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Mahakumbh 2025: वाराणसी जाने वाले यात्री ध्यान दें! 5 फरवरी तक गंगा आरती में नहीं मिलेगी एंट्री

भारी भीड़ को देखते हुए वाराणसी में गंगा आरती के आयोजन पर अस्थायी रोक लगा दी गई है. गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा ने शुक्रवार को बताया कि दशाश्वमेध घाट पर आयोजित होने वाली गंगा आरती अपरिहार्य कारणों से पांच फरवरी, 2025 तक जनसामान्य के लिए बंद रहेगी.

Mahakumbh 2025: वाराणसी जाने वाले यात्री ध्यान दें! 5 फरवरी तक गंगा आरती में नहीं मिलेगी एंट्री
Ganga Aarti in Varanasi | PTI

वाराणसी: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में जारी महाकुंभ में करोड़ों की संख्या में लोग संगम में स्नान करने के लिए आ रहे हैं. महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालु बड़ी संख्या आस पास के जिलों में स्थित दो अहम स्थान अयोध्या राम मंदिर और वाराणसी में भी पहुंच रहे हैं. इस कारण इन दोनों धार्मिक स्थलों पर भी भारी भीड़ देखने को मिल रही है. इस बीच भारी भीड़ को देखते हुए वाराणसी में गंगा आरती के आयोजन पर अस्थायी रोक लगा दी गई है.

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गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा ने शुक्रवार को बताया कि दशाश्वमेध घाट पर आयोजित होने वाली गंगा आरती अपरिहार्य कारणों से पांच फरवरी, 2025 तक जनसामान्य के लिए बंद रहेगी.

अन्य घाटों पर भी गंगा आरती में शामिल नहीं हो सकेंगे श्रद्धालु

इसी प्रकार शीतला घाट, अस्सी घाट समेत अन्य घाटों पर भी गंगा आरती करने वाली समितियों ने भी जनसामान्य, दर्शनार्थियों और श्रद्धालुओं से पांच फरवरी तक आरती में शामिल न होने की अपील की है.

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वाराणसी पुलिस आयुक्तालय (कमिश्नरेट) ने काशीवासियों से अनावश्यक रूप से घर से बाहर ना निकलने और श्रद्धालुओं का सहयोग करने की अपील की है. वाराणसी के पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने भी काशीवासियों से अनावश्यक रूप से घर से बाहर ना निकलने और श्रद्धालुओं का सहयोग करने की अपील की है.

बड़ी संख्या में फंसे हैं श्रद्धालु

प्रयागराज महाकुंभ में स्नान कर वापस लौटे बड़ी संख्या में श्रद्धालु अब भी वाराणसी कैंट और बनारस स्टेशन पर फंसे हुए हैं. कई श्रद्धालुओं ने बताया कि अत्यधिक भीड़ की वजह से वे अपनी ट्रेन पकड़ नहीं पाए और अब वे भीड़ कम होने का इंतजार कर रहे. वहीं कुछ ट्रेनों के निरस्त होने की वजह से यात्री अब भी स्टेशन पर फंसे हैं और अन्य किसी साधन का इंतजार कर रहे हैं.

असम के सोनिकपुर निवासी बॉबी माया लिम्बु ने बताया कि वह अपने समूह के साथ प्रयागराज आयी थीं. उन लोगों ने 26 जनवरी को प्रयागराज संगम तट पर स्नान किया. वहां से वे अयोध्या दर्शन पूजन करने गए. वहां से 30 जनवरी को वाराणसी पहुंचे हैं. कल ही उनकी ट्रेन थी परंतु भीड़ के कारण ये लोग ट्रेन नहीं पकड़ पाए. अब जो भी ट्रेन आएगी उसमें जाएंगे.

गया जिला से आये श्रद्धालु दीनानाथ ने बताया कि वह अपने बीवी बच्चों के साथ दो दिन से बनारस में फंसे हुए है. गुरुवार को उन्होंने ट्रेन पकड़ने की कोशिश की, परंतु भारी भीड़ की वजह से उनका दम घुटने के कारण ट्रेन से नीचे उतरना पड़ा. तब से वे प्लेटफॉर्म के बाहर बने रैन बसेरा में रह रहे हैं.

रैन बसेरा का प्रबंधन देख रहे रजत सिंह ने बताया कि कुंभ आने जाने वाले यात्रियों के विश्राम के लिए यह बसेरा बनाया गया है. यहां यात्रियों के सोने रहने की व्यवस्था की गई है. किसी यात्री को स्वास्थ्य परेशानी होने पर उपचार के लिए यहां स्वास्थ्य टीम मौजूद है. पर, यहां खाने-पीने की कोई व्यवस्था नहीं है.

काशी में बढ़ रही भीड़

कैंट क्षेत्र के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) विदुश सक्सेना ने बताया कि महाकुंभ के पर्व और मौनी अमावस्या बीतने के बाद श्रद्धालुओं की भीड़ काशी में बढ़ी है. उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए लगातार जांच अभियान चल रहा है. उन्होंने बताया कि स्टेशन पर सुरक्षा बल लगातार गश्त कर रहे हैं. यात्रियों के ठहरने के लिये रैन बसेरा बनाया गया है. बाहर से आने वाले वाहनों के लिए स्टैंड बनाया गया है. सक्सेना ने कहा कि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं से आग्रह है कि वे कुछ दिन रुक कर वाराणसी दर्शन पूजन के लिए आएं ताकि यहां आने वाली भीड़ को नियंत्रित किया जा सके.

(इनपुट PTI)

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 31, 2025 05:28 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).