Pahalgam Terror Attack: यूपी के मेरठ जिले की रहने वाली सना को पाकिस्तान लौटने की कोशिश में वाघा बॉर्डर से वापस भेज दिया गया. सना अपने दो बच्चों के साथ 45 दिन के वीजा पर भारत आई थीं, लेकिन जब 24 अप्रैल को वे वाघा बॉर्डर पहुंचीं, तो अधिकारियों ने उन्हें सीमा पार करने से रोक दिया. वजह ये रही कि सना के पास भारतीय पासपोर्ट था. परिवार वालों के मुताबिक, सना को साफ कह दिया गया कि वह भारत से पाकिस्तान नहीं जा सकतीं क्योंकि भारतीय पासपोर्ट पर पाकिस्तान में प्रवेश की इजाजत नहीं है.
हालांकि, अधिकारियों ने उनके बच्चों को सीमा पार करने की अनुमति दे दी, क्योंकि वे पाकिस्तानी नागरिक हैं. लेकिन सना ने अपने बच्चों को अकेले पाकिस्तान भेजने से इनकार कर दिया.
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मेरठ की महिला को वाघा सीमा से लौटाया गया
भारत की सना और पाकिस्तान बच्चे!#मेरठ की सना का निकाह 2020 में अपनी पाकिस्तानी बुआ के बेटे डॉ बिलाल से हुआ था. सना अपने 2 बच्चों से साथ 45 दिन के वीजा पर भारत आई थी.
पहलगाम आतंकी हमले के बाद 1 मई तक पाकिस्तानी नागरिकों को देश छोड़ने का आदेश जारी हुआ तो बच्चों को लेकर सना भी… pic.twitter.com/NPFAQy7a7h
— Narendra Pratap (@hindipatrakar) April 27, 2025
'मैं अपने बच्चों से अलग नहीं हो सकती'
शनिवार को सना ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उनका वीजा खत्म हो चुका है, इसलिए उन्हें भारत छोड़ने के लिए कहा गया था. उन्होंने कहा, "मेरे पति और ससुराल वाले बॉर्डर के उस पार मेरा इंतजार कर रहे थे, लेकिन मैं अपने बच्चों से अलग नहीं हो सकती थी. मेरे बच्चों ने अपने पिता से मिलने की जिद भी की, लेकिन मैं उन्हें अकेले नहीं भेज सकती थी. मजबूरी में वापस लौटना पड़ा."
सना ने यह भी कहा कि अब वह मेरठ लौट आई हैं और आगे की कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस से संपर्क किया है. मेरठ के एसपी (ग्रामीण) राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि सना ने थाने में संपर्क किया है और अगर मामले में कोई नई जानकारी सामने आती है तो कार्रवाई की जाएगी.
भारत-पाकिस्तान के रिश्तों में खटास
यह मामला एक बार फिर से भारत और पाकिस्तान के बीच नागरिकता, वीजा और पासपोर्ट नियमों को लेकर जटिलताओं को उजागर करता है. सना का दर्द यह बताता है कि सीमा पार रिश्तों में भावनाएं कैसे कानूनी पेचिदगियों में फंस जाती हैं.













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