामी समर्थ नगर को विक्रोली से जोड़ती है, अब अपने विवादित कंजुरमार्ग कार डिपो के बिना ही पटरी पर उतरने के लिए तैयार है. मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) ने 2026 के दूसरे भाग में इस 'पिंक लाइन' को जनता के लिए खोलने का निर्णय लिया है. डिपो निर्माण में हो रही देरी को देखते हुए प्रशासन ने 'एलिवेटेड पिट लाइन्स' (Elevated Pit Lines) का एक अनूठा विकल्प तैयार किया है.
क्या है MMRDA का नया 'डिपो-फ्री' प्लान?
आमतौर पर मेट्रो ट्रेनों के रखरखाव और रात में खड़ा करने के लिए एक विशाल जमीनी डिपो की आवश्यकता होती है. लेकिन कंजुरमार्ग में जमीन मिलने में हो रही देरी के कारण, MMRDA अब ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे (EEH) के समानांतर एक आठ-लेन का एलिवेटेड कॉरिडोर बना रहा है. इसमें विशेष 'पिट लाइन्स' होंगी. यह भी पढ़े: Mumbai Metro Line-9 Update: मुंबईकरों के लिए खुशखबरी, दहिसर से मीरा-भयंदर के बीच अगले सेमहीने शुरू होगी मेट्रो सेवा, मंत्री प्रताप सरनाईक ने की पुष्टि
MMRDA के एक अधिकारी ने क्या कहा
MMRDA के एक अधिकारी के अनुसार, इन आठ एलिवेटेड पिट लाइन्स पर कर्मचारी ट्रेनों की नियमित जांच और छोटे-मोटे रखरखाव का काम कर सकेंगे. वहीं, जब ट्रेनों की बड़ी ओवरहॉलिंग या गहन मरम्मत की जरूरत होगी, तो उन्हें पास के मानखुर्द स्थित 'मंडाले डिपो' भेजा जाएगा.
कंजुरमार्ग डिपो के साथ जुड़ी चुनौतियां
मेट्रो 6 के लिए MMRDA ने सरकार से कंजुरमार्ग में 15 हेक्टेयर भूमि की मांग की थी. हालांकि, यह जमीन साल्ट पैन (नमक के मैदान) क्षेत्र के अंतर्गत आती है, जिसके कारण अभी तक आधिकारिक मंजूरी नहीं मिल पाई है. अधिकारियों का मानना है कि यदि आज जमीन मिल भी जाती है, तो डिपो तैयार होने में कम से कम दो से तीन साल का समय लगेगा.
इसी देरी से बचने के लिए प्राधिकरण ने सिंगल पिट लाइन्स और आठ-लेन के डेक का निर्माण शुरू कर दिया है. इससे परियोजना को डिपो के इंतजार में और अधिक समय तक लटकाए रखने की जरूरत नहीं होगी.
लागत और देरी का इतिहास
15.31 किलोमीटर लंबी पिंक लाइन परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 6,700 करोड़ रुपये है. 2017 में निर्माण शुरू होने के बाद से यह परियोजना कई बाधाओं का सामना कर चुकी है. दिलचस्प बात यह है कि शुरू में कार डिपो उसी स्थान पर प्रस्तावित था जहां अब नया एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जा रहा है.
यात्रियों को क्या होगा लाभ?
मेट्रो 6 के शुरू होने से मुंबई के पूर्वी उपनगरों (Eastern Suburbs) और पश्चिमी उपनगरों के बीच कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा. यह लाइन जेवीएलआर (JVLR) जैसे भारी ट्रैफिक वाले इलाकों के समानांतर चलती है, जिससे सड़क पर वाहनों का दबाव कम होने की उम्मीद है.
MMRDA का लक्ष्य 2026 के अंत तक इस सेवा को शुरू करना है, ताकि लाखों यात्रियों को ट्रैफिक जाम से राहत मिल सके.