Nalasopara Super Specialty Hospital: वसई-विरार सिटी म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (VVMC) क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों के लिए खुशखबरी है. महाराष्ट्र सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में अहम कदम उठाते हुए नालासोपारा (पूर्व) के अचोले इलाके में 400 बेड के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के निर्माण को मंजूरी दे दी है. इसके लिए महाराष्ट्र सरकार ने नगरपालिका को मुफ्त भूमि आवंटित करने का निर्णय लिया है. इस फैसले को लेकर नालासोपारा से बीजेपी विधायक राजन नाईक (MLA Rajan Naik) ने मुख्यमंत्री फडणवीस, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और अजित पवार का आभार व्यक्त किया है.
23 सितंबर को कैबिनेट में फैसला
यह महत्वपूर्ण निर्णय मंगलवार, 23 सितंबर को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में लिया गया. यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब वसई-विरार में नगर निगम चुनाव नजदीक हैं और बीजेपी को जीत की उम्मीद है. यह भी पढ़े: Maharashtra Toll Tax Free: महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला, Mumbai-पुणे एक्सप्रेसवे, समृद्धि महामार्ग और अटल सेतु पर इन वाहनों को टोल से छूट
MLA राजन नाईक ने CM फडणवीस का जताया आभार
धन्यवाद मुख्यमंत्री माननीय श्री देवेंद्र फडणवीस जी
धन्यवाद उपमुख्यमंत्री माननीय श्री एकनाथ शिंदे जी
धन्यवाद उपमुख्यमंत्री माननीय श्री अजित पवार जी
धन्यवाद महसूल मंत्री माननीय श्री चंद्रशेखर बावनकुळे जी
आचोळे मल्टीस्पेशालिटी हॉस्पिटलसाठी राज्य सरकारकडून मोफत जागेचा ऐतिहासिक… pic.twitter.com/zyxuB27U8K
— Rajan Naik (@Rajannaikbjp) September 23, 2025
आरक्षित भूमि का बदला जाएगा उपयोग
रिपोर्ट के अनुसार अचोले में जिस भूमि पर अस्पताल बनाया जाएगा, वह पहले जिला न्यायालय और आवासीय परियोजना के लिए आरक्षित थी. लेकिन वसई-विरार की बढ़ती जनसंख्या और स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरतों को देखते हुए विधायक राजन बलकृष्ण नायक ने इस भूमि को VVMC को मुफ्त में देने की मांग की थी. सरकार ने प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए आरक्षण को बदलकर अस्पताल के निर्माण के लिए भूमि स्थानांतरित करने का फैसला किया है। यह भूमि VVMC को शर्तों और नियमों के साथ हस्तांतरित की गई है.
लंबे समय से थी अस्पताल की मांग
2009 में स्थापित वसई-विरार सिटी म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के अंतर्गत 28 लाख से अधिक की आबादी आती है, लेकिन अभी तक यहां कोई बड़ा सरकारी अस्पताल नहीं है. गंभीर बीमारियों या आपात स्थिति में मरीजों को मिरा रोड, बोरीवली या अंधेरी के अस्पतालों का रुख करना पड़ता है. स्थानीय लोगों द्वारा लंबे समय से एक बड़े अस्पताल की मांग की जा रही थी, जिसे अब सरकार ने मंजूरी दे दी है.
भविष्य की योजना
यह 400-बेड का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल वसई-विरार के निवासियों के लिए न केवल चिकित्सा सुविधा का केंद्र बनेगा, बल्कि भविष्य में यहां मेडिकल कॉलेज की स्थापना की भी संभावना जताई जा रही है. नगर अधिकारियों के अनुसार, यह अस्पताल मुंबई की स्वास्थ्य व्यवस्था पर बोझ को काफी हद तक कम करेगा. अभी के हालात में सांप काटने जैसे गंभीर मामलों को बोरीवली के भगवती अस्पताल रेफर किया जाता है या फिर करुणा अस्पताल जैसे निजी संस्थानों पर निर्भर रहना पड़ता है.













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