LAC पर तनाव के बीच गृह मंत्रालय ने कहा- बीते 6 महीनों में चीन से सटी सीमा पर नहीं हुई कोई घुसपैठ
लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीन के साथ चल रहे तनाव के बीच केंद्र सरकार ने बुधवार को संसद को बताया कि पिछले छह महीनों में भारत-चीन सीमा पर कोई घुसपैठ की सूचना नहीं मिली है. जबकि इस अवधि में पाकिस्तान द्वारा 47 बार घुसपैठ की कोशिश की गई थी.
नई दिल्ली: लद्दाख (Ladakh) में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीन (China) के साथ चल रहे तनाव के बीच केंद्र सरकार ने बुधवार को संसद को बताया कि पिछले छह महीनों में भारत-चीन सीमा पर कोई घुसपैठ (Infiltration) की सूचना नहीं मिली है. जबकि इस अवधि में पाकिस्तान द्वारा 47 बार घुसपैठ की कोशिश की गई थी.
पाकिस्तान और चीन से घुसपैठ के संबंध में एक सवाल के लिखित जवाब में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय (Nityanand Rai) ने राज्यसभा (Rajya Sabha) को बताया "पिछले छह महीनों के दौरान भारत-चीन सीमा पर कोई घुसपैठ नहीं हुई है." भारत और चीन के बीच 3488 किलोमीटर लंबी सीमा है, जो लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश के साथ लगी है. चीन-पाकिस्तान की बढ़ेगी टेंशन, भारत और अमेरिका के बीच रक्षा शिष्टमण्डलों की होगी बैठक
Number of cases of attempted infiltration along India-Pakistan border during last 6 months are - Feb 0, March 4, April 24, May 8, June 0, Jul 11: MoS MHA Nityanand Rai on 'whether it is a fact that cases of infiltration from Pak & China has increased during the last six months' https://t.co/SlCbTKiDqt
— ANI (@ANI) September 16, 2020
वहीं, केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत-पाकिस्तान सीमा पर घुसपैठ तेजी से हुई है. उन्होंने बताया कि पाकिस्तान की तरफ से फरवरी में शून्य, मार्च में चार, अप्रैल में 24, मई में आठ, जून में शून्य और जुलाई में 11 बार घुसपैठ की कोशिश की गई. जम्मू-कश्मीर में पिछले तीन वर्षो में पाकिस्तानी आतंकियों द्वारा घुसपैठ के 594 प्रयास किये जाने के मामले सामने आए जिसमें 312 घुसपैठ हुई.
उल्लेखनीय है कि बीते सात सितंबर को चुशुल सब सेक्टर में 45 वर्षों में पहली बार एलएसी पर फ़ायरिंग हुई. फायरिंग को लेकर भारत और चीन ने बयान भी जारी किया था. चीनी सेना पीपल्स लिबरेशन आर्मी (People's Liberation Army) द्वारा 29 और 30 अगस्त की दरम्यानी रात पैंगोंग सो झील इलाके में उकसाने वाली कार्रवाई के बाद स्थिति संवेदनशील बन गई. दोनों देशों की सेनाएं पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर करीब चार महीने से आमने-सामने हैं. बातचीत के कई स्तर के बावजूद, कोई सफलता नहीं मिली है और गतिरोध जारी है. यहां चीन कुछ समय से यथास्थिति बदलने का प्रयास कर रहा है, हालांकि भारतीय जवान हर बार चीन के मंसूबे नाकाम कर दे रहे है.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 16, 2020 02:29 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

