Mann Ki Baat: लॉकडाउन के बीच पीएम मोदी ने की 'मन की बात', COVID-19 पर कठोर निर्णय के लिए मांगी देशवासियों से माफी, बोले- हर हाल में करें लक्ष्मण रेखा का पालन
कोविड-19 महामारी से जारी जंग और लॉकडाउन के बीच आज यानि रविवार सुबह 11 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात के जरिए देशवासियों को संबोधित किया. पीएम मोदी ने 63वीं बार मन की बात के जरिए देशवासियों को संबोधित किया है और उनका यह कार्यक्रम कोरोना वायरस महामारी पर केंद्रित रहा.
Mann Ki Baat: दुनिया भर में कोरोना वायरस (Coronavirus) से मचे हाहाकार के बीच भारत ने इस महामारी (Coronavirus Pandemic) के खिलाफ जंग का ऐलान करते हुए 21 दिनों का देशव्यापी लॉकडाउन (Lockdown) किया है. लॉकडाउन के बावजूद एक ओर जहां प्रवासी मजदूरों का पलायन भारी संख्या में जारी है तो वहीं देश में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में भी लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है. कोविड-19 महामारी (COVID-19) से जारी जंग और लॉकडाउन के बीच आज यानि रविवार सुबह 11 बजे से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने मन की बात (Mann Ki Baat) के जरिए देशवासियों को संबोधित किया. बता दें कि पीएम मोदी ने आज 63वीं बार मन की बात की और नए साल का उनका यह तीसरा संबोधन रहा. इस बार मन की बात कार्यक्रम विश्व में फैली कोरोना वायरस महामारी पर केंद्रित रही है.
बता दें कि पीएम मोदी के इस कार्यक्रम का प्रसारण आकाशवाणी, दूरदर्शन और नरेंद्र मोदी मोबाइल ऐप पर हो रहा है. हालांकि मन की बात के प्रसारण से पहले पीएम मोदी ने ट्वीट कर लोगों की इसकी जानकारी दी. उन्होंने ट्वीट में लिखा कि 29 तारीख को मन की बात का प्रसारण होगा. इस कार्यक्रम के लिए आपके सुझाव जानकर बहुत खुशी होगी. यह भी पढ़ें: Mann Ki Baat: पीएम मोदी की आज सुबह 11 बजे 'मन की बात', कोरोना संकट पर करेंगे चर्चा
मन की बात कार्यक्रम के दौरान देशवासियों को संबोधित करते हुए उन्होंने सबसे पहले कि मैं देशवासियों से माफी मांगता हूं, क्योंकि मुझे कई बड़े फैसले लेने पड़े हैं. पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना वायरस इंसान को मारने की जिद उठाए बैठा है. ऐसी स्थिति में आपको स्वयं की और अपने परिवार की सुरक्षा करना है, इसलिए सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन करें. बावजूद इसके कुछ लोग इस महामारी के खतरे को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं.
पीएम मोदी ने मांगी देशवासियों से माफी
कोरोना वायरस को हराना है तो लॉकडाउन और इससे जुड़े नियमों का कड़ाई से पालन करना ही होगा. कोरोना को हराने के लिए हमें लक्ष्मण रेखा का हर हाल में पालन करना होगा. अगर हम नियमों का उल्लंघन करेंगे तो कोरोना को हराना बेहद मुश्किल हो जाएगा. उन्होंने कहा कि दुनिया ने कोरोना वायरस महामारी के चलते लॉकडाउन किया है, इसलिए इसके खतरे से बचने के लिए अपने घरों में रहें और लॉकडाउन का पालन करें.
लॉकडाउन का हर हाल में करें पालन
आगे उन्होंने कहा कि जब मुझे पता चला कि कुछ लोग उन लोगों से दुर्व्यवहार कर रहे हैं जिन्हें होम क्वारेंटाइन की सलाह दी गई है. ऐसी स्थिति में हमें संवेदनशील और समझदार होने की जरूरत है. कोरोना वायरस संक्रमण के खतरे से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिग बढ़ाएं, लेकिन इमोशनल डिस्टेंसिंग को कम करें.
सोशल डिस्टेंसिग बढ़ाएं, इमोशनल डिस्टेंसिंग करें कम
पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम में कोरोना वायरस के खिलाफ जंग, लॉकडाउन, स्वास्थ्य, हाइजीन जैसे कई अहम मुद्दों पर बात की, इसके साथ ही उन्होंने मन की बात को कोरोना वायरस योद्धाओं को समर्पित किया जिनमें डॉक्टर, नर्स और पुलिसकर्मी आदि शामिल हैं. उन्होंने कोरोना वायरस संक्रमितों की मदद में दिन रात जुटे डॉक्टरों, नर्सों और पुलिसकर्मियों की सराहना करते हुए कहा कि हम सभी को इनसे प्रेरणा लेनी चाहिए. उन्होंने लोगों से अपील की है जो डॉक्टर कहते हैं उनके निर्देशों का पालन करें. साथ ही आवश्यक सेवाओं को सुचारू रूप से जारी रखने और लोगों तक जरूरत चीजों को पहुंचाने वाले लोगों की भी उन्होंने सराहना की है. यह भी पढ़ें: Coronavirus: अर्धसैनिक बलों में कोरोना वायरस ने लगाई सेंध, BSF अधिकारी और CISF जवान COVID-19 पॉजिटीव
कोरोना योद्धाओं की पीएम ने की सराहना
गौरतलब है कि भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के आंकड़े बढ़ते ही जा रहे हैं. रविवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, देश में कोविड-19 से संक्रमितों की तादात बढ़कर 979 हो गई है, जिनमें 86 लोग इलाज के जरिए कोरोना मुक्त हो चुके हैं, जबकि अब तक 25 लोगों की मौत हो चुकी है. देश में कोरोना वायरस का सबसे ज्यादा प्रभाव महाराष्ट्र में देखा जा रहा है. यहां रविवार को सात नए मामलों की पुष्टि होने के बाद मरीजों की संख्या बढ़कर 193 हो गई है.