मणिपुर में चरम पर तनाव! CM बीरेन सिंह के घर पर हमला, केंद्र और राज्य सरकार को मिला 24 घंटे का अल्टीमेटम
मणिपुर में शनिवार को मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के घर पर हमले के बाद तनाव और बढ़ गया. नागरिक समाज समूहों ने राज्य और केंद्र सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए सशस्त्र उग्रवादियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. इसके बाद राज्य सरकार ने पांच जिलों में कर्फ्यू और इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी हैं.
Manipur Violence News: मणिपुर में एक बार फिर तनाव का माहौल बन गया, जब शनिवार शाम को एक भीड़ ने मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के घर पर हमला करने की कोशिश की. इस हमले के बाद मणिपुर के नागरिक समाज समूहों ने राज्य सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया, जिसमें उन्होंने राज्य के सशस्त्र उग्रवादी समूहों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की मांग की.
यह हिंसा उस समय और बढ़ी जब जिलिबाम जिले में छह लापता शवों का पता चला, जिनमें एक आठ महीने का बच्चा और दो महिलाएं शामिल थीं. ये शव बराक नदी से बरामद किए गए थे. शवों की बरामदी ने लोगों के गुस्से को और भड़का दिया, क्योंकि यह आरोप लगाया गया कि सरकार ने इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं की. इन लापता व्यक्तियों की पहचान सोमवार को हुई, जब एक मुठभेड़ में 10 सशस्त्र कूकी पुरुषों की मौत हो गई थी.
24 घंटे का अल्टीमेटम
मणिपुर के नागरिक अधिकार समूह, कोऑर्डिनेटिंग कमेटी ऑन मणिपुर इंटीग्रिटी (COCOMI) के प्रवक्ता खुजरेजाम अथोबा ने कहा, "राज्य सरकार और भारत सरकार को तुरंत निर्णय लेना होगा. अगर सरकार ने हमारी मांगों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया, तो उन्हें मणिपुर के लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ेगा. हम 24 घंटे का अल्टीमेटम दे रहे हैं, ताकि सशस्त्र समूहों के खिलाफ मिलिट्री एक्शन लिया जा सके."
नागरिक समाज समूहों ने अफस्पा (AFSPA) को भी आलोचना की है. उनका कहना है कि यह कानून सुरक्षा बलों को अत्यधिक शक्तियां देता है, जिससे स्थानीय लोगों में विश्वास की कमी और हिंसा बढ़ी है. COCOMI ने अफस्पा को रद्द करने और तुरंत उग्रवादियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की मांग की.
राज्य मंत्रियों और विधायकों के घरों पर हमले
शनिवार को प्रदर्शनकारियों ने राज्य के तीन मंत्रियों और छह विधायकों के घरों पर हमला किया. मुख्यमंत्री के दामाद और भाजपा विधायक आरके इमो सिंह के घर पर प्रदर्शनकारियों ने हमला कर संपत्ति को आग लगा दी. इसके अलावा, म्युनिसिपल एडमिनिस्ट्रेशन मंत्री य. खेमेंचंद और कंज्यूमर अफेयर्स मंत्री एल. सुसिंद्रो सिंह के घरों पर भी हमला किया गया.
इसके बाद, राज्य सरकार ने पांच जिलों, इम्फाल ईस्ट, इम्फाल वेस्ट, बिशनुपुर, थोउबल और कचिंग में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया. इसके साथ ही, इंटरनेट सेवाओं को सात जिलों में निलंबित कर दिया गया, ताकि अफवाहों और हिंसा को और बढ़ने से रोका जा सके.
सरकार की ओर से कड़े कदम
मणिपुर के मुख्यमंत्री ने बढ़ते हुए हिंसा को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने का आश्वासन दिया है. हालांकि, नागरिक समाज समूहों का कहना है कि अगर उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया तो वे और अधिक हिंसक विरोध प्रदर्शन करेंगे.
इस स्थिति ने मणिपुर में राजनीतिक संकट को और गहरा दिया है, और राज्य सरकार के सामने यह चुनौती है कि वह स्थिति को शांत करने के लिए सही कदम उठाए.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 17, 2024 12:17 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

