MHADA Konkan Board Lottery: महाराष्ट्र के विधायक-विधान परिषद सदस्यों के लिए खुशखबरी! कोकण बोर्ड लॉटरी में 96 मकान आरक्षित

कोकण बोर्ड की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) रेवती गायकवाड़ ने स्पष्ट किया है कि यदि इन 96 मकानों के लिए विधायकों या विधान परिषद सदस्यों से कोई आवेदन नहीं आता, तो इन्हें अन्य वर्गों (जैसे सामान्य श्रेणी) के लिए खोल दिया जाएगा.

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MHADA Konkan Board Lottery: महाराष्ट्र गृहनिर्माण एवं क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MHADA) की कोकण बोर्ड लॉटरी में एक विवादास्पद फैसला सामने आया है.  अक्टूबर 2025 में होने वाली इस लॉटरी में कुल 5,285 मकान और 77 प्लॉट के लिए ड्रॉ निकाला जाएगा. लेकिन इसमें महाराष्ट्र के विधायकों (MLAs) और विधान परिषद सदस्यों (MLCs) के लिए 96 मकान निम्न आय वर्ग (LIG) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के तहत आरक्षित किए गए हैं, जबकि इनकी आय इन श्रेणियों की निर्धारित सीमा से कहीं अधिक है. इस फैसले पर आम लोगों ने कड़ा विरोध जताया है, क्योंकि ये मकान गरीबों और मध्यम वर्ग के लिए आरक्षित होने चाहिए.

96 मकान MLAs-MLCs के लिए

MHADA कोकण बोर्ड ने यह लॉटरी ठाणे, कल्याण, तिटवाला, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरि और सिंधुदुर्ग के ओरस, वेंगुर्ला तथा मालवण जैसे क्षेत्रों में स्थित मकानों के लिए घोषित की है. इनमें से अधिकांश मकान प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY), 15% एकीकृत शहरी आवास योजना और 20% समावेशी आवास योजना के तहत आते हैं. कुल 5,285 मकानों में से 96 मकान विशेष रूप से विधायकों और विधान परिषद सदस्यों के लिए आरक्षित हैं. जिसका आम लोगो विरोध कर रहे है.

मकानों की कीमतें 9.55 लाख-52.83 लाख रुपये

कोकण बोर्ड की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) रेवती गायकवाड़ ने स्पष्ट किया है कि यदि इन 96 मकानों के लिए विधायकों या विधान परिषद सदस्यों से कोई आवेदन नहीं आता, तो इन्हें अन्य वर्गों (जैसे सामान्य श्रेणी) के लिए खोल दिया जाएगा. फिर भी, इस आरक्षण पर सवाल उठ रहे हैं कि यह गरीबों के हक को क्यों प्रभावित कर रहा है.

लोगों का विरोध

सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर लोगों ने इस फैसले की कड़ी आलोचना की है। कई यूजर्स ने इसे "गरीबों के अधिकारों पर कब्जा" बताया है। एक ट्विटर यूजर ने लिखा, "विधायकों की आय करोड़ों में है, फिर LIG/EWS मकान क्यों? ये तो गरीबों के लिए हैं!" इसी तरह, अन्य ने मांग की है कि MHADA इस आरक्षण को तुरंत रद्द करे या इसे उच्च आय वर्ग तक सीमित रखे. विपक्षी दल भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में हैं, क्योंकि यह महाराष्ट्र की आवास नीति पर सवाल खड़े करता है.

ऐसे करें आवेदन

MHADA ने सभी आवेदकों को सलाह दी है कि वे किसी दलाल या मध्यस्थ के संपर्क में न आएं, क्योंकि पूरी प्रक्रिया डिजिटल और पारदर्शी है. अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक बुकलेट और वीडियो गाइड वेबसाइट पर उपलब्ध हैं.

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