प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना: क्या है PMFBY, किसान कैसे करें ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन? जानें पूरा प्रोसेस

इस योजना के तहत किसान केवल 1.5% से 5% तक का प्रीमियम देते हैं, जबकि बाकी का प्रीमियम केंद्र और राज्य सरकार मिलकर वहन करती हैं. योजना का मुख्य उद्देश्य फसल खराब होने की स्थिति में किसानों की आय को स्थिर रखना है.

पीएम किसान योजना (Photo Credits: File Image)

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना: भारतीय कृषि में अनिश्चित मौसम, बाढ़, सूखा और कीटों के हमले से किसानों की फसलों को अक्सर बड़ा नुकसान पहुंचता है. किसानों को इस वित्तीय जोखिम से बचाने के लिए केंद्र सरकार ने वर्ष 2016 में 'प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना' (PMFBY) शुरू की थी. यह योजना बहुत कम प्रीमियम दर पर फसलों का सुरक्षा कवच प्रदान करती है.

इस योजना के तहत किसान केवल 1.5% से 5% तक का प्रीमियम देते हैं, जबकि बाकी का प्रीमियम केंद्र और राज्य सरकार मिलकर वहन करती हैं. योजना का मुख्य उद्देश्य फसल खराब होने की स्थिति में किसानों की आय को स्थिर रखना है.  यह भी पढ़े:  प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण: कौन कर सकता है आवेदन, कितनी मिलती है सहायता राशि और क्या है पूरी प्रक्रिया? जानें पूरी डिटेल

योजना की मुख्य विशेषताएं और प्रीमियम दरें

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत विभिन्न फसलों के लिए प्रीमियम की दरें बहुत ही मामूली रखी गई हैं:

इस योजना में बुवाई रुकने, खड़ी फसल को नुकसान होने और कटाई के बाद होने वाले स्थानीय नुकसान (जैसे बेमौसम बारिश या चक्रवात) को भी कवर किया जाता है.

कौन-कौन से किसान ले सकते हैं योजना का लाभ?

देश के सभी किसान जो अधिसूचित क्षेत्रों में अधिसूचित फसलों की खेती करते हैं, वे इस योजना के पात्र हैं.

आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज

लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों के पास निम्नलिखित दस्तावेज होना अनिवार्य है:

  1. आधार कार्ड या पहचान पत्र.

  2. बैंक पासबुक की प्रति (खाता संख्या और IFSC कोड सहित).

  3. भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र (खसरा/खतौनी/पट्टा) या पट्टेदारी समझौता.

  4. फसल बुवाई प्रमाण पत्र (Crop Sowing Certificate).

  5. चालू मोबाइल नंबर और पासपोर्ट साइज फोटो.

कैसे करें आवेदन? (ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रक्रिया)

किसान योजना में पंजीकरण दो तरीकों से कर सकते हैं:

1. ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया:

2. ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया:

नुकसान होने पर क्लेम दर्ज करने का नियम

यदि प्राकृतिक आपदा से फसल नष्ट हो जाती है, तो किसान को 72 घंटे के भीतर इसकी सूचना बीमा कंपनी, स्थानीय कृषि अधिकारी, बैंक या राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14447 (कृषि रक्षक पोर्टल) पर देनी होती है. इसके बाद सर्वेयर नुकसान का आकलन करता है और मुआवजा सीधे किसान के बैंक खाते में (DBT के माध्यम से) भेज दिया जाता है.

Share Now