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Bank Frauds: त्योहारों के मौसम में बैंकिंग धोखाधड़ी के 6 तरीकों से रहें सावधान! ऐसे करें सुरक्षित लेनदेन

त्योहारी सीज़न (Festive Season) के दौरान बैंकिंग धोखाधड़ी (Banking Fraud) आमतौर पर बढ़ जाती है. कई हैकर्स (Hacker) इस वक्त का इंतजार करते है, क्योकि त्योहारों में डिजिटल लेनदेन (Digital Transaction) में भारी इजाफा होता है. वहीं दूसरी और कोरोना वायरस महामारी के चलते लोग ऑनलाइन भुगतान (Online Payment) को प्राथमिकता दे रहे है.

Bank Frauds: त्योहारों के मौसम में बैंकिंग धोखाधड़ी के 6 तरीकों से रहें सावधान! ऐसे करें सुरक्षित लेनदेन
ATM कार्ड (Photo Credit- PTI)

Digital Payment Frauds: त्योहारी सीज़न (Festive Season) के दौरान बैंकिंग धोखाधड़ी (Banking Fraud) आमतौर पर बढ़ जाती है. कई हैकर्स (Hacker) इस वक्त का इंतजार करते है, क्योकि त्योहारों में डिजिटल लेनदेन (Digital Transaction) में भारी इजाफा होता है. वहीं दूसरी और कोरोना वायरस महामारी के चलते लोग ऑनलाइन भुगतान (Online Payment) को प्राथमिकता दे रहे है. ऐसे में हैकर्स आपकी फोन बैंकिंग (Phone Banking) या इंटरनेट बैंकिंग का इस्तेमाल कर बैंक खातों (Bank Account) को खाली कर सकते है. Digital Payment के दौरान आप भी हो सकते हैं धोखाधड़ी के शिकार, बचने के लिए फॉलो करें ये टिप्स

भारतीय रिज़र्व बैंक (Reserve Bank of India) ने लोगों को छह प्रकार की बैंक धोखाधड़ी (Bank Fraud) से सचेत किया है. आरबीआई कहता है यदि आपके बैंक खाते में अनधिकृत लेन-देन हुई है तो, इसकी सूचना तत्काल अपने बैंक को दीजिये, ऐसे में आप अधिक नुकसान से बच सकते है.

क्यूआर कोड धोखाधड़ी

बैंक खतों में सेंधमारी का QR code fraud सबसे आम तरीका है. जालसाज मोबाइल फोन पर क्यूआर कोड यानी क्विक रिस्पॉन्स कोड क्यूआर कोड (Quick Response Code) भेजते हैं, जब व्यक्ति लिंक पर क्लिक करता है, तो हैकर्स उसके मोबाइल फोन का क्यूआर कोड स्कैन करते हैं और बैंक खाते से पैसे निकाल लेते हैं.

UPI लिंक धोखाधड़ी

अधिकांश लोग यूपीआई लेनदेन को जादा तवज्जो देते है, लेकिन अब इसके जरिये भी धोखाधड़ी का काम शुरू हो गया है. हालांकि यह बैंकिंग करने का सबसे सुरक्षित तरीका है, लेकिन अब घोटालेबाज इस तरीके का इस्तेमाल लोगों को ठगने के लिए कर रहे हैं. UPI Link Fraud में ठग व्यक्ति को डेबिट लिंक भेजते है जिस पर क्लिक कर पिन डालते ही खाते से पैसे काट लिए जाते है. इस तरह की धोखाधड़ी से बचने के लिए किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें.

एटीएम कार्ड स्किमिंग (Skimming)

एटीएम स्किमिंग के जरिए हैकर्स कार्ड का डाटा चुरा सकते हैं, एटीएम के कार्ड रीडर स्लॉट में डिवाइस लगाकर एटीएम की जानकारियों को चुराया जाता है. इसके बाद जालसाज उन ग्राहकों के खाते से आसानी से पैसे निकाल लेते है. जबकि कई ठग नकली कीबोर्ड के माध्यम से भी ग्राहकों का डेटा चोरी भी करते हैं. इसलिए ऐसे किसी भी एटीएम से लेनदेन न करें जो सुनसान क्षेत्रों में हो. धोखाधड़ी से बचने के लिए हमेशा बैंक शाखा के बाहर स्थित एटीएम में या भीड़भाड़ वाले स्थान पर स्थित एटीएम का ही उपयोग करें.

फेक कॉल

धोखाधड़ी करने वाले लोग बैंक के नाम पर फर्जी कॉल करते है और लोगों से उनके बैंक खातों का विवरण मांगते है. जब उन्हें डिटेल्स मिल जाती है तो वे खाते से पैसे चुरा लेते हैं. सभी ग्राहकों को समय-समय पर अपने बैंक खातों की जांच करनी चाहिए और यदि उन्हें किसी प्रकार की निकासी दिखाई देती है जो उन्होंने नहीं की है, तो उन्हें तुरंत बैंक को सूचित करना चाहिए.

क्रेडिट / डेबिट कार्ड क्लोनिंग

एटीएम स्किमिंग (Credit/Debit Card Cloning) धोखाधड़ी करने का एक और तरीका है. ठग कार्ड की सारी जानकारियां हासिल कर लेने के बाद एक डुप्लीकेट कार्ड बनाते है, जिससे खाते से पैसे निकले जाते है.

व्हाट्सएप फर्जी कॉल

आजकल व्हाट्सएप के जरिए फर्जी कॉल (WhatsApp Fake Calls) कर जालसाज लोगों को ठग रहे है. कॉल करने वाला आपको बरगला कर आपसे पैसे ऐंठने की कोशिश करता है. किसी अनजान नंबर से ऐसी कॉल आने पर तुरंत नंबर ब्लॉक कर दें.

(The above story first appeared on LatestLY on Nov 06, 2020 11:05 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).