जम्मू- कश्मीर: बीजेपी नेता वसीम बारी और उनके पिता-भाई की आतंकियों ने गोली मारकर की हत्या
घटना को लेकर जम्मू कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने मीडिया से बातचीत में जानकारी देते हुए बताया कि 'वसीम बारी बांदीपोरा जिले के पूर्व बीजेपी अध्यक्ष थे. उनके परिवार की सुरक्षा के लिए 8 सुरक्षाकर्मी दिए गए थे, लेकिन घटना के समय वहां कोई भी नहीं था. जिस समय इस घटना को अंजाम दिया गया.
श्रीनगर: जम्मू- कश्मीर (Jammu and Kashmir) में सेना द्वारा आतंकियों को मुंह तोड़ जवाब देने का बाद भी उनका हौसल कम नहीं हो रहा है. जम्मू- कश्मीर से ही खबर है कि बांदीपोरा के स्थानीय बीजेपी नेता वसीम बारी (BJP leader Wasim Bari) के साथ ही उनके पिता और भाई पर आतंकियों ने बुधवार रात करीब 9 बजे गोली बरसाई. जिस घटना में बीजेपी नेता वसीम बारी के साथ उनके पिता और भाई की मौत हो गई. घटना के बाद पूरे इलाके में नाकाबंदी कर दी गई. इलाके में आने- जाने वाले सभी लोगों की तलाशी ली जा रही है.
घटना को लेकर जम्मू कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह (Jammu and Kashmir DGP Dilbag Singh) ने मीडिया से बातचीत में जानकारी देते हुए बताया कि 'वसीम बारी बांदीपोरा जिले के पूर्व बीजेपी अध्यक्ष थे. उनके परिवार की सुरक्षा के लिए 8 सुरक्षाकर्मी दिए गए थे, लेकिन घटना के समय वहां कोई नहीं था. जिसका फायदा उठाकर आतंकियों ने घटना को अंजाम दिया. यह भी पढ़े: जम्मू-कश्मीर: ट्रक में सवार होकर श्रीनगर जा रहे आतंकियों ने किया पुलिस पर हमला, मुठभेड़ में तीन आतंकी ढेर- सेना का ऑपरेशन जारी
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने ट्विटर पर बताया कि पीएम ने इन हत्याओं को लेकर फोन करके जानकारी मांगी है. साथ ही प्रधानमंत्री बारी के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है.
घटना पर पीएम मोदी न परिवार के प्रति जताया दुःख:
बीजेपी नेता वसीम बारी की हत्या पर बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी परिवार के प्रति दुःख जताते हुए कहा कि बारी के निधन से पार्टी को बड़ा नुकसान हुआ है.
जेपी नड्डा ने भी जताया दुःख:
बारी के बारे में बताया जा रहा है कि उन्हें पहले से जान को खतरा था. इसको देखते हुए उन्हें और उनके परिवार को सुरक्षा दी गई थी. एल्किन परिवार के लिए दुःख की बात है कि आतंकियों ने जब घटना को अंजाम दिया तब सुरक्षाकर्मी वहां मौजूद नहीं थे. वहीं घटना के बाद पूरे इलाजे में दहशत का माहौल है. हर कोई पुलिस और सरकार से मांग कर रहा है कि आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. क्योंकि आतंकियों द्वारा वहां के लोगों को निशाना बनाए जाने का यह पहला मामला नहीं हैं.