Jammu and Kashmir: जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर होगी भारत-पाक फ्लैग मीटिंग, ब्रिगेडियर रैंक के अधिकारी होंगे शामिल
भारत और पाकिस्तान शुक्रवार को संघर्ष विराम उल्लंघन की बढ़ती घटनाओं से निपटने के लिए फ्लैग मीटिंग करेंगे. यह बैठक जम्मू कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर होगी.
पुंछ, 21 फरवरी : भारत और पाकिस्तान शुक्रवार को संघर्ष विराम उल्लंघन की बढ़ती घटनाओं से निपटने के लिए फ्लैग मीटिंग करेंगे. यह बैठक जम्मू कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर होगी. पुंछ जिले के चाकन दा बाग एलओसी क्रॉसिंग पॉइंट पर दोनों पक्षों के ब्रिगेडियर स्तर के अधिकारी फ्लैग मीटिंग में शामिल होंगे. भारत की तरफ से पुंछ ब्रिगेड के कमांडर और पाकिस्तानी सेना की दो पाक ब्रिगेड के कमांडर फ्लैग मीटिंग में हिस्सा लेंगे.
फ्लैग मीटिंग में पिछले कई दिनों से नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सेना की तरफ से की जाने वाली गोलीबारी से उत्पन्न हुए तनाव को कम करने, नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम का सम्मान करने और दोनों तरफ से नियंत्रण रेखा पर शांति और सौहार्द बनाए रखने पर बातचीत कर सहमति बनाने का प्रयास किया जाएगा. भारत और पाकिस्तान की सेनाओं ने 2021 में संघर्ष विराम की घोषणा की थी. इस संघर्ष विराम समझौते के कारण, नियंत्रण रेखा पर तनाव काफी कम हो गया और सीमा के दोनों ओर रहने वाले सैकड़ों परिवारों में सामान्य स्थिति लौट आई. हालांकि, नियंत्रण रेखा के पार से गोलीबारी की हालिया घटनाओं में पुंछ और राजौरी जिलों में दो सैनिक घायल हो गए. यह भी पढ़ें : Hindi Language Row: भाषा थोपने का सवाल ही नहीं, लेकिन… हिंदी विवाद पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बड़ा बयान
वहीं 11 फरवरी को जम्मू जिले में नियंत्रण रेखा के अखनूर सेक्टर में एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) विस्फोट में एक कैप्टन समेत दो सैनिकों की मौत हो गई. अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादियों ने आईईडी लगाया था. भारतीय सेना ने पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा के पार से की गई गोलीबारी का मुंहतोड़ जवाब दिया. रिपोर्टों में कहा गया है कि भारतीय जवाबी कार्रवाई में नियंत्रण रेखा के पार पाकिस्तान की तरफ हताहत हुए.
खुफिया रिपोर्टों में कहा गया है कि इस सर्दी में कम बर्फबारी के कारण जम्मू-कश्मीर में पारंपरिक घुसपैठ के रास्ते अभी भी खुले हैं और आतंकवादी नियंत्रण रेखा के पार भारतीय क्षेत्र में घुसने की कोशिश कर रहे हैं. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बीते दिनों नई दिल्ली में जम्मू-कश्मीर को लेकर दो सुरक्षा समीक्षा बैठकों की अध्यक्षता की. उन बैठकों के दौरान अमित शाह ने जम्मू कश्मीर से आतंकवाद के खात्मे की बात कही थी.
वहीं जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी हाल ही में दो सुरक्षा बैठकों की अध्यक्षता की थी ओर मौजूदा हालात का जायजा लिया था. उपराज्यपाल ने पुलिस और सुरक्षा बलों को आतंकवादियों को निशाना बनाकर आतंकी तंत्र को खत्म करने के आदेश दिए. पिछले साल केंद्र शासित प्रदेश में शांतिपूर्ण और लोगों की भागीदारी वाले लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बाद से आतंकवादी अपनी गतिविधियों को बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं. आतंकवादी गतिविधियों में तेजी आने के बाद सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों के खिलाफ आक्रामक अभियान शुरू किया.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 21, 2025 02:36 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

