कांग्रेस का मतलब है- देशभक्ति, त्याग, बलिदान, सेवा, समर्पण, निर्भयता, अनुशासन और भारतीयता: खड़गे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने रायपुर, छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के 85वें महाधिवेशन के समापन भाषण में कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के रायपुर महाधिवेशन का भले ही औपचारिक रूप से समापन हो रहा है, लेकिन इसके साथ ही एक नई कांग्रेस का आगाज होने जा रहा है.
रायपुर, 26 फरवरी: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने रायपुर, छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के 85वें महाधिवेशन के समापन भाषण में कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के रायपुर महाधिवेशन का भले ही औपचारिक रूप से समापन हो रहा है, लेकिन इसके साथ ही एक नई कांग्रेस का आगाज होने जा रहा है.खड़गे ने कहा, "छत्तीसगढ़ पीसीसी के अध्यक्ष, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों का, सेवादल और हमारे सारे फ्रंटल संगठनों का तहेदिल से मैं आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने पिछले कई दिनों से लगातार मेहनत करके इतना अच्छा आयोजन किया। कश्मीर से कन्याकुमारी और गुजरात से अरुणाचल प्रदेश तक देश के कोने-कोने से यहां प्रतिनिधियों की मौजूदगी रही।"
खड़गे ने कहा, 138 सालों के कांग्रेस के इतिहास में अब तक 85 महाधिवेशन हुए और उन सबमें देश की दिशा को बदलने वाले फैसले हुए। जनता के सरोकारों से जुड़ी देश की जितनी महत्वपूर्ण योजनाएं हैं, उनमें कई ऐसी हैं, जिनके मूल विचार हमारे अधिवेशनों में आए. यहां तक कि भारत के संविधान में शामिल मूल अधिकार का विचार भी हमारे 1931 के कराची रेजोल्यूशन में आया था और उसी के बहुत से विचार आज हमारे बहुत से रेजोल्यूशन्स में आए हैं. यह भी पढ़े: Congress Chintan Shivir: कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने माना, हमारे प्रचार में कमियां हैं, जिस वजह से पार्टी को उसका फायदा नहीं हो रहा
उन्होंने कहा, "रायपुर में हमने उसी परंपरा के तहत पॉलीटिकल, इकोनामी, फॉरेन पॉलिसी, एग्रीकल्चर, सोशल जस्टिस और यूथ एजुकेशन, रोजगार से संबंधित प्रस्तावों को आखिरी रूप दिया. उन्हीं 6 प्रस्तावों को पारित भी किया और पास भी किया। ये काम कई चरणों में हुआ और बहुत से साथियों ने इसे अपने ज्ञान और अनुभव से संपन्न बनाया। ड्राफ्ट बनाने से लेकर उनको अंतिम रूप देने में काफी लंबा विचार-मंथन हुआ। कई लोगों की इसमें भागीदारी रही और उन सभी को मैं धन्यवाद देता हूं.
कांग्रेस प्रमुख ने आगे कहा, "महाधिवेशन में संविधान संशोधन करके सीडब्ल्यूसी सदस्यों की संख्या 25 से बढ़ाकर 35 करने का फैसला हुआ है। हमारी सीडब्ल्यूसी में 50 प्रतिशत जगह एससी, एसटी, ओबीसी, महिला और युवाओं को देने का ऐतिहासिक निर्णय हुआ है। यहां जितनी चर्चा हुई, वो सार्थक रही। मुझे लगता है कि इसमें जो सुझाव आए हैं, वो हमारे पार्टी संगठन और राज्य सरकारों के साथ अन्य क्षेत्रों के लिए उपयोगी साबित होंगे। 2024 के लोकसभा चुनावों में भी इन मुद्दों का महत्व होगा और 2023 में हो रहे आधे दर्जन राज्यों के विधान सभा चुनावों में भी इनकी बड़ी उपयोगिता होगी.
खड़गे ने कहा कि आजादी के पहले और आजादी के बाद का हमारा लंबा इतिहास कई चुनौतियों, उतार-चढ़ाव और सफलताओं का इतिहास है। 62 सालों तक देश की आजादी के लिए संघर्ष किया, आजादी हासिल की और देश को संविधान दिया, लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत किया, इसलिए इन मूल्यों की रक्षा का जिम्मा भी सबसे अधिक हमारे ऊपर है और देश की जनता भी हमसे यही उम्मीद रखती है.
उन्होंने कहा, "नौजवान साथियों से खास तौर पर मैं अपील करना चाहता हूं कि भविष्य आपका है. कांग्रेस मजबूत होगी, तो इस देश का भविष्य सुखद होगा। राहुल जी ने जिन पथरीले रास्तों पर चलकर एक माहौल बनाया है, उसे आगे ले जाने का सबसे बड़ा जिम्मा हम सबका है.
खड़गे ने अंत में कहा कि कांग्रेस का मतलब है - देशभक्ति, त्याग और बलिदान, कांग्रेस का मतलब है- सेवा और समर्पण, कांग्रेस का मतलब है - निष्ठा और प्रेरणा कांग्रेस का मतलब है - समृद्धि और खुशहाली और कांग्रेस का मतलब है - करुणा और न्याय, कांग्रेस का मतलब है निर्भयता और अनुशासन, कांग्रेस का मतलब है- भारतीयता। हर एक कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता इसी भावना का प्रतीक है। उसे आगे बढ़कर और भी काम करना है.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 26, 2023 10:29 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

