एयर इंडिया फ्लाइट में मराठी बोलने को लेकर बवाल; महिला ने यूट्यूबर से कहा- "मराठी बोलो या मुंबई छोड़ दो"
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एयर इंडिया की फ्लाइट में एक महिला यात्री ने यूट्यूबर माही खान को मराठी न बोलने पर धमकी दी.
नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एयर इंडिया की फ्लाइट में एक महिला यात्री ने यूट्यूबर माही खान को मराठी न बोलने पर धमकी दी. यह घटना एयर इंडिया की फ्लाइट AI676 (कोलकाता से मुंबई) में हुई, जब महिला ने माही खान से कहा, “तुम मुंबई जा रहे हो, तो तुम्हें मराठी बोलनी चाहिए.”
माही खान ने यह वीडियो अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया और बताया कि फ्लाइट में एक महिला ने उनसे सिर्फ इसलिए झगड़ा किया क्योंकि उन्होंने कहा, “मुझे मराठी नहीं आती.” वीडियो में देखा जा सकता है कि माही महिला से पूछते हैं, “आप मुझे मराठी बोलने के लिए क्यों कह रही हैं?”
इस पर महिला जवाब देती है, “हां, बोलो मराठी.” जब माही खान उनसे उनका नाम पूछते हैं, तो महिला बताने से इनकार कर देती है और कहती है, “तुम मुंबई जा रहे हो, तुम्हें मराठी आनी चाहिए.”
फ्लाइट में शुरू हुआ मराठी पर विवाद
"मराठी नहीं आती तो मुंबई छोड़ दो"
माही खान का कहना है कि महिला ने उन्हें धमकाया और कहा, “अगर मराठी नहीं आती तो मुंबई छोड़ दो.” वीडियो के अंत में माही एयर होस्टेस को बुलाकर कहते हैं, “ये क्या बदतमीजी है? मुझे मराठी बोलने के लिए मजबूर किया जा रहा है.”
इसके बाद महिला कहती सुनाई देती है, “मुंबई उतरने के बाद बताऊंगी बदतमीज़ी क्या होती है.”
वीडियो में महिला की टी-शर्ट पर “Hyundai” लिखा दिख रहा है, जिससे सोशल मीडिया पर यह भी चर्चा है कि वह किसी कंपनी की कर्मचारी हो सकती हैं.
सोशल मीडिया पर बहस तेज
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर जमकर बहस हो रही है. कई यूजर्स ने माही खान के समर्थन में कहा कि भारत में हर किसी को अपनी भाषा बोलने का अधिकार है, जबकि कुछ ने महिला का समर्थन करते हुए कहा कि मुंबई में रहने वालों को मराठी का सम्मान करना चाहिए. कुछ यूजर्स ने एयर इंडिया से भी सवाल किया कि ऐसी स्थिति में फ्लाइट क्रू को क्या कार्रवाई करनी चाहिए थी.
भाषा को लेकर बढ़ी संवेदनशीलता
यह पहली बार नहीं है जब मुंबई में भाषा को लेकर विवाद हुआ हो. इससे पहले भी लोकल ट्रेनों और सार्वजनिक जगहों पर “मराठी बोलने” को लेकर बहसें होती रही हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि भाषा विविधता भारत की ताकत है, लेकिन किसी पर किसी भाषा को थोपना गलत है.