मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य परिवहन महामंडल (MSRTC) के लाखों कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी दी है. अब उन्हें उनके मूल वेतन पर 53 फीसदीमहंगाई भत्ता (DA) मिलेगा, जो अभी तक 46 फीसदी था. यह नया DA जून 2025 से लागू होगा, जिससे कर्मचारियों की तनख्वाह में बड़ा इजाफा होगा. इसके साथ ही सरकार ने MSRTC कर्मचारियों के लिए 1 करोड़ रुपये का दुर्घटना बीमा कवरेज भी घोषित किया है. यह बीमा ड्यूटी के दौरान और ड्यूटी से बाहर दोनों स्थितियों में मान्य रहेगा. इसके अंतर्गत दुर्घटनावश मृत्यु या पूर्ण विकलांगता पर 1 करोड़ रुपये का मुआवजा मिलेगा.
आंशिक विकलांगता पर अधिकतम 80 लाख तक रुपये का मुआवजा मिलेगा. इस बीमा योजना के लिए State Bank of India (SBI) के साथ एक समझौता किया गया है, जिससे जिन कर्मचारियों के वेतन खाते SBI में हैं, उन्हें स्वतः यह लाभ मिलेगा.
रिटायर्ड कर्मचारियों को सालभर का फ्री ट्रैवल पास
अब तक MSRTC से रिटायर कर्मचारी और उनके जीवनसाथी को केवल 9 महीने तक बस यात्रा के लिए फ्री पास मिलता था. सरकार ने अब इसे बढ़ाकर पूरा 1 साल कर दिया है. इस फैसले से लगभग 35,000 रिटायर्ड कर्मचारी और उनके परिजन लाभान्वित होंगे.
स्वास्थ्य सुविधाओं में भी विकल्प
कर्मचारियों को अब दो प्रमुख स्वास्थ्य योजनाओं में से किसी एक का चयन करने का अधिकार मिलेगा. महाात्मा फुले जन आरोग्य योजना (MPJAY) या धर्मवीर आनंद दिघे मेडिकल रिइंबर्समेंट योजना. साथ ही, आयुष्मान भारत PM-JAY और MPJAY के संयुक्त प्रयास से 5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा भी उपलब्ध होगी.
परिवहन सेवाओं के आधुनिकीकरण पर जोर
इस अहम बैठक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि MSRTC केवल परिवहन सेवा नहीं, बल्कि आम जनता की जीवनरेखा है. उन्होंने MSRTC के डिपो और बस अड्डों को आधुनिक बस पोर्ट में बदलने का प्रस्ताव भी रखा. इसके अलावा स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने का निर्देश भी दिया गया. इस बैठक में कार्गो सेवा शुरू करने की बात और राजस्व बढ़ाने और ईंधन लागत घटाने के सुझावों पर भी चर्चा हुई.
मांगों को लेकर यूनियन नेताओं से बातचीत
सह्याद्री गेस्ट हाउस में आयोजित इस बैठक में उपमुख्यमंत्री शिंदे के साथ परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक, विधायक सदाभाऊ खोत, पूर्व सांसद आनंदराव अडसूळ, अधिनियमक प्रमुख संजय सेठी, और MSRTC के उपाध्यक्ष मधव कुसेकर समेत कई यूनियन प्रतिनिधि मौजूद थे. यूनियन नेताओं ने DA बकाया भुगतान, राजस्व बढ़ाने, कर्मचारियों की सुरक्षा और ड्यूटी सुविधाओं को लेकर मांगें रखीं, जिन पर सरकार ने सहमति जताई.













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