Attack on Police: मध्य प्रदेश में पुलिस ही सुरक्षित नहीं, हर दिन एक पुलिसकर्मी पर हमला, 18 महीनों में 5 की मौत

मध्य प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है, जहां हर दिन एक पुलिसकर्मी पर हमला हो रहा है और 18 महीनों में 5 की मौत हो चुकी है. यह सब भोपाल और इंदौर में नई पुलिस कमिश्नर प्रणाली के बावजूद हो रहा है, जहाँ गंभीर अपराध भी लगातार बढ़ रहे हैं. ये आंकड़े पुलिस की सुरक्षा और सिस्टम की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल उठाते हैं.

प्रतीकात्मक तस्वीर (Image Generated by AI)

भोपाल: मध्य प्रदेश में कानून की रक्षा करने वाले पुलिसकर्मी ही अब सुरक्षित नहीं हैं. वे खुद अपराधियों का निशाना बन रहे हैं. यह चौंकाने वाली जानकारी किसी और ने नहीं, बल्कि खुद राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधानसभा में दी है.

आंकड़ों के मुताबिक, 1 जनवरी, 2024 से 30 जून, 2025 के बीच यानी सिर्फ 550 दिनों में 612 पुलिसकर्मियों पर हमले हुए. मतलब, हर दिन एक से ज़्यादा पुलिसवाला पीटा गया या घायल हुआ. इन हमलों के लिए कुल 461 अलग-अलग मामले दर्ज किए गए. हिंसा का स्तर इतना गंभीर है कि इन 18 महीनों में 5 पुलिसकर्मियों की जान भी चली गई.

यह खुलासा तब हुआ जब कांग्रेस विधायक और पूर्व गृह मंत्री बाला बच्चन ने सरकार से पुलिस पर बढ़ते हमलों को लेकर सवाल पूछा.

कमिश्नर सिस्टम भी फेल.

ये आंकड़े इसलिए और भी चिंताजनक हैं क्योंकि राज्य के दो सबसे बड़े शहरों, इंदौर और भोपाल में 9 दिसंबर, 2021 से पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू है. इस सिस्टम को बेहतर पुलिसिंग, अपराध पर तेजी से लगाम लगाने और अपराधियों में डर पैदा करने के वादे के साथ शुरू किया गया था. लेकिन सरकारी आंकड़े बताते हैं कि बड़े अपराध कम होने की बजाय बढ़ते ही जा रहे हैं.

इंदौर का हाल: 9 दिसंबर, 2021 से 12 जुलाई, 2025 के बीच इंदौर में:

भोपाल का हाल: इसी दौरान भोपाल में:

ये आंकड़े एक निराशाजनक तस्वीर पेश करते हैं. एक तरफ पुलिसकर्मी सड़कों पर सुरक्षित नहीं हैं और उन पर लगातार हमले हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गंभीर अपराधों की लहर भी थमने का नाम नहीं ले रही है.

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