लाड़की बहन योजना: eKYC पूरा न होने से लाखों महिलाएं सूची से बाहर, क्या सरकार देगी सुधार का एक और मौका?

महाराष्ट्र सरकार की 'मुख्यमंत्री माझी लाड़की बहन योजना' के तहत पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता मिल रही है. हाल ही में सरकार ने खातों को सक्रिय रखने के लिए ई-केवाईसी (eKYC) की प्रक्रियाओं पर जोर दिया है, ताकि लाभार्थियों को बिना किसी रुकावट के राशि मिलती रहे.

Ladki Bahin Yojana Update

Mukhyamantri Majhi Ladki Bahin Yojana: महाराष्ट्र सरकार की सबसे लोकप्रिय और महत्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री माझी लाड़की बहन योजना' (Mukhyamantri Majhi Ladki Bahin Yojana) को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है. सरकार द्वारा अनिवार्य की गई ऑनलाइन ग्राहक पहचान यानी eKYC (इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर) प्रक्रिया को पूरा न करने के कारण राज्य की लाखों महिलाएं योजना की लाभार्थी सूची से बाहर हो गई हैं. महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा दी गई 30 अप्रैल 2026 की अंतिम समय-सीमा समाप्त होने के बाद भी करीब 26 लाख से अधिक महिलाओं की eKYC लंबित पाई गई थी. इसके चलते इन महिलाओं के बैंक खातों में मिलने वाली 1,500 रुपये की मासिक सहायता राशि पर रोक लगा दी गई है.

eKYC अभियान के बाद लाभार्थियों की संख्या में भारी गिरावट

योजना में पारदर्शिता लाने और केवल वास्तविक लाभार्थियों तक लाभ पहुंचाने के लिए सरकार ने सितंबर 2025 से आधार-आधारित eKYC सत्यापन अनिवार्य किया था. इस अभियान के तहत गलत या भ्रामक जानकारी देने वाले अपात्र आवेदकों को हटाने की प्रक्रिया तेज की गई थी.  यह भी पढ़े: Ladki Bahin Yojana Update: लाडकी बहनों के लिए खुशखबरी, लाभार्थियों के खातों में मार्च और अप्रैल की किस्त के पैसे आने शुरू, ऐसे चेक करें बैंक बैलेंस

शुरुआती दौर में इस योजना के तहत राज्य भर में करीब 2.43 करोड़ से अधिक महिलाएं पात्र थीं. हालांकि, हालिया वेरिफिकेशन ड्राइव और डेटा संशोधन के बाद अब सक्रिय और पूरी तरह पात्र लाभार्थियों की संख्या घटकर लगभग 1.77 करोड़ रह गई है. अकेले नासिक जैसे जिलों में ही दस्तावेजों की त्रुटियों और eKYC न होने के कारण लगभग 1 लाख महिलाओं को सूची से बाहर किया गया है.

क्या बाहर हुई महिलाओं को मिलेगा दोबारा मौका?

कल्याणकारी योजनाओं के नियमों के अनुसार, 30 अप्रैल की समय-सीमा बीतने के बाद वर्तमान में आधिकारिक पोर्टल पर सामूहिक रूप से तारीख बढ़ाने की कोई नई घोषणा नहीं की गई है. हालांकि, विभाग के सूत्रों और अधिकारियों के अनुसार, जो महिलाएं वास्तविक रूप से पात्र हैं लेकिन डिजिटल साक्षरता की कमी, खराब इंटरनेट कनेक्टिविटी या फॉर्म भरते समय गलत विकल्प चुनने के कारण तकनीकी रूप से बाहर हो गई हैं, उनके लिए सरकार राहत देने पर विचार कर रही है.

ऐसे मामलों में पीड़ित महिलाओं को सलाह दी जा रही है कि वे अपने नजदीकी 'जिला महिला विकास कार्यालय' (District Women Development Office) या अंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से अपने भौतिक दस्तावेजों (Aadhaar Card, Ration Card, Bank Passbook) का ऑफलाइन सत्यापन (Physical Verification) करवाएं. अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई महिला वास्तव में पात्र पाई जाती है, तो उसके डेटा को मैन्युअल रूप से सुधारा जाए.

मार्च-अप्रैल की क़िस्त के पैसे आने शुरू

इस बीच, जिन महिलाओं की eKYC प्रक्रिया पूरी तरह सफल रही है, उनके लिए एक अच्छी खबर है. सरकार ने इस हफ्ते से रुकी हुई मार्च और अप्रैल महीने की क़िस्त के पैसे  जारी कर रही है. अब तक लाखों लाभार्थियों के खाते में पैसे आ चुके हैं. वहीं बचे हुए लाभार्थियों के खाते में जल्द आ जायेगने.

भुगतान की स्थिति और eKYC स्टेटस कैसे जांचें?

यदि आप भी इस योजना की लाभार्थी हैं और आपकी किस्त अटक गई है, तो आप नीचे दिए गए चरणों के माध्यम से अपना स्टेटस ऑनलाइन देख सकती हैं:

  1. योजना के आधिकारिक पोर्टल ladakibahin.maharashtra.gov.in पर जाएं.

  2. अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर और पासवर्ड की सहायता से पोर्टल पर लॉगिन करें.

  3. डैशबोर्ड पर जाकर 'eKYC Status' और 'Application Status' विकल्प पर क्लिक करें.

  4. यदि वहां कोई त्रुटि (Error) दिखाई दे रही है, तो अपने बैंक खाते की 'NPCI मैपिंग' और आधार सीडिंग को तुरंत बैंक शाखा में जाकर दुरुस्त करवाएं.

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