Thane Traffic Update: ठाणे में नए साल पर गंगा आरती का आयोजन, रूट में बदलाव के बीच ट्रैफिक एडवाइजरी जारी; जानें वैकल्पिक मार्ग
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Thane Traffic Update:  मुंबई से सटे ठाणे में नए साल का स्वागत धूमधाम से करने की तैयारियां शुरू हो गई हैं. इसी को देखते हुए तलावपाली (Talao Pali) क्षेत्र में विशेष  गंगा आरती का आयोजना किया गया हैं. न्यू ईयर ईव पर अहिल्यादेवी घाट पर गंगा आरती का आयोजन को लेकर जिसके चलते ठाणे ट्रैफिक पुलिस ने शहर में ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है. यह यातायात नियम 31 दिसंबर को शाम 4 बजे से रात 11 बजे तक लागू रहेंगे.

आमतौर पर गुढ़ी पड़वा, दीपोत्सव और अन्य विशेष अवसरों पर गंगा आरती होती है, लेकिन इस बार इसे नए साल की रात के लिए निर्धारित किया गया है. यह कार्यक्रम श्री कौपिनेश्वर सांस्कृतिक ट्रस्ट द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है. यह भी पढ़े: Happy New Year 2026 Wishes And Greetings: हैप्पी न्यू ईयर वाले वॉट्सऐप मैसेजेस के साथ HD Images और फेक लिंक वाले स्कैम से रहें सावधान

सड़क बंद और वैकल्पिक मार्ग

गंगा आरती कार्यक्रम के चलते ठाणे रेलवे स्टेशन से टॉवर नाका होते हुए गोखले रोड की ओर बाएं मुड़ने वाले सभी बसों और वाहनों का मार्ग टॉवर नाका पर बंद रहेगा.

वैकल्पिक मार्ग:

  • बसें प्लेटफॉर्म नंबर 1 से सेंट्स ब्रिज होकर गोखले रोड के रास्ते नौपाड़ा क्षेत्र जाएंगी.

  • अन्य वाहन टॉवर नाका से सीधे तेंभी नाका और सिविल कॉर्नर की दिशा में आगे बढ़ेंगे.

  • मुस चौक से बाबा फलूदा की ओर दाईं तरफ मुड़ने का मार्ग, जो पहले बंद था, अब खोल दिया गया है.

GPO और कोर्ट नाका से स्टेशन की ओर अंबेडकर प्रतिमा—टॉवर नाका—जंभली नाका मार्ग से आने वाली बसों को GPO पर ही रोक दिया जाएगा.

वैकल्पिक मार्ग

  • GPO → जेल रोड → क्रीक नाका → CIDCO रोड

जबाहर बाग, फायर स्टेशन से माता रमाबाई चौक तक सड़क के दोनों तरफ पार्किंग प्रतिबंधित रहेगी.
माता रमाबाई चौक से गोंदेवी कट, महागिरी तक भी नो-पार्किंग लागू की गई है.

ठाणे पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह ट्रैफिक एडवाइजरी पुलिस वाहन, फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस और अन्य आवश्यक सेवा वाहनों पर लागू नहीं होगी.

वाराणसी से बुलाए गए विशेष पंडित

रिपोर्ट के अनुसार, गंगा आरती संपन्न कराने के लिए वाराणसी के अनुभवी पंडितों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। वे पारंपरिक विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ आरती करेंगे, ताकि लोगों को काशी और हरिद्वार जैसा आध्यात्मिक अनुभव मिल सके.