Malegaon Mayor Election 2026: मालेगांव मेयर चुनाव में इस्लाम पार्टी की बड़ी जीत, नसरीन शेख चुनी गईं मेयर, समाजवादी पार्टी की शान-ए-हिंद निहाल अहमद बनीं डिप्टी मेयर
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Malegaon Mayor Election 2026: मालेगांव की राजनीति में आज एक बड़ा बदलाव देखने को मिला. नवनिर्मित 'इंडियन सेक्युलर लार्जेस्ट असेंबली ऑफ महाराष्ट्र' (ISLAM) पार्टी ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के साथ मिलकर मालेगांव महानगरपालिका पर अपना कब्जा जमा लिया है. शनिवार को हुए चुनाव में नसरीन खालिद शेख को मालेगांव का नया मेयर चुना गया, जबकि समाजवादी पार्टी की शान-ए-हिंद निहाल अहमद ने डिप्टी मेयर का पद हासिल किया.

धर्मनिरपेक्ष गठबंधन की बड़ी जीत

मेयर और डिप्टी मेयर पद के लिए हुए मतदान में 'इस्लाम' पार्टी, सपा और कांग्रेस के गठबंधन को कुल 43 वोट मिले. इस गठबंधन ने प्रतिद्वंद्वी शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के उम्मीदवारों को करारी शिकस्त दी. शिवसेना की ओर से मेयर पद की उम्मीदवार लता घोरके और डिप्टी मेयर पद के उम्मीदवार नीलेश काकड़े को केवल 18 वोट प्राप्त हुए. मतदान के दौरान AIMIM और बीजेपी के सदस्य तटस्थ रहे, जिससे गठबंधन की राह और आसान हो गई.  यह भी पढ़े:  Ritu Tawde for Mumbai Mayor: BJP का ऐलान, मुंबई महापौर पद की उम्मीदवार होंगी रीतू तावड़े, शिवसेना से संजय घाडी होंगे डिप्टी मेयर

नगर निगम का नया समीकरण

84 सीटों वाली मालेगांव महानगरपालिका में जनवरी 2026 के नागरिक चुनावों के बाद स्थिति काफी रोचक थी. ISLAM पार्टी 35 सीटें जीतकर सबसे बड़े दल के रूप में उभरी थी. अन्य दलों की स्थिति इस प्रकार रही:

  • ISLAM पार्टी: 35 सीटें.

  • AIMIM: 21 सीटें.

  • शिवसेना (शिंदे गुट): 18 सीटें.

  • समाजवादी पार्टी: 5 सीटें.

  • कांग्रेस: 3 सीटें.

  • बीजेपी: 2 सीटें.

पूर्व विधायक शेख आसिफ का बढ़ता प्रभाव

ISLAM पार्टी की स्थापना 20 अक्टूबर 2024 को पूर्व कांग्रेस विधायक शेख आसिफ शेख राशिद ने की थी. पार्टी ने अपने पहले ही नगर निगम चुनाव में स्थापित राजनीतिक दलों, विशेष रूप से AIMIM के गढ़ में सेंध लगाकर अपनी ताकत का लोहा मनवाया है. मेयर और डिप्टी मेयर की इस जीत को शेख आसिफ के बढ़ते राजनीतिक कद के रूप में देखा जा रहा है.

विकास और सहयोग की उम्मीद

नवनियुक्त मेयर नसरीन खालिद शेख ने जीत के बाद शहर के विकास को अपनी प्राथमिकता बताया. उन्होंने कहा कि यह जीत मालेगांव की जनता के विश्वास की जीत है. गठबंधन के नेताओं का मानना है कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के सहयोग से शहर के बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं में सुधार के लिए मिलकर काम किया जाएगा.