Maharashtra Namo Shetkari Yojana: नमो शेतकरी महासन्मान निधी को लेकर महाराष्ट्र सरकार बड़ा फैसला, किसान ID नहीं होने पर खाते में नहीं आएंगे पैसे
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Maharashtra Namo Shetkari Yojana: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi) की तर्ज पर महाराष्ट्र सरकार ने नमो शेतकरी महासन्मान निधि योजना लागू की है. इस योजना के तहत राज्य के किसानों को हर साल किश्तों में ₹12,000 मिलते हैं. लेकिन इस योजना के तहत जिन किसानों के पास किसान ID नहीं होगी, उनके खाते में पैसे नहीं आएंगे.

लाभ के लिए किसान ID जरूरी


इस योजना के तहत 15 अप्रैल से कृषि योजनाओं का लाभ पाने के लिए ‘किसान पहचान संख्या’ (Farmer ID) होना जरूरी हो जाएगा. अगर जिन किसानों के पास किसान आईडी नहीं होगी, तो उन्हें पीएम किसान सम्मान निधि योजना (PM-Kisan Samman Nidhi) और नमो शेतकरी महासन्मान निधि (Namo Shetkari Yojana) जैसी कई योजनाओं का फायदा नहीं मिल पाएगा. सरकार ने फैसला लिया है कि जिन किसानों के पास किसान आईडी नहीं होगी, उनके बैंक खाते में आने वाली किस्त के पैसे ट्रांसफर नहीं होंगे. यह भी पढ़े: PM Kisan 19th Instalment Date: कब जारी होगी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 19वीं किस्त? जानिए लाभार्थी बनने की पूरी प्रक्रिया

महाराष्ट्र में 1.71 करोड़ पंजीकृत किसान


एक रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र में 1.71 करोड़ पंजीकृत किसान हैं, लेकिन इनमें से लगभग एक करोड़ किसानों ने ही अब तक अपना किसान आईडी बनवाया है. बाकी किसान अभी तक अपना किसान आईडी नहीं बनवाए हैं. हालांकि, सरकार और प्रशासन की तरफ से बार-बार किसान आईडी बनाने के लिए अपील की जा रही है, लेकिन बहुत से किसानों ने अभी तक किसान आईडी के लिए पंजीकरण नहीं करवाया है. कृषि विभाग की तरफ से यह स्पष्ट कर दिया गया है कि अब से सभी योजनाएं सीधे इस पहचान क्रमांक से जुड़ेंगी.

किसान आईडी होने पर ही मिलेंगे सभी लाभ


सरकार की तरफ से कहा गया कि भविष्य में पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, महाडीबीटी पोर्टल पर उपलब्ध सभी योजनाएं, प्राकृतिक आपदा राहत, कृषि कर्ज और अन्य सभी सरकारी सहायता योजनाओं के लाभ सिर्फ उन्हीं किसानों को मिलेंगे जिनके पास किसान आईडी होगी.

जानें क्या है किसान आईडी?


किसान आईडी केंद्र की मोदी सरकार की ‘एग्रीस्टैक’ परियोजना का हिस्सा है, जिसके तहत किसानों के जमीन से जुड़े दस्तावेज, फसल की जानकारी, पशुधन और अब तक मिले सरकारी लाभों को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इकट्ठा किया जा रहा है. हर किसान के आधार नंबर को भी इससे जोड़ा जाएगा. एग्रीस्टैक एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसके तहत किसानों की जानकारी का एक व्यापक डेटाबेस बनाया जाएगा। हर किसान को एक यूनिक किसान आईडी मिलेगी, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की प्रक्रिया सरल और पारदर्शी हो जाएगी.

15 अप्रैल को किसान ID बनाने की अंतिम तारीख थी


किसान आईडी कार्ड बनाने को लेकर पहले पंजीकरण की आखिरी तारीख 31 मार्च थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 15 अप्रैल कर दिया गया था। जो तारीख अब बीत चुकी है. अब कोई किसान तब तक किसान ID नहीं बना सकता है, जब तक सरकार की तरफ से नई डेट नहीं घोषित की जाती है.