Mumbai Dance Bar Raid Video: मुंबई के मीरा रोड में चल रहे बार पर पुलिस ने मारा छापा, 19 महिलाएं और 29 लोगों हिरासत में लिया

इस छापेमारी के बाद अब मीरा भायंदर नगर पालिका (MBMC) के अधिकारियों पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं. लोग पूछ रहे हैं कि एक रिहायशी बिल्डिंग के भीतर फ्लैट्स को तोड़कर इतना बड़ा कमर्शियल और अवैध सेटअप कैसे तैयार हो गया? क्या नगर पालिका ने इन संशोधनों की अनुमति दी थी, या अधिकारियों की मिलीभगत से यह सब चल रहा था?

मुंबई डांस बार पर छापा

Mumbai Dance Bar Raid Video: मुंबई से सटे मीरा रोड के सिल्वर पार्क इलाके में पुलिस ने एक बड़े अवैध डांस बार नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है. 'चंद्रेश अकॉर्ड' नामक रिहायशी इमारत में 'व्हाइट हाउस' (उर्फ खुशी ऑर्केस्ट्रा बार) के नाम से यह अवैध काला कारोबार धड़ल्ले से चल रहा था. मीरा भायंदर के डीसीपी राहुल चव्हाण के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है. Maharashtra: पनवेल के डांस बार में मनसे कार्यकर्ताओं ने तोड़फोड़ की, राज ठाकरे की टिप्पणी के बाद बढ़ा विवाद

फ्लैट्स को जोड़कर बनाया गया था 'अवैध किला'

हैरानी की बात यह है कि इस बार को चलाने के लिए रिहायशी फ्लैट नंबर 102, 103 और 104 में अवैध संरचनात्मक बदलाव (Structural Alterations) किए गए थे. तीनों फ्लैट्स की दीवारों को हटाकर उन्हें आपस में मिला दिया गया था. स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन बदलावों के कारण पूरी बिल्डिंग की नींव कमजोर हो गई है, जिससे वहां रहने वाले परिवारों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है.

अलार्म बजाकर भगाने की कोशिश हुई नाकाम

पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर जब छापेमारी शुरू हुई, तो बार संचालकों ने 'वॉर्निंग बेल' (चेतावनी की घंटी) बजाकर अंदर मौजूद महिलाओं को भगाने की कोशिश की. हालांकि, डीसीपी राहुल चव्हाण की स्पेशल टीम ने पहले ही मास्टर प्लान तैयार कर रखा था. पुलिस ने इमारत के अगले और पिछले, दोनों रास्तों को पूरी तरह सील कर दिया था, जिसके चलते कोई भी भागने में कामयाब नहीं हो पाया.

कार्रवाई के मुख्य आंकड़े:

हिरासत में ली गईं महिलाएं: 19

गिरफ्तार ग्राहक: 29

लोकेशन: सिल्वर पार्क, मीरा रोड (चंद्रेश अकॉर्ड बिल्डिंग)

आरोप: अवैध डांस बार संचालन और बिल्डिंग स्ट्रक्चर से छेड़छाड़.

नगर पालिका की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल

इस छापेमारी के बाद अब मीरा भायंदर नगर पालिका (MBMC) के अधिकारियों पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं. लोग पूछ रहे हैं कि एक रिहायशी बिल्डिंग के भीतर फ्लैट्स को तोड़कर इतना बड़ा कमर्शियल और अवैध सेटअप कैसे तैयार हो गया? क्या नगर पालिका ने इन संशोधनों की अनुमति दी थी, या अधिकारियों की मिलीभगत से यह सब चल रहा था?

फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है. रिहायशी इलाकों में इस तरह के अवैध बार चलने से स्थानीय निवासियों में डर और आक्रोश का माहौल है.

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