Manipur Deport Myanmar Citizens: मणिपुर से वापस भेजे जाएंगे म्यांमार के 77 नागरिक, सैन्य कब्जे के बाद भागकर आए थे भारत
मणिपुर सरकार सोमवार तक 55 महिलाओं और पांच बच्चों सहित म्यांमार के 77 नागरिकों को निर्वासित करेगी. अधिकारियों ने यहां यह जानकारी दी. सेना द्वारा देश में 1 फरवरी 2021 को सत्ता पर कब्ज़ा करने के बाद म्यांमार के कई नागरिक भागकर मणिपुर आ गए हैं.
इम्फाल, 10 मार्च : मणिपुर सरकार सोमवार तक 55 महिलाओं और पांच बच्चों सहित म्यांमार के 77 नागरिकों को निर्वासित करेगी. अधिकारियों ने यहां यह जानकारी दी. सेना द्वारा देश में 1 फरवरी 2021 को सत्ता पर कब्ज़ा करने के बाद म्यांमार के कई नागरिक भागकर मणिपुर आ गए हैं. एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को यहां कहा कि सात म्यांमारियों के पहले बैच को 8 मार्च को मणिपुर के तेंगनौपाल जिले के मोरे सीमा शहर के माध्यम से निर्वासित किया गया था.
राज्य के गृह विभाग ने निर्वासन प्रक्रिया में तेंगनौपाल जिले के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को आवश्यक सहायता के लिए असम राइफल्स से समर्थन मांगा था. मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने पहले कहा था कि हालांकि भारत ने 1951 शरणार्थी समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, लेकिन इसने मानवीय आधार पर म्यांमार में संकट से भागने वालों को आश्रय और सहायता दी है. यह भी पढ़ें : भारत अपनी नीतियों को टेस्ला के हिसाब से नहीं बनाएगा, सभी वैश्विक ईवी कंपनियों का स्वागत: पीयूष गोयल
तीन साल पहले म्यांमार में सेना के सत्ता संभालने के बाद से सेना और लोकतंत्र समर्थक नागरिक सशस्त्र बलों के बीच सशस्त्र संघर्ष चल रहा है. महिलाओं और बच्चों सहित पाँच हजार से अधिक म्यांमारी नागरिकों ने मणिपुर में शरण ली है, जबकि 32 हजार से अधिक लोगों ने मिजोरम में शरण ली है.
अधिकांश शरणार्थी मिजोरम में राहत शिविरों और सरकारी भवनों में रहते हैं, जबकि कई अन्य को उनके रिश्तेदारों द्वारा किराए के मकानों में ठहराया जाता है. नागरिकों के अलावा, म्यांमार के कुछ सौ सैनिक भी अलग-अलग चरणों में मिजोरम भाग आये, क्योंकि उनके शिविरों पर लोकतंत्र समर्थक जातीय समूहों ने कब्जा कर लिया था, जिन्होंने पिछले साल अक्टूबर की शुरुआत में सेना के खिलाफ अपनी लड़ाई तेज कर दी थी. हालाँकि, सभी सैन्यकर्मियों को उनके देश भेज दिया गया.
मणिपुर सरकार ने राज्य में शरण लिए हुए म्यांमार के नागरिकों का बायोमेट्रिक विवरण एकत्र किया है. हालाँकि, मिजोरम सरकार ने म्यांमार शरणार्थियों की जीवनगाथा और बायोमेट्रिक आँकड़े एकत्र करने की केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) की सलाह को ठुकरा दिया. म्यांमार की अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, नागालैंड और मिजोरम के साथ कुल 1,643 किलोमीटर लंबी बिना बाड़ वाली सीमा है.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 10, 2024 03:46 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

