Mira Bhayandar Property Tax Hike: मीरा-भाईंदर में प्रॉपर्टी टैक्स में 60% की बढ़ोतरी पर बवाल, शिंदे गुट की शिवसेना का नगर निगम के बाहर 'भीख मांगो' आंदोलन

मीरा-भाईंदर में प्रॉपर्टी टैक्स में 60% की बढ़ोतरी पर बवाल, शिंदे गुट की शिवसेना का नगर निगम के बाहर 'भीख मांगो' आंदोलन

(Photo Credits File)

Mira Bhayandar Property Tax Hike: मीरा-भाईंदर शहर में संपत्ति कर (Property Tax) में 60 प्रतिशत की भारी वृद्धि को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है. सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा नगर निगम की आम सभा में इस प्रस्ताव को पारित किए जाने के बाद से ही विपक्षी दल आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं. बुधवार को शिवसेना (शिंदे गुट) के कार्यकर्ताओं ने नगर निगम के मुख्य प्रवेश द्वार पर 'भीख  मांगो' आंदोलन किया. प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन और सत्ता पक्ष के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और इस वृद्धि को आम जनता पर 'वित्तीय बोझ' करार दिया.

एजेंडे से बाहर जाकर प्रस्ताव पारित करने का आरोप

विपक्ष का आरोप है कि 18 फरवरी को आयोजित नगर निगम की आम सभा (General Body Meeting) में इस कर वृद्धि को आधिकारिक एजेंडे में शामिल नहीं किया गया था. इसके बावजूद, बहुमत के बल पर इसे पारित कर दिया गया. बताया जा रहा है कि विधायक नरेंद्र मेहता के नेतृत्व में 78 नगरसेवकों के समर्थन से इस प्रस्ताव को मंजूरी मिली. विपक्षी दलों का तर्क है कि इस तरह गुपचुप तरीके से बिना पूर्व सूचना के टैक्स बढ़ाना लोकतंत्र की मर्यादा के खिलाफ है.  यह भी पढ़े:  BMC Education Budget 2026-27: मुंबई महानगरपालिका में शिक्षा का बजट पेश, एजुकेशन क्वालिटी बेहतर बनाने के लिए BMC खर्च करेगी ₹4,248 करोड़

'प्रशासन की विफलता का हर्जाना जनता क्यों भरे?'

आंदोलन के दौरान शिवसेना पदाधिकारियों ने तीखे सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा, "नगर निगम की वित्तीय विफलताओं की कीमत आम नागरिक क्यों चुकाएं? यदि निगम के पास धन की कमी है, तो प्रशासन को जनता से जबरन वसूली करने का कोई अधिकार नहीं है." शिवसेना ने चेतावनी दी है कि वे नागरिकों के हक के लिए इस लड़ाई को और तेज करेंगे.

महंगाई की मार झेल रहे नागरिकों में भारी आक्रोश

संपत्ति कर में 60% की यह वृद्धि स्थानीय गृहस्वामियों, छोटे व्यापारियों और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए एक बड़ा झटका मानी जा रही है. स्थानीय निवासी पहले से ही बढ़ती महंगाई, बिजली की दरों में वृद्धि और पानी के शुल्क से जूझ रहे हैं. ऐसे में संपत्ति कर में इतनी बड़ी बढ़ोतरी ने लोगों में असुरक्षा और गुस्से की भावना पैदा कर दी है.

शिवसेना की चेतावनी

शिवसेना ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि कर वृद्धि के इस फैसले को तुरंत वापस नहीं लिया गया, तो वे अपने विरोध प्रदर्शन को और व्यापक बनाएंगे. पार्टी की आगामी योजनाओं में शामिल हैं:

फिलहाल इस मामले पर सत्ताधारी भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. हालांकि, मीरा-भाईंदर का यह राजनीतिक गतिरोध आने वाले दिनों में और बढ़ने के आसार हैं.

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