PM Kisan Yojana Update: होली से पहले मिल सकती है पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त की सौगात, पैसे क्रेडिट होने पर ऐसे चेक करें स्टेटस
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त का इंतजार कर रहे 9 करोड़ से अधिक किसानों के लिए अपडेट आया है. फरवरी के अंत या मार्च 2026 की शुरुआत में 2,000 रुपये की किस्त जारी होने की संभावना है.
PM Kisan Yojana: देश के करोड़ों किसानों के लिए केंद्र सरकार की सबसे बड़ी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) योजना, 'प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि' (PM-KISAN) की 22वीं किस्त को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं. आधिकारिक तौर पर तारीख की घोषणा होना अभी बाकी है, लेकिन माना जा रहा है कि होली के त्यौहार के आसपास यानी फरवरी के अंत या मार्च 2026 के पहले सप्ताह में पात्र किसानों के खातों में 2,000 रुपये क्रेडिट किए जा सकते हैं. इस किस्त से देश के लगभग 9 करोड़ से अधिक भूमिधारक किसान लाभान्वित होंगे.
चेक करने की प्रक्रिया
किसान यह सुनिश्चित करने के लिए कि उनका नाम सूची में है या नहीं, आधिकारिक पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं. प्रक्रिया इस प्रकार है:
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आधिकारिक वेबसाइट: सबसे पहले pmkisan.gov.in पर जाएं.
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फार्मर कॉर्नर: होमपेज पर 'Farmers Corner' सेक्शन में जाकर 'Know Your Status' पर क्लिक करें.
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पंजीकरण विवरण: अपना रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें. यदि नंबर नहीं है, तो 'Know your registration no.' लिंक पर क्लिक कर मोबाइल या आधार के जरिए इसे प्राप्त करें.
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डेटा प्राप्त करें: कैप्चा कोड भरकर 'Get Data' पर क्लिक करें. अब आपकी भुगतान स्थिति स्क्रीन पर दिखाई देगी. यदि वहां "FTO is generated" लिखा है, तो इसका अर्थ है कि भुगतान प्रक्रिया अंतिम चरण में है.
2026 के लिए नए और अनिवार्य नियम
सरकार ने पारदर्शिता बढ़ाने और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए 22वीं किस्त के लिए नियमों को सख्त कर दिया है:
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ई-केवाईसी (e-KYC): प्रत्येक लाभार्थी के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य है. इसे ओटीपी या सीएससी (CSC) सेंटर पर बायोमेट्रिक के जरिए पूरा किया जा सकता है.
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यूनिक किसान आईडी (Farmer ID): नई 'एग्रीस्टैक' (AgriStack) पहल के तहत 14 राज्यों (उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान सहित) में अब विशिष्ट किसान आईडी अनिवार्य कर दी गई है.
भुगतान अटकने के मुख्य कारण
अक्सर छोटी तकनीकी गलतियों की वजह से किसानों का पैसा 'Pending' या 'Failed' हो जाता है. इनमें प्रमुख हैं:
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आधार सीडिंग: बैंक खाते का आधार से लिंक न होना.
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भूमि सत्यापन: राज्य अधिकारियों द्वारा भूमि रिकॉर्ड का मिलान न हो पाना.
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नाम में विसंगति: आधार कार्ड और बैंक पासबुक में नाम की स्पेलिंग अलग होना.
जानें योजना के बारे में
2019 में शुरू हुई इस योजना के तहत किसानों को सालाना 6,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है, जो 2,000 रुपये की तीन किस्तों में मिलती है. 21वीं किस्त नवंबर 2025 में जारी की गई थी. आगामी 22वीं किस्त किसानों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे उन्हें खरीफ सीजन की तैयारियों, जैसे बीज और खाद की खरीद में मदद मिलेगी.