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प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण: कौन कर सकता है आवेदन, कितनी मिलती है सहायता राशि और क्या है पूरी प्रक्रिया? जानें पूरी डिटेल

गांव में पक्का घर बनाने के लिए केंद्र सरकार 'प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण' (PMAY-G) के तहत आर्थिक मदद प्रदान करती है. जानिए इस योजना के तहत किसे लाभ मिलता है, कौन आवेदन कर सकता है और सूची में नाम जोड़ने की क्या प्रक्रिया है.

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण: कौन कर सकता है आवेदन, कितनी मिलती है सहायता राशि और क्या है पूरी प्रक्रिया? जानें पूरी डिटेल
(Photo Credits File)

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण:  ग्रामीण भारत में बेघर और कच्चे मकानों में रहने वाले गरीब परिवारों को पक्का मकान मुहैया कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार 'प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण' (PM Gramin Awas Yojana ) का संचालन कर रही है. इस योजना के तहत सरकार लाभार्थियों को सीधे उनके बैंक खाते में आर्थिक सहायता प्रदान करती है ताकि वे अपना पक्का घर बना सकें.

मैदानी इलाकों में पक्का मकान बनाने के लिए सरकार 1.20 लाख रुपये और पहाड़ी या दुर्गम (IAP) क्षेत्रों के लिए 1.30 लाख रुपये की सहायता राशि देती है. इसके अलावा, स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण के लिए अतिरिक्त 12,000 रुपये और मनरेगा के तहत मजदूरी का लाभ भी मिलता है.  यह भी पढ़े:  प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना: क्या है PMFBY, किसान कैसे करें ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन? जानें पूरा प्रोसेस

कौन कर सकता है आवेदन? (पात्रता मानदंड)

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का लाभ पाने के लिए आवेदक को निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होती हैं:

  • आवासहीन या कच्चे मकान: ऐसे परिवार जो बेघर हैं या जिनके पास शून्य, एक या अधिकतम दो कच्चे कमरों वाला घर है.

  • पक्का मकान न हो: आवेदक या उसके परिवार के किसी भी सदस्य के नाम देश में कहीं भी कोई पक्का मकान पंजीकृत नहीं होना चाहिए.

  • सामाजिक प्राथमिकता: अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), विधवाओं, दिव्यांगजनों, मुक्त कराए गए बंधुआ मजदूरों और पूर्व सैनिकों के आश्रितों को प्राथमिकता दी जाती है.

  • आय सीमा: परिवार का कोई भी सदस्य नियमित सरकारी कर्मचारी न हो और न ही परिवार की मासिक आय 10,000 रुपये से अधिक हो.

कौन इस योजना के पात्र नहीं हैं? (अपवर्जन नियम)

यदि किसी परिवार के पास निम्नलिखित में से कोई भी संपत्ति या स्थिति है, तो वे इस योजना के लिए अयोग्य माने जाएंगे:

  • चार पहिया वाहन, मैकेनाइज्ड कृषि उपकरण या तिपहिया वाहन का होना.

  • 50,000 रुपये या उससे अधिक सीमा वाला किसान क्रेडिट कार्ड (KCC).

  • परिवार में कोई सदस्य आयकर या पेशेवर करदाता (Taxpayer) हो.

  • 2.5 एकड़ से अधिक सिंचित भूमि या 5 एकड़ से अधिक असिंचित भूमि का होना.

कैसे होता है लाभार्थियों का चयन और आवेदन प्रक्रिया?

शहरों की तरह ग्रामीण आवास योजना में कोई भी व्यक्ति सीधे व्यक्तिगत रूप से ऑनलाइन फॉर्म नहीं भर सकता. इसमें चयन की प्रक्रिया पारदर्शी और सर्वेक्षण आधारित होती है:

  1. आवास+ सर्वेक्षण (AwaasPlus Survey): ग्राम पंचायतों के माध्यम से सरकारी प्रतिनिधियों द्वारा 'आवास+' मोबाइल ऐप के जरिए घर-घर जाकर सर्वे किया जाता है.

  2. ग्राम सभा द्वारा सत्यापन: सर्वे डेटा के आधार पर तैयार सूची की समीक्षा ग्राम सभा में होती है, जहां पात्र परिवारों के नामों की पुष्टि की जाती है और अयोग्य नामों को हटाया जाता है.

  3. स्थानीय अधिकारियों द्वारा पंजीकरण: सत्यापन के बाद पंचायत सचिव या ग्राम रोजगार सेवक PMAY-G पोर्टल (pmayg.nic.in) पर लाभार्थी का पंजीकरण और दस्तावेज अपलोड करते हैं.

आवश्यक दस्तावेज

योजना में नाम शामिल कराने और राशि प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होती है:

  • आधार कार्ड (परिवार के सदस्यों का).

  • बैंक खाते का विवरण (आधार से लिंक होना अनिवार्य).

  • जॉब कार्ड (मनरेगा) और स्वच्छ भारत मिशन संख्या.

  • पक्का मकान न होने का स्व-घोषणा पत्र (Affidavit).

सूची में अपना नाम कैसे चेक करें?

यदि आपने सर्वे में विवरण जमा कराया है, तो आप PMAY-G की आधिकारिक वेबसाइट (pmayg.nic.in) पर जाकर 'Stakeholders' सेक्शन के तहत 'IAY/PMAYG Beneficiary' विकल्प चुनकर अपने रजिस्ट्रेशन नंबर से स्टेटस और लिस्ट जांच सकते हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 22, 2026 03:18 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).