इंदिरा गांधी से सीखें... ट्रंप के 50 फीसदी टैरिफ पर कांग्रेस का पीएम मोदी पर तीखा हमला

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को आड़े हाथों लेते हुए कहा है कि उन्हें अमेरिका की धौंसपट्टी का सामना करना इंदिरा गांधी से सीखना चाहिए, न कि उन्हें बदनाम करना चाहिए.

PM Modi and Donald Trump | X

नई दिल्ली: डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय उत्पादों पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा के बाद अब कुल शुल्क 50% हो गया है. इस फैसले ने भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में हलचल मचा दी है. इस मौके पर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को आड़े हाथों लेते हुए कहा है कि उन्हें अमेरिका की धौंसपट्टी का सामना करना इंदिरा गांधी से सीखना चाहिए, न कि उन्हें बदनाम करना चाहिए.

ट्रंप ने भारत पर लगाया 50% टैरिफ, सरकार ने कहा- यह अनुचित, अन्यायपूर्ण और असंगत.

कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने ट्वीट करते हुए कहा कि, "1970 के दशक में भारत ने अमेरिका की धमकियों का डटकर सामना किया था, विशेषकर जब इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थीं. पीएम मोदी को चाहिए कि वे उनका अपमान करने के बजाय उनसे प्रेरणा लें. भारत की विदेश नीति और प्रशासन को अब पूरी तरह से नए सिरे से सोचने की जरूरत है."

‘हग्लोमेसी’ की विफलता का परिणाम है टैरिफ: कांग्रेस

जयराम रमेश ने पीएम मोदी की ट्रंप के साथ नजदीकी को लेकर तंज कसते हुए कहा कि यह 'हग्लोमेसी' की नाकामी का नतीजा है. उन्होंने याद दिलाया कि 1971 में इंदिरा गांधी ने अमेरिकी राष्ट्रपति निक्सन की आंखों में आंख डालकर भारत का पक्ष मजबूती से रखा था, जबकि आज मोदी सरकार की व्यक्तिगत कूटनीति फेल हो गई है.

PM मोदी की विदेश नीति पूरी तरह से विफल: कांग्रेस

राहुल गांधी का पीएम मोदी को सीधा संदेश

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी प्रधानमंत्री को चेताते हुए कहा, "50% टैरिफ एक आर्थिक ब्लैकमेल है, भारत को एक अनुचित व्यापार समझौते में घसीटने की कोशिश है. प्रधानमंत्री को अपनी कमजोरी को भारतीय जनता के हितों पर हावी नहीं होने देना चाहिए."

"भारत के उत्पाद अब अमेरिका में होंगे महंगे": थरूर

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने चिंता जताई कि अमेरिकी उपभोक्ता अब भारतीय उत्पादों की जगह पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों से सामान खरीदेंगे, क्योंकि वहां से आयात पर टैरिफ कम है. उन्होंने कहा, "भारत के उत्पाद अब अमेरिकी बाजार में महंगे हो जाएंगे और आम लोगों की पहुंच से बाहर होंगे. यह भारत की निर्यात नीति के लिए बड़ा झटका है."

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