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Lord Ayyappa Temple in Sabarimala: मलयालम माह चिंगम में पांच दिवसीय पूजा के लिए खुले सबरीमाला स्थित भगवान अयप्पा मंदिर के द्वार, भक्तों के प्रवेश पर पाबंदी

केरल के सबरीमाला स्थित भगवान अयप्पा मंदिर के द्वार को पांच दिवसीय पूजा के लिए रविवार को खोल दिया गया है. दरअसल, भगवान अयप्पा स्वामी के मंदिर में मलयालम माह चिंगम में पांच दिनों तक मासिक पूजा की जाएगी, लेकिन इस दौरान कोरोना संकट को देखते हुए भक्तों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है.

Lord Ayyappa Temple in Sabarimala: मलयालम माह चिंगम में पांच दिवसीय पूजा के लिए खुले सबरीमाला स्थित भगवान अयप्पा मंदिर के द्वार, भक्तों के प्रवेश पर पाबंदी
सबरीमाला स्थित भगवान अयप्पा मंदिर (Photo Credits: ANI)

Lord Ayyappa Temple in Sabarimala: केरल (Kerala) के सबरीमाला (Sabarimala)  स्थित भगवान अयप्पा मंदिर (Lord Ayyappa Temple) के द्वार को पांच दिवसीय पूजा के लिए रविवार को खोल दिया गया है. दरअसल, भगवान अयप्पा स्वामी के मंदिर में मलयालम माह (Malayalam Month) चिंगम (Chingam) में पांच दिनों तक मासिक पूजा की जाएगी, लेकिन इस दौरान कोरोना संकट (Corona Crisis) को देखते हुए भक्तों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है. कोविड-19 हेल्थ प्रोटोकॉल (COVID-19 Health Protocol) के तहत मंदिर में श्रद्धालुओं के प्रवेश को बैन जारी रहेगा. मंदिर का प्रबंधन देखने वाले त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड के मुताबिक 21 अगस्त तक मंदिर के कपाट खुले रहेंगे और इस दौरान मंदिर में केवल पारंपरिक पूजा की जाएगी.

इसके अलावा मंदिर प्रबंधन द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार 29 अगस्त से दो सितंबर के बीच ओणम पूजा के लिए भी मंदिर के कपाट खोले जाएंगे. इस मंदिर में हर साल मलयालम माह चिंगम में पांच दिवसीय मासिक पूजा धूमधाम से की जाती है और इस दौरान भक्तों की भीड़ उमड़ती है, लेकिन कोरोना संकट के कारण इस साल कोविड-19 हेल्थ प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए पूजा का आयोजन किया गया है.

देखें ट्वीट-

ज्ञात हो कि सामाजिक कार्यकर्ता रेहाना फातिमा ने साल 2018 में सबरीमाला में भगवान अयप्पा मंदिर में दाखिल होने का प्रयास किया था. इस मंदिर में महिलाओं का आना वर्जित है. इसके पीछे मान्यता है कि श्री अयप्पा ब्रह्मचारी थे, इसलिए मंदिर में 10 से 50 साल तक लड़कियों और महिलाएं प्रवेश नहीं कर सकतीं. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, स्वामी अयप्पा भगवान शिव और भगवान विष्णु के मोहिनी स्वरूप के पुत्र हैं. शिव-विष्णु के पुत्र होने के कारण उन्हें हरिहरपुत्र भी कहा जाता है.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 17, 2020 08:48 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).