PF Withdrawal via UPI: केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया की घोषणा, EPFO मेंबर्स जल्द UPI से निकाल सकेंगे पैसा, परीक्षण पूरा; जानें कैसे काम करेगी नई प्रणाली?
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने यूपीआई (UPI) के जरिए पीएफ एडवांस निकालने की नई डिजिटल प्रणाली का तकनीकी परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है. इस सुविधा के तहत खाताधारक तुरंत अपने बैंक खाते में पैसा ट्रांसफर कर सकेंगे. हालांकि, सेवानिवृत्ति फंड को सुरक्षित रखने के लिए सरकार ने 25 प्रतिशत बैलेंस को अनिवार्य रूप से बनाए रखने का नियम भी लागू किया है
PF Withdrawal via UPI: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के करोड़ों अंशधारकों (Subscribers) के लिए एक राहत भरी खबर है. ईपीएफओ ने एक नई डिजिटल व्यवस्था का तकनीकी परीक्षण (Technical Testing) सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है, जिसके तहत अब संगठित क्षेत्र के कर्मचारी अपने पीएफ (PF) खाते से यूपीआई (UPI) के जरिए तत्काल एडवांस राशि निकाल सकेंगे. केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के तहत आने वाले इस संगठन ने तकनीकी अपग्रेडेशन के साथ-साथ पीएफ निकासी के नियमों में भी कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, ताकि कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा और रिटायरमेंट फंड पर कोई आंच न आए.
कैसे काम करेगी UPI के जरिए पीएफ निकालने की नई प्रणाली?
आगामी डिजिटल तंत्र के तहत, पात्र पीएफ खाताधारक को ईपीएफओ के अपडेटेड मेंबर पोर्टल या यूनिफाइड एप्लिकेशन पर लॉगिन करना होगा. वहां वे एडवांस के रूप में निकाली जा सकने वाली सटीक राशि देख सकेंगे. यह भी पढ़े: PF Withdrawal Online in 2026: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की बड़ी पहल, अब चुटकियों में निकलेगा पीएफ का पैसा, ₹5 लाख तक के क्लेम के लिए नए नियम लागू
उपयोगकर्ता अपने पीएफ रिकॉर्ड में पहले से लिंक और सत्यापित बैंक खाते से जुड़े यूपीआई आईडी (UPI ID) का चयन करके ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू करेंगे. सुरक्षा की अंतिम कतार में खाताधारक को अपने डिवाइस पर स्टैंडर्ड यूपीआई पिन (UPI PIN) दर्ज करना होगा. पिन दर्ज होते ही सर्वर-साइड सेटलमेंट के जरिए पैसा बिना किसी कागजी कार्रवाई, मध्यस्थों या दस्तावेज अपलोड किए सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर हो जाएगा.
लंबी अवधि की सुरक्षा के लिए 25% बैलेंस रखना होगा अनिवार्य
त्वरित निकासी (Instant Checkout) की इस सुविधा के साथ ही श्रम मंत्रालय ने 'बैलेंस रिटेंशन थ्रेशोल्ड' (न्यूनतम शेष राशि का नियम) को भी कड़ा कर दिया है. ईपीएफओ के आंकड़ों के अनुसार, बार-बार छोटी-मोटी रकम निकालने की आदत के कारण लगभग 75 प्रतिशत सदस्यों के पास अंतिम निपटान (Final Settlement) के समय 50,000 रुपये से भी कम की राशि बचती है. इससे पीएफ पर मिलने वाले 8.25 प्रतिशत ब्याज दर के चक्रवर्धि लाभ (Compounding Benefits) का फायदा उन्हें नहीं मिल पाता.
इसी को ध्यान में रखते हुए नए सिस्टम के तहत नौकरी के दौरान यूपीआई के जरिए कुल संचित पीएफ राशि का अधिकतम 75 प्रतिशत हिस्सा ही एडवांस के रूप में निकाला जा सकेगा. शेष 25 प्रतिशत राशि खाते में कानूनी रूप से लॉक रहेगी, ताकि रिटायरमेंट के लिए एक बुनियादी कोष बना रहे.
पूर्ण निकासी (100% Withdrawal) के लिए ये शर्तें होंगी लागू
खाते से शत-प्रतिशत राशि निकालने की अनुमति केवल विशिष्ट वैधानिक परिस्थितियों में ही दी जाएगी.
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सेवानिवृत्ति: खाताधारक 55 वर्ष की औपचारिक सेवानिवृत्ति की आयु पूरी होने पर पूरी राशि निकाल सकते हैं.
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अन्य परिस्थितियां: स्थायी चिकित्सा विकलांगता या कंपनी की संरचनात्मक छंटनी की स्थिति में 100 प्रतिशत कॉर्पस निकाला जा सकता है.
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नौकरी छूटने पर: अस्थायी रूप से नौकरी जाने की स्थिति में कर्मचारी तुरंत 75 प्रतिशत हिस्सा प्लेटफॉर्म से निकाल सकेंगे. बाकी बचा 25 प्रतिशत हिस्सा लगातार 12 महीने तक बेरोजगार रहने के सत्यापन के बाद ही निकाला जा सकेगा.
ऑटो-सेटलमेंट सीमा बढ़कर हुई 5 लाख, शुरू होगी AI व्हाट्सएप सर्विस
तकनीकी सुधारों के इस पैकेज में ईपीएफओ ने अपने ऑटो-सेटलमेंट सिस्टम (Auto-Settlement System) का भी विस्तार किया है. अब बीमारी (Medical) और शिक्षा (Education) के उद्देश्यों के लिए स्वचालित अग्रिम राशि की सीमा को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है. इससे कर्मचारियों को क्षेत्रीय भविष्य निधि कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे. केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया के अनुसार, इन तकनीकी बदलावों और "निधि आपके निकट" अभियान के कारण ईपीएफओ के लंबित उपभोक्ता मामलों और न्यायाधिकरण मुकदमों की संख्या पिछले दो वर्षों में 4,936 से घटकर 2,646 रह गई है.
इसके अतिरिक्त, शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए ईपीएफओ जल्द ही एक एआई-संचालित (AI-driven) व्हाट्सएप सपोर्ट नेटवर्क लॉन्च करने जा रहा है. इसके जरिए सदस्य ईपीएफओ के सत्यापित कॉर्पोरेट नंबर पर संदेश भेजकर पिछले पांच लेनदेन, वर्तमान बैलेंस और क्लेम स्टेटस जैसी जानकारियां प्राप्त कर सकेंगे. यह सिस्टम सुरक्षा के लिए पहले यह जांच करेगा कि संदेश भेजने वाला मोबाइल नंबर सदस्य के यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) से लिंक है या नहीं, जिसके बाद स्थानीय भाषा का मेनू स्क्रीन पर दिखाई देगा.